बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया द्वारा रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज किए जाने के बावजूद, आज लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला तीसरा वनडे मुकाबला हिटमैन के करियर के लिए बेहद निर्णायक बन गया है।

अफवाहों के बीच रोहित शर्मा का इम्तिहान
गुरुवार की रात भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद तूफानी रही जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि लॉर्ड्स का यह मैच रोहित का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। हालांकि, शनिवार को बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए साफ किया कि बोर्ड के भीतर ऐसी कोई चर्चा नहीं है और रोहित का विदाई मैच नहीं है। लेकिन सैकिया के बयान में जो सबसे बड़ी चेतावनी छिपी थी, वह था स्कीम ऑफ थिंग्स (Scheme of Things) शब्द। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि रोहित तब तक ही टीम में रहेंगे जब तक वे सेलेक्टर्स के प्लान में फिट बैठेंगे, जिसका सीधा मतलब है कि उनके सिर पर तलवार अभी भी लटकी हुई है।
क्या हिटमैन बचा पाएंगे अपनी जगह?
39 साल के रोहित शर्मा इस वक्त अपने करियर के सबसे नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने 16, 48 और 79 रन बनाए थे, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर आते ही वे मुश्किल परिस्थितियों में संघर्ष करते दिखे हैं। पहले मैच में 11 और कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में 47 गेंदों पर धीमी गति से बनाए गए 26 रनों ने उनकी फॉर्म और स्किल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सीरीज का आखिरी मुकाबला 1-1 से बराबर चल रही टीम इंडिया ही नहीं उनके लिए भी काफी अहम है। रोहित शर्मा चाहेंगे कि इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करके हर किसी की बोलती को बंद कर दें।
वर्ल्ड कप जीतना है रोहित का सपना
रोहित का सपना अगले साल होने वाला 50 ओवर का वनडे वर्ल्ड कप खेलना है, एकमात्र ऐसी आईसीसी ट्रॉफी जिसे वे अपने करियर में नहीं जीत पाए हैं। लेकिन यशस्वी जायसवाल जैसे आक्रामक युवाओं की दावेदारी और शुभमन गिल के जमने के बाद, सेलेक्टर्स अब ट्रांजिशन की ओर देख रहे हैं। रोहित जानते हैं कि टीम में बने रहने का एकमात्र रास्ता लगातार और मैच-जिताऊ पारियां हैं। अगर आज लॉर्ड्स के मैदान पर वे पिछले साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई नाबाद 121 रनों जैसी कोई जादुई और ऐतिहासिक पारी खेल देते हैं, तो उनके संन्यास का यह तत्काल खतरा पूरी तरह टल जाएगा और सेलेक्टर्स के पास उन्हें आगे मौके देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
