संवाद सूत्र, खड़गपुर। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मयना थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस प्रशासन ने इसे एक लंबी और गहन जांच के बाद मिली बड़ी सफलता बताया है।
9 साल पहले का है मामला, शिक्षक बनाने का दिया था झांसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह ने एक व्यक्ति को प्राथमिक विद्यालय (प्राइमरी स्कूल) में सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने का लालच दिया था।
आरोपियों ने पीड़ित को अपने झांसे में लेकर उससे कुल 14 लाख 5 हजार रुपये की मोटी रकम वसूल ली। गिरोह ने पीड़ित को यह भरोसा भी दिलाया था कि यदि किसी कारणवश नौकरी नहीं लगती है, तो तीन महीने के भीतर उसकी पूरी रकम सुरक्षित वापस कर दी जाएगी।
पैसे मांगने पर मिली धमकी, तब खुली पोल
इस घटना को लगभग नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित को न तो सरकारी नौकरी मिली और न ही उसके पैसे लौटाए गए। लंबे इंतजार के बाद जब पीड़ित ने आरोपियों से अपनी गाढ़ी कमाई की रकम वापस मांगी, तो उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देना भी शुरू कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर मयना थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मनी ट्रेल से दबोचे गए आरोपी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आधुनिक तरीकों से तफ्तीश शुरू की। जांच टीम ने बैंक खातों के लेन-देन (मनी ट्रेल) का बारीकी से विश्लेषण किया, संबंधित दस्तावेजों को खंगाला और पुख्ता तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
जांच में यह साफ हो गया कि यह एक बड़े और संगठित गिरोह का काम है, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
इस कार्रवाई के बाद पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी सतर्कता संदेश जारी किया है। पुलिस ने अपील की है कि लोग सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करने वाले किसी भी बिचौलिए, व्यक्ति या संस्था के झांसे में न आएं और न ही किसी को पैसे दें।
सरकारी नियुक्तियां पूरी तरह से तय नियमों, परीक्षाओं और पारदर्शिता के साथ होती हैं। किसी भी तरह के प्रलोभन में आने से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।