Canada News,पहले बेटे को कनाडा भेजने के लिए बेची जमीन, अब डेडबॉडी वापस लाने के लिए परिवार जुटा रहा है फंड – punjab family sold land to send son to canada now fundraising to bring back his body after drowned in canal while saving friend know all – Chandigarh News


Punjab Canada News: पंजाब में एक परिवार ने अपने बेटे और बेटी को कनाडा भेजने के लिए 29 लाख रुपये खर्च किए थे तब परिवार को इसके लिए अपनी जमीन बेचनी पड़ी थी। पिता ने बेटे और बेटी के अच्छे भविष्य के लिए बड़ा कदम उठाया था लेकिन पंजाब एक हादसे ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया है। बेटे के साथ उसके एक दोस्त की मौत के बाद अब परिवार डेडबॉडी वापस लाने को फंड जुटा रहा है।

हाइलाइट्स

  • लवप्रीत लगभग ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था
  • पिता ने बेटे को कनाडा भेजने के लिए अपनी जमीन बेची थी
  • लवप्रीत की मौत योगराज के नहर में गिरने के बाद बचाने में हुई
Two punjab youth dies in canada
लवप्रीत की दोस्त योगराज सिंह को बचाने में चली गई जान।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
चंडीगढ़: पंजाब के लोग कनाडा में डूबे योगराज सिंह और लवप्रीत सिंह के शवों को घर वापस लाने के लिए एकजुट हुए हैं। बरनाला और अमृतसर जिलों के दो युवक रविवार को कनाडा में एक नहर में डूब गए थे। उनके दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने उनके शवों को वापस लाने में मदद के लिए पंजाब और विदेश में फंड इकट्ठा करने के कैंपेन शुरू की हैं। पंजाब में जहां लोगों से मिलकर फंड इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया गया है, वहीं मृतकों के दोस्तों ने कनाडा में एक ऑनलाइन फंडरेजर भी शुरू किया है। अब तक पंजाब में लगभग 2.5 लाख रुपये जमा हो चुके हैं, जबकि विदेश में ऑनलाइन कैंपेन के जरिए लगभग 26,000 कनाडाई डॉलर जुटाए गए हैं।

40 हजार कनाडाई डॉलर की जरूरत

आयोजकों का लक्ष्य कुल 40,000 कनाडाई डॉलर जुटाना है ताकि शवों को भारत वापस लाने का खर्च उठाया जा सके। मृतकों की पहचान बरनाला जिले के टापा मंडी के लवप्रीत सिंह और अमृतसर जिले के बुटाला गांव के योगराज सिंह के तौर पर हुई है। दोनों की उम्र बीस साल के आसपास थी। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक रविवार देर रात योगराज मॉन्ट्रियल में लैचिन नहर में गलती से गिर गए थे। लवप्रीत अपने दोस्त को बचाने के लिए पानी में कूदे लेकिन वे भी डूब गए। बाद में मॉन्ट्रियल फायर डिपार्टमेंट और कैनेडियन कोस्ट गार्ड के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद उनके शव बरामद किए गए।

परिवार की मदद को लोग एकजुट

लवप्रीत के परिवार के पड़ोसी बलविंदर सिंह ने बताया कि इलाके के लोग शोक संतप्त परिवार की मदद के लिए एकजुट हुए हैं, क्योंकि परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने अब तक लगभग 2.5 लाख रुपये जमा किए हैं। परिवार की आय का स्रोत सीमित है और वे लवप्रीत के पिता बलवीर सिंह (जो सीआरपीएफ के रिटायर्ड कर्मचारी हैं) की पेंशन पर गुजारा करते हैं। हमने उनकी मदद के लिए कम से कम 10,000 रुपये का योगदान देने का फैसला किया है।

तब जमीन बेचकर जुटाए थे रुपये

एक और पड़ोसी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि कई निवासियों ने परिवार की मदद के लिए दिल खोलकर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हममें से कुछ लोगों ने 20-20 हज़ार रुपये का योगदान दिया है। परिवार ने अपने बेटे और बेटी दोनों को कनाडा भेजने के लिए लगभग दो एकड़ जमीन बेच दी थी। अब उनके पास अपने घर और दो भैंसों के अलावा कुछ नहीं बचा है। लवप्रीत लगभग ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था और मॉन्ट्रियल में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। उसकी बड़ी बहन हरप्रीत कौर भी कनाडा में पढ़ाई कर रही है। सामने आया है कि बलवीर सिंह ने बेटे और बेटी को कनाडा भेजने के लिए अपनी जमीन बेचकर जुटाए गए लगभग 29 लाख रुपये खर्च किए थे। योगराज भी मॉन्ट्रियल में लवप्रीत के साथ काम कर रहा था।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें