Agniveer Employment Cell: 7 Big Highlights to Launch Job


Agniveer Employment Cell: उत्तराखंड सरकार सेना से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद राज्य में जल्द ही Agniveer Employment Cell (एआरसी) का गठन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सेवा समाप्ति के बाद अग्निवीरों को रोजगार, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं की क्षमताओं का बेहतर उपयोग किया जा सके।

सरकार का दावा है कि उत्तराखंड इस तरह की संस्थागत व्यवस्था विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित Agniveer Employment Cell सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा और विभिन्न विभागों, उद्योगों तथा कॉरपोरेट सेक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

कर्नल अजय कोठियाल को सौंपी गई जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल को Agniveer Employment Cell की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसका शासनादेश जल्द जारी होने की संभावना है।

उनके अनुसार सरकार अग्निवीरों के पुनर्वास को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रोजगार नीति के रूप में विकसित करना चाहती है। यही कारण है कि इस सेल को व्यापक अधिकार और समन्वय की भूमिका दी जाएगी।

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केवल नौकरी नहीं, करियर निर्माण होगा लक्ष्य

प्रस्तावित Agniveer Employment Cell का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं होगा, बल्कि अग्निवीरों की योग्यता, रुचि और अनुभव के अनुरूप उन्हें उपयुक्त करियर विकल्प प्रदान करना भी होगा। इसके लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, शॉर्ट-टर्म कैप्सूल कोर्स और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि सेना में चार वर्षों के दौरान अग्निवीर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, तकनीकी दक्षता और संकट प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं विकसित करते हैं। इन कौशलों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिससे उद्योगों और संस्थानों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

50 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार की तैयारी

सरकार की योजना के अनुसार Agniveer Employment Cell के माध्यम से 50 से अधिक रोजगार क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। इनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है।

कॉरपोरेट कंपनियों के साथ भी बातचीत की जाएगी ताकि सेना से लौटने वाले प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिल सके। इसके अलावा निजी उद्योगों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर रोजगार प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

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सरकारी नौकरियों में आरक्षण का मिलेगा लाभ

उत्तराखंड सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है। इसके तहत पात्र अग्निवीरों को सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में विशेष अवसर मिलेगा।

हालांकि सभी अग्निवीर सरकारी सेवाओं में चयनित नहीं हो पाएंगे। ऐसे युवाओं के लिए Agniveer Employment Cell निजी क्षेत्र, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य संस्थानों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। इससे सेवा समाप्ति के बाद रोजगार की अनिश्चितता काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा निगरानी

प्रस्तावित Agniveer Employment Cell को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जोड़े जाने की योजना है। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और रोजगार संबंधी मामलों का तेजी से समाधान किया जा सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी यह एक प्रभावी उदाहरण बन सकता है। इससे पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के पुनर्वास की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और परिणामकारी हो सकती है।

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अग्निपथ योजना के बाद बढ़ी नई व्यवस्था की जरूरत

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की थल सेना, नौसेना और वायुसेना में चार वर्षों के लिए भर्ती की जाती है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर लगभग 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत युवाओं को अन्य क्षेत्रों में रोजगार तलाशना पड़ता है।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार Agniveer Employment Cell के माध्यम से एक संगठित रोजगार प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

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युवाओं के लिए नई उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Agniveer Employment Cell प्रभावी ढंग से लागू होता है तो यह हजारों युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकता है। इससे प्रशिक्षित अग्निवीरों को समय पर करियर मार्गदर्शन, कौशल उन्नयन और रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही राज्य को अनुशासित, प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन भी प्राप्त होगा, जो उत्तराखंड के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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Written By। Mansi Negi । National Desk। Delhi

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मेरा नाम मानसी नेगी है और मैं न्यूज वॉच इंडिया” की लेखिक हूँं। मैं एक पत्रकार और सामयिक विषयों पर विश्लेषक हूं। इस ब्लॉग के माध्यम से, मेरा उद्देश्य आपको ताजातरीन और विश्वसनीय खबरें प्रदान करना है, ताकि आप हर महत्वपूर्ण घटना से अपडेट रहें।

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