राम मंदिर चढ़ावा चोरी का पैसा इस्तेमाल करने वालों का छिना सुख-चैन, कई जिलों में हड़कंप, Uttar-pradesh Hindi News


चढ़ावा चोरी के आरोपियों से कई राउंड की पूछताछ हो चुकी है। इसमें चढ़ावा चोरी के पैसों का कई जगह इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। पुलिस सभी के बयान का सत्यापन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों के पास अचानक इतना पैसा आ गया था कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि कहां इस्तेमाल करें।

विनोद पांडेय

अयाोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का पैसा इस्तेमाल करने वाले आरोपियों के रिश्तेदारों का भी सुख चैन छिन गया है। पुलिस उन्हें भी सह आरोपी बना सकती है। अयोध्या, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, बस्ती, गोंडा समेत आसपास के जिलों में आठों आरोपियों और उनके करीबी, रिश्तेदारों की संपत्ति का पता लगाया जा रहा है। इससे इन जिलों में रहने वाले आरोपियों से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपियों के बैंक खातों से लेनदेन करने वाले भी जांच के दायरे में हैं।

चढ़ावा चोरी के आरोपियों से पुलिस कई चक्र पूछताछ कर चुकी है। जेल के अलावा कस्टडी रिमांड के दौरान आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हो चुकी है। लंबी पूछताछ और जांच में चोरी के पैसों का कई जगह इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। पुलिस सभी के बयान का सत्यापन कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के पास अचानक इतना पैसा आया कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि कहां इस्तेमाल करें। कुछ ने अपनी शानो शौकत दिखाने में खर्च किए तो कुछ ने संपत्तियां खरीदीं। यह भी पता चला है कि आरोपियों से यदि उनके रिश्तेदारों ने आर्थिक मदद मांगी तो उन्हें भी चोरी का धन मुहैया कराया।

जांच एजेंसी बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही है। पहले आरोपियों के बैंक खाते की जांच की गई। अब उन खातों की जांच की जा रही है जिन्हें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। इतना ही नहीं, करीबी रिश्तेदारों के भी बैंक खाते और हाल में खरीदी गई संपत्ति, नवनिर्माण को भी चढ़ावा चोरी से जोड़ा जाएगा। एक अधिकारी का कहना है कि कुछ ने अपने रिश्तेदारों को नगद पैसे दिए हैं। उनकी माली हालत, हाल में खरीदी गई संपत्ति तथा नवनिर्माण की जांच की जाएगी। किसी ने यदि अपने कारोबार को बढ़ाया, घर बनवाया या फिर किसी अन्य बिजनेस में कैश पैसों का इस्तेमाल किया तो उसे चोरी की रकम से जोड़ा जाएगा। ऐसे लोगों को सह आरोपी मानते हुए आरोप पत्र तैयार होगा।

कांग्रेस ने जेल में खास सुविधाएं देने के आरोप लगाए

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को न्यायिक अभिरक्षा के दौरान जेल में कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने के आरोप सामने आए हैं। कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल खड़े किए हैं। यूपी कांग्रेस के एक्स हैंडल पर कहा गया, ‘राममंदिर का चोर जेल में माननीय, भाजपा सरकार का सिस्टम हुआ पानी पानी’। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल एक इंटरव्यू में भी टिन्नू को जेल में विशेष सुविधाएं मिलने का दावा किया गया है। उधर जेल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

करते हुए कहा है कि सामान्य बंदियों की तरह टिन्नू यादव सीसीटीवी की गहन निगरानी में रह रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वह ‘माननीय विधायक’ की तरह ठाट बाट से रह रहा है। जेल की बैरक में सोफा, टीवी और मच्छरों से बचने के लिए ऑल आउट मशीन लगी है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक रिपोर्ट के दौरान टिन्नू यादव के एक पड़ोसी, जो उससे मिलने गए थे, ने दावा किया कि जेल में मिलने वालों की लंबी कतार लगी रहती हैै। उसके मोहल्ले की कुछ महिलाओं ने कहा कि परिवार की महिलाओं ने गहने पहनना बंद कर दिया था। और परिवार कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकला। अब धीरे-धीरे वे सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं।

निर्मोही अखाड़ा ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अन्य अनियमितता के बीच अब निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में निर्मोही आखाड़ा ने 9 नवंबर, 2019 के अयोध्या मामले में संविधान पीठ के ऐतिहासिक फैसले को ‘सही ढंग से लागू’ करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।



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