भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की विरासत लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है. पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने इस बदलाव को समझाने के लिए हॉलीवुड की मशहूर ‘टर्मिनेटर’ फिल्म सीरीज का उदाहरण दिया. उन्होंने खुद को ‘टर्मिनेटर’, अपने शिष्य अभिषेक शर्मा को ‘टर्मिनेटर-4’ और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को ‘टर्मिनेटर-6’ बताया. युवराज का कहना है कि हर नई पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा विकसित, निडर और विस्फोटक बन रही है.
जियोहॉटस्टार से बातचीत में युवराज सिंह ने कहा, ‘मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं. अब टर्मिनेटर-4 अभिषेक शर्मा है, जो मुझसे चार गुना बेहतर है. उसके बाद टर्मिनेटर-6 वैभव सूर्यवंशी है, जिसने इस खेल को और आगे बढ़ा दिया है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने अपने दौर में जो किया, अभिषेक ने उसे अगले स्तर तक पहुंचाया और अब वैभव नए मानक स्थापित कर रहा है. यह उसी सफर का तीसरा चरण है. खेल को इस तरह विकसित होते देखना शानदार लगता है.’
आखिर ‘टर्मिनेटर’ से क्या मतलब था?
‘टर्मिनेटर’ हॉलीवुड की सबसे चर्चित साइंस-फिक्शन एक्शन फ्रेंचाइजी है, जिसकी शुरुआत 1984 में हुई थी. इस सीरीज में अर्नोल्ड श्वार्जनेगर ने एक शक्तिशाली साइबॉर्ग (T-800) का किरदार निभाया. समय के साथ इस फ्रेंचाइजी के कई सीक्वल आए और हर नए संस्करण में पहले से ज्यादा उन्नत मशीन दिखाई गई.
Champions recognize the changing game. 💥
Yuvraj Singh shares how cricket’s next generation, led by Abhishek Sharma and Vaibhav, is embracing the same fearless approach that defines Jannik Sinner and Carlos Alcaraz.#Wimbledon 2026 | LIVE NOW on Star Sports & JioHotstar pic.twitter.com/yqXRy1gRVd
— Star Sports (@StarSportsIndia) July 12, 2026
युवराज ने इसी विकासक्रम को भारतीय बल्लेबाजी से जोड़ा. उनका आशय यह था कि उन्होंने अपने दौर में आक्रामक बल्लेबाजी की एक पहचान बनाई, अभिषेक शर्मा ने उसे और ऊंचाई दी और अब वैभव सूर्यवंशी उससे भी आगे जाकर नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यानी वैभव को उन्होंने भारतीय क्रिकेट का सबसे ‘एडवांस्ड वर्जन’ बताया.
‘वैभव के साथ भी काम करना चाहूंगा’
विम्बलडन पुरुष सिंग्ल्स फाइनल के दौरान युवराज, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी एक साथ मौजूद थे. इस दौरान युवराज ने टेनिस और क्रिकेट की तुलना करते हुए कहा कि जैसे यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज टेनिस का भविष्य बदल रहे हैं, वैसे ही क्रिकेट में अभिषेक और वैभव नई सोच लेकर आए हैं.
उन्होंने कहा, ‘मैंने अभिषेक के साथ काफी समय तक काम किया है. अब मैं वैभव के साथ भी समय बिताना चाहूंगा. उसके सामने शानदार करियर है। वह बेहद गंभीर खिलाड़ी है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह बहुत आगे जाएगा.’
‘युवी पाजी मेरे भी आदर्श हैं’
वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि युवराज सिंह से पहली मुलाकात उनके लिए बेहद खास रही. उन्होंने कहा, ‘युवी पाजी मेरे भी आदर्श हैं. उनसे पहली बार मिलना बहुत खास पल था. उन्होंने सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, बल्कि खेल के मानसिक पहलू, दबाव से निपटने और खुद पर विश्वास बनाए रखने के बारे में भी बहुत कुछ बताया. मुझे यकीन है कि उनकी बातें मेरे पूरे करियर में काम आएंगी.’
अभिषेक बोले- मैं वैभव की भावना समझ सकता हूं
युवराज के शिष्य अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह वैभव की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं. उन्होंने कहा, ‘युवी पाजी मेरे भी आइडल हैं. जब मैं उनसे पहली बार मिला था तो मेरी भी बिल्कुल वही भावना थी, जो आज वैभव महसूस कर रहा है. पहली बार विम्बलडन फाइनल देखना और वह भी युवी पाजी और वैभव के साथ, मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा.’
युवराज सिंह के इस ‘टर्मिनेटर’ वाले बयान ने एक तरह से भारतीय क्रिकेट की तीन पीढ़ियों की तस्वीर पेश कर दी है। पहले युवराज ने आक्रामक बल्लेबाजी का रास्ता दिखाया, फिर अभिषेक शर्मा ने उसे और धार दी, और अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को वह उस नई पीढ़ी का चेहरा मान रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट में निडर बल्लेबाजी की परिभाषा बदल सकती है।
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