मनरेगा में फर्जी हाजिरी का सारण में खेल उजागर, National Hindi News


सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में फर्जी एनएमएमएस हाजिरी एवं सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की गई है। कई अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया और प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति और ऐप पर दर्ज उपस्थिति में गंभीर विसंगतियां मिलीं।

गबन में एफआईआर व दोषियों पर लगा जुर्माना डीएम के निर्देश पर डीडीसी ने कई अधिकारियों पर की सख्त कार्रवाई न्यूमेरिक 04 योजनाओं में अनियमितता मिली छपरा, नगर प्रतिनिधि। सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में फर्जी एनएमएमएस हाजिरी और सरकारी राशि के दुरुपयोग पर जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से मिले गाइडलाइंस के मुताबिक बड़ी कार्रवाई की गयी है।

जांच के परिणाम

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की जांच में सदर और सोनपुर प्रखंड की चार योजनाओं में मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति और नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप पर दर्ज हाजिरी में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। कार्रवाई के तहत जहां एक योजना में 3.21 लाख रुपये की सरकारी राशि की वसूली का निर्देश दिया गया है, वहीं फर्जी एनएमएमएस, सरकारी राशि के गबन और निष्फल व्यय के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों-कर्मियों पर जुर्माना लगाया गया है तथा संबंधित मेटों का निबंधन भी रद्द कर दिया गया है।

जांच की प्रक्रिया

ग्रामीण विकास विभाग की टीम की जांच में मिली अनिमियता मालूम हो कि 13 जून को ग्रामीण विकास विभाग की टीम ने सदर प्रखंड की ग्राम पंचायत राज मौना एवं लोहड़ी तथा सोनपुर प्रखंड की नयागांव पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया था। जांच के दौरान कई कार्यस्थलों पर मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति एनएमएमएस ऐप में दर्ज उपस्थिति से मेल नहीं खाई। जांच रिपोर्ट निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सुमिता कुमारी तथा सहायक अभियंता, मनरेगा अंजनी कुमार ने तैयार की, जिसके आधार पर डीडीसी ने कार्रवाई की।

सामाजिक कार्य में अनियमितता

सबसे गंभीर अनियमितता सदर प्रखंड की मौना पंचायत के जमुना गांव में बदरी राय के खेत से फटा पीपल तक पईन सफाई (आईसी-20651075) योजना में मिली। लगभग 4.88 लाख रुपये की स्वीकृत योजना में 3,21,703 रुपये का भुगतान कर दिया गया था, लेकिन जांच में भुगतान के अनुरूप कार्य नहीं मिला। निरीक्षण के समय 22 मजदूर कार्यस्थल पर मौजूद थे, जबकि उनकी उपस्थिति एनएमएमएस ऐप पर दर्ज नहीं थी। जांच में आशंका जताई गई कि जांच दल के पहुंचने की सूचना मिलने पर मजदूरों को जल्दबाजी में कार्यस्थल पर बुलाया गया।इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक सत्येन्द्र यादव, कनीय अभियंता सुहेल अख्तर नोमानी तथा पंचायत रोजगार सेवक अंजय कुमार से 3,21,703 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया है। वहीं पंचायत तकनीकी सहायक सत्येन्द्र यादव, पंचायत रोजगार सेवक अंजय कुमार तथा मेट शैलेन्द्र कुमार के विरुद्ध फर्जी एनएमएमएस, सरकारी राशि के गबन एवं निष्फल व्यय के आरोप में मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही मेट का निबंधन रद्द करने का भी निर्देश दिया गया है।

अन्य योजनाओं की स्थिति

एक-एक हजार रुपये का जुर्माना मौना पंचायत की दूसरी योजना लालू सिंह के खेत से बबलू प्रसाद के खेत तक पईन सफाई (आईसी-20663477) में कोई भुगतान नहीं हुआ था, लेकिन जांच के दौरान 25 मजदूर मौजूद मिले और किसी की भी एनएमएमएस उपस्थिति दर्ज नहीं थी। इस मामले में कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक सत्येन्द्र यादव, कनीय अभियंता सुहेल अख्तर नोमानी तथा पंचायत रोजगार सेवक अंजय कुमार पर मनरेगा अधिनियम की धारा-25 के तहत एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सदर प्रखंड की लोहड़ी पंचायत में उदय सिंह के खेत से विनोद कुमार के खेत तक पईन सफाई (आईसी-20662606) योजना में भी यही स्थिति सामने आई। यहां भी 25 मजदूर कार्यस्थल पर मिले, लेकिन उनकी एनएमएमएस उपस्थिति दर्ज नहीं थी। इस मामले में कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक सत्येन्द्र यादव, कनीय अभियंता सुहेल अख्तर नोमानी, पंचायत रोजगार सेवक मदन कुमार सिंह तथा मेट सम्मा कुमारी पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और मेट का निबंधन रद्द करने का आदेश दिया गया।

सुरक्षा सुनिश्चित करना

कार्यस्थल पर नहीं मिला कोई मजदूर सोनपुर प्रखंड की नयागांव पंचायत में चैंवर में द साई ग्रीन से मठ चिलावा सीमा तक पईन उड़ाही कार्य (आईसी-20609433) की जांच के दौरान कोई मजदूर कार्यरत नहीं मिला और संबंधित तिथि का एनएमएमएस भी दर्ज नहीं था। पंचायत रोजगार सेवक ने बारिश के कारण कार्य नहीं होने का स्पष्टीकरण दिया, लेकिन जांच टीम ने इसे स्वीकार नहीं किया। हालांकि इस योजना में अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। इस मामले में कार्यक्रम पदाधिकारी रीना कुमारी, पंचायत तकनीकी सहायक कन्हैया लाल शर्मा, कनीय अभियंता शुभमनी, पंचायत रोजगार सेवक शिवशरण दास तथा मेट सतीश कुमार पर मनरेगा अधिनियम की धारा-25 के तहत एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा मेट का निबंधन रद्द करने का निर्देश जारी किया गया। डीडीसी की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि मनरेगा योजनाओं में फर्जी उपस्थिति, सरकारी राशि के दुरुपयोग और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने पर और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सामान्य प्रश्न

सारण जिले में किस योजना में अनियमितता मिली है?

सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में फर्जी एनएमएमएस हाजिरी और सरकारी राशि के दुरुपयोग पर अनियमितता मिली है।

कितने अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है?+



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