शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा राजनीतिक वादा किया है। उन्होंने कहा कि शिअद के सत्ता में आने पर पंजाब सरकार की 100 प्रतिशत नौकरियां पंजाबियों के लिए आरक्षित करने के लिए कानून बनाया जाएगा।
हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह पंजाब के युवाओं को लेकर सुखबीर सिंह बादल की ओर से दिए गए आश्वासन का पूरी तरह स्वागत करती हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर पंजाब के युवाओं के रोजगार के अधिकार छीनने और ‘बाहरी लोगों’ को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। हरसिमरत कौर का बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पीएम मोदी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद इन अटकलों को हवा मिली है कि जल्द ही दोनों दलों के बीच फिर से गठबंधन हो सकता है।
बता दें, दोनों दल 23 साल तक गठबंधन में रहे, लेकिन कृषि बिलों के विरोध में हुए आंदोलन के कारण दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए। अब यदि गठबंधन होता है तो शिअद-भाजपा राज्य में एक बार मजबूत स्थिति में नजर आ सकता है। गठबंधन टूटने के कारण दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों को इसका नुकसान झेलना पड़ा है।
I wholeheartedly welcome the assurance that Punjab’s very own @Akali_Dal_ President Sardar Sukhbir Singh Badal has given to the deserving youth of Punjab who have been ripped of their rightful jobs opportunities by @AAPPunjab ~ an ‘outsider’ party that is busy bending over… pic.twitter.com/DGFSjhJt7P
— Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) August 7, 2026
‘सत्ता में आए तो कानून बनाएंगे’
हरसिमरत कौर ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब की अपनी पार्टी है और सत्ता में आने के बाद पंजाब सरकार की नौकरियों में 100 प्रतिशत आरक्षण पंजाबियों के लिए सुनिश्चित करने वाला कानून पारित करेगी। उन्होंने इसे पंजाब के युवाओं के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता बताया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अब समय आ गया है कि ‘दिल्लीवालों’ को बाहर का रास्ता दिखाया जाए और पंजाब के गौरव, सम्मान और अधिकारों को बहाल किया जाए।
‘पंजाब विच पंजाबियां दा राज’
हरसिमरत कौर बादल ने अपनी पोस्ट का समापन ‘पंजाब विच पंजाबियां दा राज’ के नारे के साथ किया। उनके इस बयान को पंजाब में रोजगार और स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के मुद्दे को लेकर शिअद की आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।