आगरा: न भर्ती हुई, न चयन… फर्जी नियुक्ति पत्र से 10 साल तक उठाता रहा सरकारी वेतन, खुलासा होते ही फरार – health department fake appointment letter fraud employee worked 10 years


Agra News: आगरा के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे करीब 10 वर्षों तक सरकारी नौकरी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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सुनील साकेत, आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे करीब 10 वर्षों तक सरकारी नौकरी की। इतना ही नहीं, इस दौरान वह नियमित रूप से सरकारी वेतन भी लेता रहा। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद जब नियुक्ति अभिलेखों की जांच हुई तो पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। अब आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल की सरकारी नौकरी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इटावा जिले के सैफई निवासी नवीन यादव ने वर्ष 2016 में फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर स्वास्थ्य विभाग में नौकरी हासिल कर ली थी। उसकी पहली तैनाती आगरा के बिचपुरी ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रेडियोलॉजी विभाग के डार्क रूम सहायक के पद पर हुई।

बाद में उसका तबादला बाह ब्लॉक किया गया और फिर 30 अप्रैल को उसे सीएचसी पिनाहट में तैनात कर दिया गया। इस पूरे दौरान वह नियमित रूप से सरकारी वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ उठाता रहा।

महानिदेशक कार्यालय में शिकायत के बाद खुला राज

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय में शिकायत मिलने के बाद नियुक्ति से जुड़े सभी अभिलेखों और डिस्पैच नंबरों की जांच कराई गई।

जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 की भर्ती सूची में नवीन यादव नाम का कोई अभ्यर्थी नियुक्त ही नहीं हुआ था। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी।

2016 की भर्ती प्रक्रिया का उठाया फायदा

सीएमओ के अनुसार, वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती हुई थी। आरोपी ने इसी भर्ती प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और विभागीय व्यवस्था को धोखा देकर नियुक्ति प्राप्त कर ली।

हैरानी की बात यह रही कि करीब दस वर्षों तक उसके दस्तावेजों का प्रभावी सत्यापन नहीं किया गया, जिससे उसका फर्जीवाड़ा लंबे समय तक सामने नहीं आ सका।

शिकायत मिलते ही ड्यूटी छोड़कर हुआ फरार

जांच की भनक लगते ही नवीन यादव 28 जून से ड्यूटी पर नहीं आया और फरार हो गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से थाना पिनाहट में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विभाग अब आरोपी द्वारा पिछले दस वर्षों में प्राप्त वेतन और अन्य वित्तीय लाभों का पूरा विवरण तैयार कर रहा है, ताकि नियमानुसार राशि की वसूली और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

विभागीय व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह मामला केवल एक व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। करीब दस वर्षों तक किसी भी स्तर पर फर्जी नियुक्ति का पता नहीं चलना विभागीय लापरवाही की ओर इशारा करता है।

अब स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के साथ-साथ यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस फर्जी नियुक्ति के पीछे किसी कर्मचारी या अधिकारी की मिलीभगत तो नहीं थी। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देवेश पांडेय

लेखक के बारे मेंदेवेश पांडेयदेवेश पांडेय नवभारतटाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हैं। वे एनबीटी की उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजिटल टीम के सदस्य हैं। देवेश के पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता का 9 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मई 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन ज्वॉइन किया था। इससे पहले वे इंडिया न्यूज, भारत समाचार, न्यूज वन इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों सहित कई डिजिटल चैनल में विभिन्न भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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देवेश पांडेय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। देवेश डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट मीडिया में 9 साल काम करने का अनुभव रखते हैं। उन्होंने ने 2016 के आखिर में यूपीटीवी लिमिटेड (भारत समाचार) के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां यूपी-उत्तराखंड में हुए 2017 विधानसभा चुनाव को डेस्क से महत्वपूर्ण खबरों और राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ कवर किया। इसके बाद न्यूज वन इंडिया में असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए 2019 में हुए लोकसभा चुनाव को कवर किया। इसके बाद 2022 में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों को इंडिया न्यूज सहित डिजिट चैनल्स में रहते हुए कवर किया।… और पढ़ें