Muzaffarpur BDO Case: प्यार अंधा होता है. लेकिन किसी के प्यार में अंधा होकर कोई अपनी ही जीवनसंगिनी का दुश्मन बन जाए. तो मानवता शर्मसार हो जाती है. मुजफ्फरपुर से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां जाले के बीडीओ मनोज कुमार एक महिला दरोगा अनु कुमारी के इश्क में इस कदर गिरफ्तार थे कि उन्होंने अपनी ही पत्नी अमृता को रास्ते से हटाने के लिए प्रताड़ना का खूनी खेल खेला. मृतका के भाई राजकुमार ने बीडीओ और उनके परिवार पर अमृता की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगाया है. भाई का कहना है कि अगर वह महिला दरोगा बीडीओ की जिंदगी में न आई होती. तो आज उसकी बहन जिंदा होती.
कभी गर्भ में घुट गई बच्चे की सांस, तो कभी तोड़ दी रीढ़ की हड्डी
अमृता की शादी के बाद से ही उस पर जुल्मों का पहाड़ टूटने लगा था. परिजनों का आरोप है कि साल 2024 में जब अमृता आठ महीने की गर्भवती थी और उसे लेबर पेन हुआ. तो बीडीओ उसे अस्पताल ले जाने के बजाय मीटिंग में चले गए. देरी के कारण बच्चे की पेट में ही मौत हो गई. इसके बाद जनवरी 2026 में दरभंगा के जाले स्थित सरकारी आवास में बीडीओ ने अमृता को इस कदर पीटा कि उसकी रीढ़ की हड्डी में हेयर फ्रैक्चर हो गया. और वह दो महीने तक बिस्तर पर रही. साल 2025 में हुई मारपीट का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जिसमें बीडीओ के पूरे परिवार की हैवानियत साफ दिख रही है. आरोप है कि महिला दरोगा अनु कुमारी ने खुद अमृता को फोन कर रास्ते से हटने की धमकी दी थी.
महिला दरोगा को बेल मिलने पर उठे सवाल, गायब मोबाइल की तलाश में जुटी पुलिस
अमृता की मौत के बाद मिठनपुरा पुलिस ने नामजद आरोपी महिला दरोगा अनु कुमारी को गिरफ्तार किया था. लेकिन कोर्ट से उसे पीआर बांड पर जमानत मिल गई. इस पर मृतका के भाई ने पुलिस पर केस डायरी कमजोर करने का आरोप लगाया है. हालांकि थानेदार अजय कुमार ने इसे निराधार बताया है. इधर. घटना के बाद से बीडीओ का पूरा परिवार फरार है और उन्होंने अमृता का मोबाइल भी गायब कर दिया है. पुलिस की टेक्निकल सेल मोबाइल की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है. पुलिस ने बीडीओ का मोबाइल और परिजनों द्वारा सौंपे गए चैट व फोटो जब्त कर लिए हैं. जिनकी प्रामाणिकता साबित करने के लिए इन्हें एफएसएल (फॉरेंसिक जांच) के लिए भेजा जा रहा है ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके.