चंडीगढ़, एजेंसी। पंजाब विधानसभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें राज्य में भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में रोजगार पैदा करने और सरकारी भर्ती में पारदर्शिता की तारीफ की गई। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने सरकारी भर्तियों पर एक श्वेत पत्र की मांग की, जिसमें पदों और सफल उम्मीदवारों के बारे में जानकारी हो, ताकि यह पता चल सके कि कितने पंजाबियों को नौकरी मिली। पंजाब विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने सरकारी भर्ती में पूरी पारदर्शिता लाने और निजी क्षेत्र में नौकरियां पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार की तारीफ की। धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने सरकारी नौकरियां देने में सिफारिश, राजनीतिक दखल और भ्रष्टाचार के दशकों पुरानी संस्कृति को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि पक्षपात के बजाय प्रतिभा को प्राथमिकता देकर सरकार ने लाखों पंजाबी युवाओं का भरोसा फिर से जीता है。
कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया
पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। वे प्लेकार्ड लाने की इजाजत ना मिलने और अपने स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने का विरोध कर रहे थे। पंजाब विधानसभा सत्र का प्रश्नकाल शुरू होते ही, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक प्लेकार्ड लेकर सदन में आ रहे थे, तो वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विरोध कर रहे कांग्रेस विधायकों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को देखेंगे, फिर भी विपक्षी विधायक सदन के बीचो-बीच वेल में आ गए। विपक्षी विधायक नारेबाजी करते रहे। बाद में, उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सामान्य प्रश्न
✦पंजाब विधानसभा ने किस सरकार के कार्यकाल की तारीफ की?
पंजाब विधानसभा ने भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल की तारीफ की।
✦कांग्रेस विधायकों ने किस चीज़ की मांग की?
कांग्रेस विधायकों ने सरकारी भर्तियों पर एक श्वेत पत्र की मांग की।
✦क्यों कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया?
कांग्रेस विधायकों ने प्लेकार्ड लाने की इजाजत ना मिलने और अपने स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया।