अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर शुभेंदु सरकार का ऐक्शन शुरू हो गया है। शनिवार सुबह इस दफ्तर के पास बुलडोजर पहुंचे और उसे गिराया जाने लगा। प्रशासन ने बनर्जी के दफ्तर पर कुछ दिनों पहले ही नोटिस चस्पा किया था और उसे अवैध बताया गया था।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार हटते ही टीएमसी नेताओं पर ऐक्शन शुरू हो गया। अब शुभेंदु सरकार की ओर से ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है। दक्षिण 24 परगना में शनिवार को पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के दफ्तर को कथित रूप से अवैध बताकर गिराना शुरू कर दिया है। यह दफ्तर अमतला में अमतला-बरुईपुर रोड पर था।
शनिवार सुबह इस दफ्तर के पास बुलडोजर पहुंचे और उसे गिराया जाने लगा। प्रशासन ने बनर्जी के दफ्तर पर कुछ दिनों पहले ही नोटिस चस्पा किया था और उसे अवैध बताया गया था। प्रशासन का आरोप है कि यह बिल्डिंग बिना अनुमति के बनाई गई थी। बुलडोजर पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई। इसके अलावा, आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। आसपास के लोग भी घटनास्थल पर आ पहुंचे और बिल्डिंग को गिराए जाने की घटना देखने लगे। हालांकि, पुलिस उन्हें वहां से दूर करने की पुरजोर कोशिश करती रही।
सूत्रों के अनुसार, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ऑफिस बंद था। सूत्रों ने बताया कि साउथ 24 परगना डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कथित गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के बारे में नोटिस जारी होने के बावजूद, कोई भी रिप्रेजेंटेटिव तय समय में डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद, अधिकारियों ने सरकारी नियमों के मुताबिक बेदखली की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कदम उठाए। इस घटनाक्रम को देखने के लिए इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई है, और किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पांच मंजिला इमारत थी
यह पांच मंजिला ऑफिस की इमारत अमताला मार्केट के पास बनी हुई थी और प्रशासन ने जो प्लान मंजूर किया था, उसके विपरीत जाकर इसका निर्माण करवाया गया था। इसके बाद, प्रशासन ने नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इससे पहले, 24 मई को ईएम बाईपास के पास मथपुकुर में टीएमसी पार्टी के दफ्तर को भी बुलडोजर की कार्रवाई में गिरा दिया गया था।
अभिषेक बनर्जी ने लगाए थे आरोप
इससे पहले तीन जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने जमकर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऑफिस या उनसे जुड़े करीब 25 लोगों को बिना सही नोटिस दिए और कानूनी सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए पूछताछ के लिए बुलाया गया या उठाया गया। बनर्जी ने कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में, एसटीएफ/सीआईडी बंगाल पुलिस ने बिना सही नोटिस दिए और बेसिक कानूनी सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए मेरे ऑफिस या मुझसे जुड़े करीब 25 लोगों को अचानक बुलाया या अचानक उठाया, यह सब पूछताछ के नाम पर किया गया। उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और मेरे खिलाफ झूठे बयान देने के लिए दबाव डाला जा रहा है। फोन टैप किए जा रहे हैं, और यहां तक कि परिवार के सदस्यों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं को परेशान और धमकाया जा रहा है। यह सबसे बुरी तरह की राजनीतिक धमकी है।”