स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। मॉडर्न डे क्रिकेट में जिस तरह की गेंदबाजी होती है, शुरुआत में इसका स्वरूप ऐसा नहीं था। क्रिकेट में गेंद को हमेशा से हाथ घुमाकर नहीं भेजा जाता था। क्रिकेट के शुरुआती दिनों अंडर-आर्म बॉलिंग का ही नियम था। गेंद को कमर के नीचे से फेंका जाता था। हालांकि, महिलाओं की स्कर्ट के कारण राउंड-आर्म बॉलिंग शुरू हुई।
क्रिस्टीना विल्स ने की गेंद
19वीं सदी की शुरुआत में क्रिकेटर जॉन विल्स की बहन क्रिस्टीना विल्स ने इसका चलन शुरू किया। क्रिस्टीना विल्स एक मैच के दौरान अपने भाई को गेंदबाजी कर रही थीं। इस दौरान उनका भारी और बड़ा घाघरा (Skirt) गेंदबाजी में परेशानी कर रहा था।
स्कर्ट में उलझ रहा था हाथ
घाघरे की वजह से अंडरआर्म बॉलिंग में समस्या हो रही थी। उनका हाथ बार-बार स्कर्ट से उलझ रहा था। ऐसे में उन्हें एक आइडिया आया और क्रिस्टीना विल्स ने हाथ ऊपर से घुमाकर (ओवर-आर्म) गेंद फेंक दी। यह आइडिया क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बना।
लॉर्ड्स के मैदान पर की बॉलिंग
क्रिस्टीना के भाई जॉन विल्स ने अपनी बहन की इस बॉलिंग स्टाइल को अपनाया। उन्होंने 1822 में लॉर्ड्स के मैदान पर इस तरह गेंदबाजी की। हालांकि, तब इसे नो-बॉल करार दिया गया। इस पर उस दौर में विवाद भी हुआ। समय के साथ राउंड-आर्म बॉलिंग को अपनाया गया। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने 1864 में नियमों में बदलाव किया। एमसीसी ने ओवर-आर्म बॉलिंग को आधिकारिक तौर पर कानूनी मान्यता दे दी।
मुरलीधरन के नाम सबसे ज्यादा विकेट
अब आइए आपको इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों के बारे में बताते हैं। इस लिस्ट में श्रीलंका के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन टॉप पर हैं। मुरली ने 1992 से 2011 तक 495 मैच खेले।
इस दौरान 583 पारियों में उन्होंने 1347 विकेट अपने नाम किए। इस सूची में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न, तीसरे पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन, चौथे पर भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले और 5वें पर ग्लेन मैक्ग्रा हैं।