आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना ईफ़राहिम हुसैन ने एक फतवा दिया है. यह फतवा आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर सामने आया है. मौलाना इब्राहिम हुसैन ने स्पष्ट किया है कि इस्लाम में गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना जायज नहीं माना जाता. उनका कहना है कि अगर कोई मुसलमान ऐसा करता है तो वह शरीयत के अनुसार गुनहगार होगा.
अपनी धार्मिक शिक्षाओं का सम्मान करें मुसलमान- मौलाना
मौलाना ने यह भी कहा कि इस तरह के फैसले शरीयत और इस्लाम के नाम को नुकसान पहुंचाते हैं. वे मुसलमानों से अपील करते हैं कि वे अपनी धार्मिक शिक्षाओं का सम्मान करें और ऐसी गलतियों से बचें, जो समाज में गलतफहमी और नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकती हैं. मौलाना इब्राहिम हुसैन के शब्दों में, “गैर-इस्लाम वाली महिला से शादी करना शरीयत के खिलाफ है और इससे इस्लाम का नाम खराब होता है.”
आमीर खान की शादी ‘गजवा-ए-हिंद’ का ही एक अध्याय- नितेश राणे
बता दें कि आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर बीजेपी से लेकर शिवसेना तक के नेताओं ने निशाना साधा. बीजेपी के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि आमीर खान की तीसरी शादी ‘गजवा-ए-हिंद’ का ही एक अध्याय है.
आमिर खान ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर हो सकते हैं- शिवसेना नेता
वहीं, शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने आमिर खान पर निशाना साधते हुए कहा कि बॉलीवुड अभिनेता ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर हो सकते हैं. शिरसाट ने यह भी कहा कि भले ही खान एक बड़े स्टार हों, लेकिन तीन बार शादी करने की वजह से वह लोगों के दिलों पर राज नहीं कर सकते. उन्होंने बीजेपी नेता और राज्य मंत्री नितेश राणे की बात का भी समर्थन किया, जिन्होंने कहा था कि जब मशहूर हस्तियां अपनी निजी ज़िंदगी में ऐसे फ़ैसले लेती हैं, तो हिंदू समाज को इस पर सोचना चाहिए.
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