मंगलवार को पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में लालबाग के विधायक आवास से सातवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस हत्या और आत्महत्या को लेकर जांच कर रही है।
हाइलाइट्स
- नानकदीन भुर्जी लालबाग विधायक आवास के 7वीं मंजिल से गिरे
- लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने मृत बताया
- नानकदीन भुर्जी भारतीय जनता पार्टी में 16 साल तक रहे

’इस्तीफा दो… मंत्री बनाएंगे’, जब नेताजी की एक शर्त पर बदल गई किस्मत
नानकदीन भुर्जी की राजनीतिक पारी की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। वे शुरुआत में उत्तर प्रदेश राज्य संपत्ति विभाग में एक मामूली कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। उस दौरान समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से उनकी अक्सर मुलाकातें होती थीं। कहा जाता है कि भुर्जी समाज पर उनकी मजबूत पकड़ और काम के प्रति समर्पण को देखकर मुलायम सिंह यादव ने उनसे कहा था कि ‘आप नौकरी से इस्तीफा दो, हम आपको मंत्री बनाएंगे’। नानकदीन भुर्जी ने बिना एक पल गंवाए सरकारी नौकरी छोड़ दी और सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बन गए।
अमर सिंह मामले के बाद सपा से अपनाई दूरी
हालांकि, एक कहावत कही जाती है कि राजनीति का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए, कहा नहीं जा सकता। अमर सिंह मामले के दौरान नानकदीन भुर्जी ने अमर सिंह के इशारे पर मुलायम सिंह यादव के खिलाफ कुछ बयान दे दिए थे। इस एक मोड़ ने सपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए। इसके बाद करीब 16 साल पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बीजेपी में आने के बाद वे लंबे समय तक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठते थे और ओबीसी वर्ग को जोड़ने का काम करते रहे, लेकिन बीते कुछ महीनों से उन्होंने दफ्तर जाना भी बंद कर दिया था।
MLC की हसरत, दिल्ली के चक्कर और 7वीं मंजिल से दुखद अंत
लखनऊ में मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना के बीच राजनीतिक गलियारों से उठ रही आवाजें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। कहा जा रहा है कि वे पार्टी में कोई सम्मानजनक पद या एमएलसी (MLC) का टिकट चाहते थे। इसके लिए वे हाल ही में दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले थे, लेकिन कहीं से भी ठोस आश्वासन न मिलने और आर्थिक दबाव के चलते वे भारी अवसाद यानी तनाव में चले गए थे। घटना के दिन यानी मंगलवार को वे नए विधायक निवास में सुभासपा के विधायक हंसूराम के फ्लैट नंबर 703 पहुंचे थे, जहां से कुछ ही देर बाद वे संदिग्ध परिस्थितियों में 7वीं मंजिल से नीचे गिर गए और इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की ओर से घटना के बाद की गई शुरुआती जांच में तो आत्महत्या की बात निकलकर सामने आ रही ह, लेकिन पुलिस अभी भी इस मामले को और गहराई से जांच करके असल वजह तलाशने में जुटी हुई है।
