‘श्री कृष्ण तो मुस्लिम थे, 5 बार नमाज पढ़ते थे’, मौलाना जर्जिस अंसारी का बड़ा बयान, लोग बोले- इसे तुरंत गिरफ्तार करो – maulana jarjis ansari statement over lord krishna said he was muslim


Maulana Jarjis Ansari News: मथुरा में जहां श्री कृष्ण जन्मभूमि का विवाद गहराया हुआ है और लगातार हिंदू संगठन मंदिर की मांग कर रहे हैं। वहीं, मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्री कृष्ण को ही मुसलमान बता दिया है।

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मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्री कृष्ण पर बेतुका बयान दिया है (फोटो NBT)
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी के एक विवादित बयान ने हंगामा मचा दिया है। मौलाना ने बयान दिया है कि भगवान श्री कृष्ण धर्म से मुस्लिम थे। इतना ही नहीं, मौलाना ने यह भी कहा कि श्री कृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ा करते थे। बयान सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मौलाना जर्जिस अंसारी पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। हिंदू संगठनों ने मांग उठाई है कि मौलाना को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके ऊपर सख्त कार्रवाई हो।

मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने भाषण के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है- ‘योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः’। मौलाना ने दावा किया कि इस श्लोक में भक्तों को निर्देश दिया गया है कि पूजा पूरे शरीर से करें। मौलाना ने आगे कहा कि भगवान कृष्ण खुद दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे।

अपने भाषण में मौलाना ने कहा कि अगर हिंदू धर्म के लोग अपने ग्रंथों को ध्यान देकर पढ़ेंगे तो उन्हें इस्लाम धर्म अच्छा लगने लगेगा। हिंदू ग्रंथों में बताया गया है कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है, जो वैश्विक है। भगवान राम और कृष्ण से जुड़े ग्रंथों में यही बात लिखी गई है। बताया जा रहा है कि मौलाना का यह बयान पुराना है, जो श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच फिर से वायरल हो रहा है।

मौलाना ने की गीता के श्लोक की गलत व्याख्या

हालांकि, मौलाना ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक की गलत व्याख्या की है। दरअसल, यह भगवद्गीता के अध्याय 6 का 10वां श्लोक है। इस श्लोक का वास्तविक अर्थ है, ‘एक योगी का धर्म है कि वह निरंतर अपने मन, शरीर और आत्मा को परमात्मा में लगाए। एकांत जगह पर और खुद को अकेला करे और अपने मन और इंद्रियों को वश में रखते हुए, सभी प्रकार की इच्छाओं और मोह से मुक्त हो जाए।’ श्लोक में कहीं भी नमाज या इस्लाम का जिक्र नहीं है।

हिंदू संगठनों ने उठाई गिरफ्तारी की मांग

वहीं, हिंदू संगठनों ने मौलाना जर्जिस अंसारी के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। हिंदू संगठनों ने मांग उठाई है कि मौलाना को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

मौलाना जर्जिस अंसारी का महिलाओं पर विवादित बयान

आपको बता दें कि मौलाना जर्जिस अंसारी इससे पहले साल 2022 में भी महिलाओं को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उस वक्त मौलाना ने कहा था कि एक मुस्लिम महिला को हर हाल में अपने पति की यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए तैयार रहना चाहिए, भले ही वह प्रसव पीड़ा में क्यों ना हो। उस समय भी मौलाना के बयान का काफी विरोध हुआ था।

धर्मेंद्र कुमार

लेखक के बारे मेंधर्मेंद्र कुमारधर्मेंद्र कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में सीनियर जर्नलिस्ट/असिस्टेंट एडिटर हैं। मार्च 2024 से धर्मेंद्र का पत्रकारिता का सफर टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के एनबीटी ऑनलाइन के साथ शुरू हुआ। इस समय धर्मेंद्र के पास, भारत की राजनीति का द्वार कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश और देवभूमि उत्तराखंड के स्टेट एडिटर की जिम्मेदारी है। हालांकि, वह इससे पहले एनबीटी ऑनलाइन में क्राइम सेक्शन, गुड न्यूज और जंगल न्यूज जैसे सेक्शन भी संभाल चुके हैं। 14 साल के करियर में धर्मेंद्र ने पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल से की। यहां उन्होंने जर्नलिज्म की बारीकियां सीखते हुए होम पेज संभाला और जॉब सेक्शन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी ली।

यूपी में बीएसपी के कमबैक की खबरें हों, सपा के पीडीए समीकरण की या फिर बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति की, धर्मेंद्र ने गहराई से खबरों का विश्लेषण किया है। इनके अलावा धर्मेंद्र कुमार ने गुड न्यूज सेक्शन में कई यूनिक स्टोरी की हैं। इनमें आईआरएस अधिकारी और अपने करियर में 7 सरकारी नौकरी पाने वाले संदीप राणा की इंटरव्यू स्टोरी भी शामिल है। क्राइम सेक्शन कवर करते हुए उन्होंने अपराध से जुड़े वीडियो भी किए, जिनमें अलग-अलग पहलुओं के साथ घटना को बयां किया गया।

पत्रकारिता अनुभव
धर्मेंद्र ने 2011 से अमर उजाला डिजिटल के साथ पत्रकारिता का करियर शुरू किया। यहां 5 साल 7 महीने की लंबी पारी के बाद वह वनइंडिया-डेलीहंट के साथ जुड़े। वन इंडिया में भी करीब साढ़े सात साल का लंबा सफर तय करने के बाद वह एनबीटी ऑनलाइन के साथ जुड़े और फिलहाल यूपी-उत्तराखंड स्टेट एडिटर के पद पर हैं।

धर्मेंद्र ने दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स किया है। कोर्स के दौरान उन्होंने दो रिसर्च प्रोजेक्ट ‘नक्सलवाद पर हिंदी अखबारों का नजरिया’ और ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह- एक विचार’प्रस्तुत किए।… और पढ़ें