राहुल-अखिलेश अलग-थलग, शरद पवार को लगाया गले! बीजेपी बनी खिलाड़ियों की खिलाड़ी, पहली बार ऐसा ‘खेला’ – bjp isolated to congress samajwadi party in parliament to secure required two-thirds majority and contacting with all parties including sharad pawar ncp sp


Monsson Session: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। एडीए महिला कोटा और परिसीमन के लिए आवश्यक संख्या के करीब है। इसके लिए बीजेपी कांग्रेस और सपा को छोड़कर सभी दलों के साथ संपर्क कर रही है। इसमें वह शरद पवार को भी साथ लाने के लिए संभावनाओं पर भी विचार और कोशिश चल रही है।

NDA Firms Up Numbers for Monsoon session
संसद के मानसून सत्र के लिए आंकड़े जुटा रहा एनडीए
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने ताबड़तोड़ तैयारी कर रही है। इसके लिए बीजेपी ने जबरदस्त कोशिशें कर रही है। एनडीए नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया के ज़रिए महिला आरक्षण को लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल फिर से पेश करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बीजेपी ने राहुल गांधी की कांग्रेस और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को अलग-थलग करने की पूरी प्लानिंग की है।

कांग्रेस और सपा को छोड़कर सबसे संपर्क साध रही बीजेपी

  • 20 जुलाई यानी सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने, महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर हंगामे के आसार हैं। मानसून सत्र से पहले NDA ने अपनी राजनीतिक और विधायी कोशिशें तेज कर दी हैं।
  • BJP सूत्रों का कहना है कि जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए पार्टी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर बाकी सभी दलों से संपर्क कर रही है।

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में NDA की हाई लेवल मीटिंग

  • द इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, NDA संसद में इस बार पूरे दम-खम के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अग में NDA की एक हाई-लेवल स्ट्रैटेजी मीटिंग हुई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और अहम सहयोगी शामिल हुए। इस बैठक में 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के लिए विधायी एजेंडे और फ्लोर कोऑर्डिनेशन की समीक्षा की गई।
  • केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को मानसून सत्र में विधेयकों पर सहमति के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई, ताकि जरूरी विधेयकों को पारित कराया जा सके।

सरकार कर रही कई विकल्पों पर विचार

रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी भी शामिल है। ऐसा परिसीमन प्रक्रिया के दौरान जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है।

सरकार बिल पास कराने के लिए बना रही नया ड्रॉफ्ट

केंद्र सरकार का पिछला संविधान संशोधन बिल अप्रैल में लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया था, इसलिए अब एक नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

बीजेपी कर रही शरद पवार को शामिल करने भी विचार

  • सूत्रों ने यह भी बताया कि BJP शरद पवार की अगुवाई वाली NCP (SP) के NDA में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि, उसकी प्राथमिकता किसी भी औपचारिक गठबंधन से पहले NCP के दोनों गुटों का फिर से एक होना है।
  • संसद में चूंकि संख्या बल मायने रखता है, इसलिए BJP NCP (SCP) के NDA में शामिल होने की संभावना तलाश रही है, लेकिन वह NCP के फिर से एक होने को प्राथमिकता देती है।

एनडीए बदल सकता है दो अध्यादेश

  • संविधान संशोधन के अलावा, NDA ने सरकार की विधायी प्राथमिकताओं की समीक्षा की, जिसमें मानसून सत्र के दौरान दो अध्यादेशों को बदलने की योजना भी शामिल है।
  • इनमें से एक इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 है, जो उस अध्यादेश की जगह लेगा जिसके तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़) में निवेश से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन्स पर इनकम टैक्स से छूट मिलती है।
  • यह अध्यादेश पिछले महीने पश्चिमी एशिया संकट से पैदा हुई अस्थिरता के बीच विदेशी पूंजी को आकर्षित करने और रुपये को सहारा देने के लिए जारी किया गया था।

जदयू और रालोद ने भी बैठक में लिया हिस्सा

कर्तव्य भवन में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों और NDA सहयोगियों लल्लन सिंह (JDU), जयंत चौधरी (RLD), किंजरापु राम मोहन नायडू (TDP) और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हिस्सा लिया।

वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने पर भी विचार

सूत्रों ने बताया कि ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026’ पर भी विचार किए जाने की संभावना है। इस बिल का मकसद ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है। उम्मीद है कि यह कानून सबसे पहले राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

मानसून सत्र में हो सकती है तीखी राजनीतिक बहस

  • मानसून सत्र में तीखी राजनीतिक बहस होने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्ष NEET पेपर लीक, पश्चिमी एशिया संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने और अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
  • हालांकि, हालिया चुनावी जीत के बाद NDA नए आत्मविश्वास के साथ सत्र में जा रहा है और उसका मानना है कि अपने महत्वाकांक्षी विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए वह राजनीतिक रूप से बेहतर स्थिति में है।
दिनेश मिश्र

लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।

दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।

दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।

नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।

दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें