Alwar SSC Exam Fraud: अलवर से पकड़ा गया हाईटेक नकल गिरोह का आरोपी, 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन जब्त


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Alwar SSC Exam Fraud: यूपी एसटीएफ ने एसएससी भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह के फरार आरोपी लोकेश को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया है. मई 2026 में ग्रेटर नोएडा से पकड़े गए गिरोह को लोकेश ही मॉडिफाइड TFT स्क्रीन सप्लाई करता था. आरोपी के घर से 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन, रास्पबेरी पाई डिवाइस और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं. यह गिरोह जैमर को चकमा देकर परीक्षा केंद्र की स्क्रीन बाहर सॉल्वर तक लाइव स्ट्रीम करता था. आरोपी प्रति स्क्रीन 5 हजार रुपये कमीशन लेता था.

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UP STF Action: अलवर से गिरफ्तार हुआ SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाला आरोपी

Alwar: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने एसएससी (SSC) द्वारा आयोजित सीएपीएफ, एसएसएफ कांस्टेबल जनरल ड्यूटी और असम राइफल्स राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लोकेश को राजस्थान के अलवर जिले से दबोचा है. एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, इस हाईटेक फर्जीवाड़े के मामले में 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र से गिरोह के मुख्य सरगना समेत सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. मामले की गहन जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि परीक्षा केंद्र में धांधली और नकल के लिए इस्तेमाल की गई मॉडिफाइड TFT स्क्रीन आरोपी लोकेश ने ही उपलब्ध कराई थी. इस खुलासे के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था.

फरार आरोपी लोकेश की गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ की टीम ने उसके घर की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और हाईटेक नकल के उपकरण बरामद किए गए. आरोपी के ठिकाने से एसटीएफ को 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन, 45 VGA कार्ड, 20 VGA to HDMI कार्ड, 15 टाइप-C केबल, 14 रास्पबेरी पाई डिवाइस, 12 मेमोरी कार्ड, 10 USB-टू-USB केबल और 5 VGA स्विच मिले हैं. इसके अलावा मौके से राउटर, चार्जर, कॉपर वायर, स्क्रूड्राइवर, ग्लू गन, वाई-फाई डोंगल और हीट सिंक समेत कई अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं.

जानिए कैसे होती थी हाईटेक नकल और लाइव स्ट्रीमिंग
एसटीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी लोकेश ने बताया कि उसने साल 2013 में कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग का प्रोफेशनल कोर्स किया था. बाद में उसे कंप्यूटर की मॉडिफाइड TFT स्क्रीन तैयार करने की तकनीक का पता चला. इसके बाद उसने खुद ये स्क्रीन बनाना शुरू कर दिया और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा महाराष्ट्र समेत देश के कई अन्य राज्यों में इनकी सप्लाई शुरू कर दी. एसटीएफ के अनुसार, यह मॉडिफाइड TFT स्क्रीन बाहर से देखने में बिल्कुल साधारण कंप्यूटर स्क्रीन जैसी दिखाई देती थी. लेकिन इसके अंदर ऐसी चिप और सर्किट फिट होते थे, जिससे परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर की स्क्रीन को वाई-फाई डोंगल और विशेष राउटर की मदद से बाहर बैठे सॉल्वर तक लाइव स्ट्रीम कर दिया जाता था. इसके बाद बाहर बैठा सॉल्वर पूरा प्रश्नपत्र हल करके अभ्यर्थी तक उत्तर पहुंचा देता था. यह गिरोह ऐसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करता था जो परीक्षा केंद्रों में लगे जैमर से भी बेअसर रहते थे.

एक स्क्रीन से कमाता था 5 हजार रुपये का मुनाफा
आरोपी लोकेश ने पूछताछ में खुलासा किया कि एक मॉडिफाइड TFT स्क्रीन को असेंबल और तैयार करने में करीब 40 हजार रुपये की लागत आती थी. वह इसे तैयार करके गिरोह के अन्य सदस्यों को सप्लाई करने के बदले प्रति स्क्रीन 5 हजार रुपये का अलग से मुनाफा वसूलता था. फिलहाल यूपी एसटीएफ की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस हाईटेक नकल गिरोह का जाल देश के किन-किन राज्यों में फैला हुआ है और इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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