भिवानी। योगा टीचर की नौकरी लगवाने के नाम पर 18 बेरोजगार युवाओं से 46.15 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जिला अनुसंधान इकाई ने आरोपी जींद जिले के गांव बीबीपुर निवासी प्रदीप को सात अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया और पूछताछ के बाद सोमवार को दोबारा अदालत में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए।
गांव बिधनोई निवासी रविंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव में डेयरी का काम करता है। सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी एक युवक से जान-पहचान हुई। युवक ने बताया कि सरकारी महकमे में उसकी काफी जान-पहचान है और वह सरकारी व गैर-सरकारी नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद उसे चंडीगढ़ बुलाकर आयुष विभाग के बड़े अधिकारी से मुलाकात करवाने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार चंडीगढ़ में उसकी प्रदीप नामक युवक से मुलाकात करवाई गई। उसे आयुष विभाग चंडीगढ़ में बड़े अधिकारी के पद पर बताया गया। आरोपियों ने महर्षि योगा फाउंडेशन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के सरकारी स्कूलों में योगा सहायक और योगा अध्यापक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए फाउंडेशन के डायरेक्टर नरेंद्र से भी मिलवाया गया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता समेत 18 बेरोजगार युवाओं से नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 46.15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
जिला अनुसंधान इकाई के जांच अधिकारी राजीव कुमार ने सात अगस्त को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से गहनता से पूछताछ कर धोखाधड़ी से संबंधित तथ्यों और अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।