जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। जिला नागरिक अस्पताल में फ्लेक्स एवं बैनर की खरीद में अनियमितताओं के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने महानिदेशक को पत्र लिख कर परचेज कमेटी के सदस्य छह चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही टेंडर लेने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट कर उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के नियम 7 के तहत की जा रही है।
दरअसल, एचडब्ल्यूसी वर्ष 2022-23 स्कीम के तहत रेवाड़ी में फ्लेक्स और बैनर की खरीद कर हेल्थ एवं वेलनेस संस्थाओं पर लगाने प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर उच्च स्तर पर जांच के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि परचेज कमेटी के संबंधित छह सदस्यों डा. राजबीर सिंह तत्कालीन उप सिविल सर्जन, डाॅ. अशोक कुमार उप सिविल सर्जन, डाॅ. जोगेंद्र तंवर, उप सिविल सर्जन, डाॅ. दीपक वर्मा, डाॅ. रजनीश व डाॅ. अभिषेक राव के विरुद्ध हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के नियम सात के तहत अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वहीं, इस मामले में टेंडर लेने वाली फर्म यादव प्रिंट आर्ट को भी जिम्मेदार मानते हुए उसे ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फर्म की जमा सिक्योरिटी राशि को जब्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। विभाग का मानना है कि इस तरह की सख्ती से सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रेवाड़ी नागरिक अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।