Death Of Former Minister Nanakdeen Bhurji,मुलायम सिंह यादव की एक ‘आवाज’ पर छोड़ी सरकारी नौकरी; बीजेपी में पाई गुमनामी, नानकदीन भुर्जी का ऐसा रहा सियासी सफर – left government job at mulayam singh yadav behest nanakdin bhurji political journey – Lucknow News


मंगलवार को पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में लालबाग के विधायक आवास से सातवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस हत्या और आत्महत्या को लेकर जांच कर रही है।

हाइलाइट्स

  • नानकदीन भुर्जी लालबाग विधायक आवास के 7वीं मंजिल से गिरे
  • लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने मृत बताया
  • नानकदीन भुर्जी भारतीय जनता पार्टी में 16 साल तक रहे
Nanakdeen Bhurji
मुलायम सिंह यादव और नानकदीन भुर्जी
हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत भी अजीब खेल दिखाती है। यहां कुछ चेहरे समय से पहले ही चमकना शुरू हो जाते हैं और कुछ सत्ता के बंद गलियारों में घुटकर रह जाते हैं। बीजेपी के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व राज्यमंत्री नानकदीन भुर्जी की लखनऊ में विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिरकर हुई संदिग्ध मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया है। समाज में गहरा प्रभाव रखने वाले और कभी मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले नानकदीन भुर्जी का यह दुखद अंत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक नेता के उत्थान, भटकाव और उपेक्षा से उपजे अवसाद की दर्दनाक कहानी बयां करता है।

​’इस्तीफा दो… मंत्री बनाएंगे’, जब नेताजी की एक शर्त पर बदल गई किस्मत

​नानकदीन भुर्जी की राजनीतिक पारी की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। वे शुरुआत में उत्तर प्रदेश राज्य संपत्ति विभाग में एक मामूली कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। उस दौरान समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से उनकी अक्सर मुलाकातें होती थीं। कहा जाता है कि भुर्जी समाज पर उनकी मजबूत पकड़ और काम के प्रति समर्पण को देखकर मुलायम सिंह यादव ने उनसे कहा था कि ‘आप नौकरी से इस्तीफा दो, हम आपको मंत्री बनाएंगे’। नानकदीन भुर्जी ने बिना एक पल गंवाए सरकारी नौकरी छोड़ दी और सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बन गए।

​अमर सिंह मामले के बाद सपा से अपनाई दूरी

​हालांकि, एक कहावत कही जाती है कि राजनीति का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए, कहा नहीं जा सकता। अमर सिंह मामले के दौरान नानकदीन भुर्जी ने अमर सिंह के इशारे पर मुलायम सिंह यादव के खिलाफ कुछ बयान दे दिए थे। इस एक मोड़ ने सपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए। इसके बाद करीब 16 साल पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बीजेपी में आने के बाद वे लंबे समय तक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठते थे और ओबीसी वर्ग को जोड़ने का काम करते रहे, लेकिन बीते कुछ महीनों से उन्होंने दफ्तर जाना भी बंद कर दिया था।

​MLC की हसरत, दिल्ली के चक्कर और 7वीं मंजिल से दुखद अंत

लखनऊ में ​मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना के बीच राजनीतिक गलियारों से उठ रही आवाजें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। कहा जा रहा है कि वे पार्टी में कोई सम्मानजनक पद या एमएलसी (MLC) का टिकट चाहते थे। इसके लिए वे हाल ही में दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले थे, लेकिन कहीं से भी ठोस आश्वासन न मिलने और आर्थिक दबाव के चलते वे भारी अवसाद यानी तनाव में चले गए थे। घटना के दिन यानी मंगलवार को वे नए विधायक निवास में सुभासपा के विधायक हंसूराम के फ्लैट नंबर 703 पहुंचे थे, जहां से कुछ ही देर बाद वे संदिग्ध परिस्थितियों में 7वीं मंजिल से नीचे गिर गए और इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस की ओर से घटना के बाद की गई शुरुआती जांच में तो आत्महत्या की बात निकलकर सामने आ रही ह, लेकिन पुलिस अभी भी इस मामले को और गहराई से जांच करके असल वजह तलाशने में जुटी हुई है।

विवेक मिश्रा

लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।

अनुभव
यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।

शिक्षा
राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।… और पढ़ें