हमे काम दिया जाए या फिर दूसरे राज्य भेज दीजिए…IAS रिंकू सिंह ने यूपी सरकार को लिखा लेटर, Uttar-pradesh Hindi News


जालौन के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और चर्चित आईएएस रिंकू सिंह राही ने एक बार फिर लेटर बम फोड़ा है। यूपी सरकार को भेजे लेटर में रिंकू सिंह ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्री और विधायक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

IAS Rinku Singh: यूपी के चर्चित आईएएस रिंकू सिंह राही ने एक बार फिर लेटर बम फोड़ दिया है। यूपी कैडर के आईएएस अफसर रिंकू सिंह जालौन के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हैं। आईएएस अफसर रिंकू सिंह ने यूपी सरकार को पांच पन्नों का एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने अपनी पोस्टिंग, सैलरी, कामकाज के तरीके और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार को भेजे पत्र में रिंकू सिंह ने मंत्री और विधायक का भी जिक्र किया है।

प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को लिखे पत्र में आईएएस रिंकू सिंह ने कहा, उनसे केवल चार घंटे ही काम लिया जा रहा है। आधे काम का आधा वेतन ही उन्हें दिया जाए। उन्होंने सरकार से अपील की है कि या तो उन्हें पूरा काम दिया जाए या फिर किसी और राज्य में भेज दिया जाए, नहीं तो फिर उन्हें आधा वेतन दिया जाए। उनका दावा है कि कई अफ़सरों के पास दो घंटे से भी अधिक का काम नहीं है। एसडीएम न्यायिक पद पर तैनात रिंकू सिंह राही ने सरकार को भेजे लेटर में लिखा, जब वह अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक काम नहीं कर पा रहे हैं तो सरकार उन्हें सैलरी पूरी क्यों दे रही है।

राष्ट्रपति को भी इस्तीफा भेज चुके है रिंकू सिंह

रिंकू सिंह ने पत्र में लिखा, उन्हें ऐसी जगह तैनात किया जाए, जहां वे नियमों के मुताबिक काम कर सकें। अगर उत्तर प्रदेश में ऐसी जगह नहीं है तो उन्हें दूसरे राज्य में भेजने पर विचार किया जाए। बतादें कि इसके पहले रिंकू सिंह राष्ट्रपति को इस्तीफा भेज चुके हैं। इस्तीफे में उन्होंने कहा था कि उन्हें मूल काडर भेज दिया जाए इसके बाद इस्तीफा अस्वीकार कर तैनाती दी है उन्होंने हिन्दुस्तान से बातचीत में अपने साथ अन्याय किये जाने की बात भी कही है। उन्होंने कहा है उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा हैं।

कैबिनेट मंत्री और विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को भेजे पत्र में रिंकू सिंह ने मंत्री और विधायक का भी जिक्र किया। यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और भाजपा विधायक गौरी शंकर वर्मा पर आरोप लगाते हुए रिंकू सिंह ने कहा, जालौन में एसडीएम रहते हुए उन्होंने जब कुछ अवैध कब्जों और अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई की बात कही तो उन्हें कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी लिखा कि कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई।

जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं का नहीं होता समाधान

सरकार को भेजे पत्र में रिंकू सिंह ने जालौन प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय सिर्फ औपचारिक निस्तारण किया जाता है। रिंकू सिंह ने आगे लिखा, उन्हें जालौन की किसी दूसरी तहसील, किसी दूसरे जिले या ऐसी जगह तैनात किया जाए, जहां वे कानून और नियमों के मुताबिक काम कर सकें। अगर ऐसा संभव नहीं है तो उन्हें दूसरे राज्य भेज दिया जाए। फिलहाल रिंकू सिंह का ये लेटर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।



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