Delhi:क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा, चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत पांच गिरफ्तार; लाखों के लेन-देन का संकेत – Delhi: Cricket Betting Racket Busted; Five Arrested, Including A Chartered Accountant.


पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर थाना पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर लाइव सट्टेबाजी संचालित कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में लाखों रुपये के अवैध लेन-देन के संकेत मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में शारदापुरी निवासी जतिन टंडन, हरिनगर निवासी योगेश गोयल, विजय विहार निवासी अनमोल, राजिंदर नगर निवासी शिखर अग्रवाल और शारदापुरी निवासी मोहित ढिंगरा शामिल हैं। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि पुलिस को क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए मुखबिरों को सक्रिय किया गया। 

16 जुलाई को एन ब्लॉक स्थित एक मकान से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी चलने की पुख्ता जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी महावीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारा। छापे के दौरान मौके पर पांच लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी करते मिले। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने लैपटॉप और मोबाइल फोन बंद कर डिजिटल साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने तत्काल सभी को काबू कर लिया। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर लाइव सट्टेबाजी का इंटरफेस खुला मिला, जिससे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी आसानी से अधिक पैसा कमाने के लालच में इस रैकेट से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार जतिन टंडन एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि योगेश गोयल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। अनमोल पहले परिवार के साथ कपड़ों का कारोबार करता था, लेकिन कारोबार में भारी नुकसान के बाद वह इस अवैध धंधे से जुड़ गया। मोहित ढिंगरा ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण नौकरी छोड़ दी थी और बाद में रैकेट का हिस्सा बन गया। वहीं शिखर अग्रवाल को इस पूरे नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है। 

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कितने समय से किया जा रहा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध कमाई का पैसा किन माध्यमों से इधर-उधर किया जाता था। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।



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