8th Pay Commission: पति-पत्नी सरकारी नौकरी में हैं तो क्या दोनों को मिलेगा HRA? सरकार ने खुद संसद में दिया जवाब


नई दिल्ली। देश में इस समय संसद में मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) जारी है और कई तरह के मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल किए जा रहे हैं। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर पूरे देश में चर्चा जारी है और फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और HRA को लेकर भी आयोग के सामने तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में संसद में HRA को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया।

कई लोगों के मन में सवाल था कि अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी करते हैं और दोनों एक ही शहर में सरकारी क्वाटर में रहते हैं तो क्या उन्हें अलग से HRA मिलेगा या फिर नहीं? इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने पूरी तस्वीर अब साफ कर दी है। आइए बताते हैं कि सरकार ने संसद में इस सवाल पर क्या जवाब दिया।

राज्यसभा में उठा HRA कटौती का मुद्दा

राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि ने वित्त मंत्रालय के सामने अपने सवाल के जरिए सरकारी कर्मचारी दंपतियों के HRA का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकार से पूछ कि जब दोनों जीवनसाथी सरकारी कर्मचारी हों और एक ही सरकारी आवास में रह रहे हों, तो HRA कटौती से जुड़ी मौजूदा नीति का क्या तर्क है? क्या सरकार को कर्मचारी संघों या कर्मचारियों से इस नीति पर पुनर्विचार के लिए कोई आवेदन मिले हैं? और क्या सरकार इस नियम की समीक्षा करके इसे कर्मचारी दंपतियों के लिए अधिक तर्कसंगत और न्यायसंगत बनाने का प्रस्ताव रखती है?

वित्त राज्य मंत्री ने क्या जवाब दिया?

राज्यसभा सांसद सुमित्रा के सवाल पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी में लिखित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मकान किराया भत्ता (HRA) सिर्फ उन केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाता है जिन्हें सरकारी आवास किसी वजह से नहीं मिला है, ताकि वे अपने निजी किराए के मकान का खर्च पूरा कर सकें।

जब पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हों और एक ही जगह पर सर्विस करते हों, और उनमें से किसी एक के नाम पर भी सरकारी आवास आवंटित हो, तो पूरे परिवार को सरकारी आवास की सुविधा प्राप्त माना जाता है। ऐसे में दूसरे जीवनसाथी (Spouse) का आवास पर कोई अलग से खर्च नहीं होता, इसलिए उन्हें HRA का फायदा नहीं मिलता है।

क्या इस नीति में होगा बदलाव?

सरकार से पूछा गया था कि क्या इस नीति के खिलाफ कर्मचारियों से कोई ज्ञापन मिला है? जिसके जवाब में सरकार ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई ज्ञापन नहीं मिला है। साथ ही राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार इस नियम पर फिलहाल समीक्षा नहीं कर रही है।

कर्मचारियों के लिए क्या हैं इसके मायने?

वित्त मंत्रालय के इस जवाब से ये साफ हो गया है कि यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं और एक ही सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं, तो जिसके नाम वो क्वाटर आवंटित हुआ है, सिर्फ उसके वेतन से लाइसेंस फीस कटेगी और दूसरे जीवनसाथी को HRA नहीं मिलेगा। वहीं नियमों में किसी भी तरह की ढील या दोनों को HRA का लाभ देने पर सरकार फिलहाल कोई विचार नहीं कर रही है।



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