IND vs ENG Lord’s ODI: भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी लॉर्ड्स वनडे में काली पट्टी बांधकर खेल रहे हैं। यह वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला है। सीरीज फिलहाल 1-1 बराबरी पर है।
भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर तीसरा वनडे मैच खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस सीरीज के आखिरी मुकाबले में टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी लॉर्ड्स वनडे में बांह पर काली पट्टी बांधकर उतरे। खिलाड़ियों ने वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान सर गारफील्ड सोबर्स को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधी। सोबर्स ने शुक्रवार को 89 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। उनका शुमार क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में होता है।
भारत और इंग्लैंड टीम ने किया ऐसा
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”टीम इंडिया ने शुक्रवार को सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए काली पट्टी बांधी है।” मैच की शुरुआत से पहले लॉर्ड्स में एक मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी और मैदान में मौजूद दर्शक एक साथ खड़े होकर महान ऑलराउंडर को श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए। वेस्टइंडीज के इस बेजोड़ दिग्गज की अद्वितीय ऑलराउंड क्षमता, शानदार कौशल और खेल पर असाधारण प्रभाव ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में स्थान दिलाया।
सोबर्स ने एक ओवर में लगाए छह छक्के
सोबर्स ने मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच 93 टेस्ट मैच खेले और 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। बाएं हाथ के बल्लेबाज सोबर्स बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने के साथ-साथ कलाई के साथ स्पिन और उंगली से की जाने वाली स्पिन गेंदबाजी करने में भी सक्षम थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट हासिल किए। उन्होंने केवल एक वनडे मैच खेला, जिसमें एक विकेट लिया। वह बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी थे। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी थे, उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशर के लिए खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह कारनामा किया था।
‘यह स्वीकार करना मुश्किल है कि…’
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने हाल ही में कहा कि सर गारफील्ड सोबर्स इस धरती पर महानतम क्रिकेटर थे। उन्होंने कहा, ”जब बच्चे के रूप में हमने बल्ला या गेंद पकड़ा था तो जैसा बनने का हम सपना देखते थे, वह वैसे ही थे। सारी यादें जेहन में घूम रही है और हमेशा मेरे दिल में रहेंगी । ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर गारफील्ड। आप हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे।” सचिन तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ”यह स्वीकार करना मुश्किल है कि सर गैरी अब नहीं रहे। मैं इतने साल की यादों को ताजा कर रहा हूं। उन्होंने विश्व कप 2003 में मुझे प्लेयर आफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया था। कुछ साल पहले हम लंदन में मिले थे और खेल के बारे में बात की थी।”