संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले बदला मायावती का रुख, बंगाल से लेकर राजस्थान तक BJP को घेरा – bsp chief mayawati questions to bjp before parliament monsoon session


लखनऊ: संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले बसपा अध्‍यक्ष मायावती ने पश्चिम बंगाल से लेकर राजस्‍थान तक के मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्‍होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद के हालात और राजस्‍थान में गर्भवती महिलाओं की मौत मामले पर चिंता जताई।

रविवार सुबह मायावती ने अपने X अकाउंट पर सात पॉइंट में लंबा चौड़ा पोस्‍ट किया। उन्‍होंने लिखा है- अब जबकि संसद का मॉनसून सत्र कल दिनांक 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। एक बार फिर यह देश व आमजन की चिंता है कि क्या इस बार भी फिर से संसद का सत्र हंगामा व स्थगन आदि की भेंट चढ़ जाएगा। या फिर जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक आदि से जुड़े देश के ज्वलन्त मुद्दों से उत्पन्न उत्तेजित, आक्रोशित व आन्दोलित माहौल को शान्त करने व इनके संतोषजनक समाधान हेतु गंभीरता दिखाई जायेगी।

राम मंदिर चोरी का उठाया मुद्दा

मायावती ने दूसरे पॉइंट में लिखा है- वैसे खासकर अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा की चोरी, हेराफेरी व ग़बन आदि को लेकर व्यापक जन आक्रोश ने भी यूपी व देश को काफी झकझोर कर रख दिया है और लोग, धर्म का चुनावी स्वार्थ हेतु राजनीतिकरण करने वालों को इसके लिये कठघरे में खड़ा करके, उनसे दिल दुखाने की जवाबदेही मांग रहे हैं, जिसकी गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक में है और संसद में भी यह मुद्दा जरूर गर्म होगा, जिसपर भी लोगों की पैनी नजर है।

‘बंगाल में चुनाव बाद के हालात गंभीर’

बसपा प्रमुख आगे लिखती हैं- इतना ही नहीं बल्कि बंगाल में विधानसभा आमचुनाव के बाद के हालात्, राजस्थान में सरकार की लापरवाही के कारण गर्भवती महिलाओं की मौत सहित विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा आदि भी गंभीर मुद्दे हैं।

इजराइल और ईरान युद्ध पर जताई चिंता

मायावती ने लिखा है- भारत की अर्थव्यवस्था व यहां के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती हुई अमेरिका-इजराइल का ईरान के विरुद्ध लगातार युद्ध व रुपया का अवमूल्यण आदि देश व जनहित के ऐसे ख़ास मुद्दे हैं जिनपर राजनीतिक द्वेष, स्वार्थ व आरोप-प्रत्यारोप की संकीर्णता/वैमनस्य को त्यागकर सत्ता और विपक्ष दोनों को एकजुट होकर अच्छा उपाय ढूंढ कर सराहनीय कार्य करना होगा, वरना लगभग 140 करोड़ की जनसंख्या वाले अपने देश में बहुजनों का जीवन यहाँ और भी अधिक बुरे दिन वाला बनकर उनका भविष्य अधर में लटकायेगा, जिसकी आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

अतः देश को त्रस्त करने वाली इन भारी चुनौतियों व उसके प्रति चेतावनियों को ध्यान में रखकर संसद के मानसून सत्र को, बिना किसी उत्तेजना, रोष व विद्वेष के, सुचारू, शान्तिपूर्ण एवं स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परम्परा के मुताबिक चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिये, जो वक्त की अहम् ज़रूरत के हिसाब से सभी की ज़िम्मेदारी भी बनती है। साथ ही, इस सम्बंध में सभी संस्थाओं को ऐसा प्रयास ज़रूर करना चाहिये कि देश के कठिन सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हालात से त्रस्त भारतीयों के जीवन का बोझ व नित्य दिन की उनकी परेशानी/दिक्कतें और अधिक नहीं बढ़ने पाएं।

‘संसद को ज्‍वलंत मुद्दों पर गंभीर होना जरूरी’

बसपा प्रमुख का कहना है कि संसद को भी इन ज्वलन्त राष्ट्रीय मुद्दों पर पूरी तरह से गंभीर व संवेदनशील होना जरूरी है और इसकी शुरूआत अगर संसद के वर्तमान मानसून सत्र से ही हो तो यह अवश्य ही बेहतर होगा। जनहितैषी गुड गवर्नेंस हेतु संसद का प्रभावी होना जरूरी। जय भीम, जय भारत।

वैभव पांडे

लेखक के बारे मेंवैभव पांडेवैभव पांडेय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर जर्नलिस्‍ट/असिस्टेंट न्‍यूज एडिटर हैं। मीडिया इंडस्‍ट्री में काम करने का 18 साल का अनुभव है। वैभव पांडेय ने साल 2018 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। अभी वह उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड की खबरों पर बारीक नजर रखते हैं। पॉलिटिकल गतिविधियां, सामाजिक सरोकार और अपराध जगत से जुड़ीं खबरें उनकी प्राथमिकता में है। वह यूपी विधानसभा, लोकसभा, पंचायत और नगर निकाय चुनावों के कवरेज में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अच्‍छे काम की वजह से उन्‍हें संस्‍थान की तरफ से सम्‍मानित भी किया जा चुका है।

विशेषज्ञता- अपराध जगत से जुड़ी खबरों को तहकीकात के साथ पेश करने का खासा अनुभव है। इसके अलावा सियासी उठापटक से जुड़े राजनीतिक विश्‍लेषण और ओपनियन भी करते रहते हैं।

पत्रकारिता अनुभव: प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्‍वविद्यालय, अयोध्‍या से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद अलग-अलग संस्थानों में काम किया। करियर की शुरुआत लखनऊ में हिदुस्‍तान समाचार न्‍यूज एजेंसी से हुई। इसके बाद आगरा के अकिंचन भारत अखबार में काम किया। फिर दिल्‍ली में देशबंधु और हिंदी डेली आज समाज (इंडिया न्यूज ग्रुप) में कार्यरत रहे। इस दौरान दिल्‍ली और एनसीआर से जुड़ी खबरों को कवर किया। दैनिक जागरण अखबार के सेंट्रल डेस्‍क पर लंबे समय तक तैनात रहे। यहां उन्‍होंने यूपी, उत्‍तराखंड समेत कई राज्‍यों की स्‍पेशल खबरों पर काम किया।

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