मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण में गुणवत्ता से खेल. (etv bharat)
फिरोजाबाद: जनपद में 24 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विधालय में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ हो रहा है. इस विद्यालय के निर्माण में जंग लगी सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है. डीएम संतोष कुमार शर्मा जब इस विद्यालय की प्रगति देखने पहुंचे तो दंग रह गए. उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए है कि टेक्निकल टीम गठित कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की विस्तृत जांच करायी जाए. जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए है कि मजदूरों की संख्या को बढ़ाकर हर हाल में इस विधालय का निर्माण जनवरी 2027 तक निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए.
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के मुताबिक 28.2 हेक्टेयर में बन रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना कुल लागत 24 करोड़ 19 लाख रुपये है. इस विद्यालय का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है. कार्य की शुरुआत जुलाई 2025 में हुई थी और इसे जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जाना है, लेकिन वर्तमान प्रगति संतोष जनक नहीं है.
जिलाधिकारी ने बताया कि मौके पर भवन निर्माण की फिनिशिंग सही नहीं पाई गई. सबसे गंभीर लापरवाही यह मिली कि निर्माण में जंग लगी हुई सरिया का उपयोग किया जा रहा था, जिससे कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर की पायी गई. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर मौजूद इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई गयी साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि तत्काल एक विशेषज्ञ तकनीकी टीम का गठन किया जाए.
पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से तकनीकी जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. विद्यालय में बच्चों के लिए पेयजल (साफ पानी) की व्यवस्था और खेल के मैदान (प्लेग्राउंड) के विकास को लेकर भी विस्तृत पूछताछ की गयी. अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेल मैदान और पानी की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए. जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को सख्त संदेश दिए गए है कि शासकीय योजनाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
जंग लगी सरिया का इस्तेमाल और खराब फिनिशिंग बेहद गंभीर मामला है. ठेकेदार और कार्यदायी संस्था तुरंत मजदूरों की संख्या बढ़ाएं और दिन-रात काम लगाकर तय समय-सीमा (जनवरी 2027) के भीतर मानक के अनुसार कार्य पूर्ण करें. यदि दोबारा जांच में गुणवत्ता खराब मिली, तो संबंधित के खिलाफ कठोरतम वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.