जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। लंदन के लार्ड्स में शुक्रवार से शुरू हुए ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने धैर्य और प्रतिभा का शानदार नमूना पेश किया। भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। टी-20 विश्व कप में ग्रुप चरण से ही बाहर होने के बाद भारतीय टीम की बल्लेबाज उन्हीं इंग्लिश गेंदबाजों के सामने तीसरे सत्र तक डटीं रहीं, जो विश्व कप में फाइनल से पहले तक कहर मचाकर आई हैं।
शतक से चूकीं मंधाना
भारत ने स्मृति मंधाना (83) और कप्तान हरमनप्रीत (58) के बाद ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (57) के अर्धशतकों के दम पर 285 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। भारत का यह स्कोर और बड़ा हो सकता था, अगर जेमिमा रोड्रिग्स (35) अपनी पारी को बड़ी कर पातीं और यास्तिका भाटिया 12 रन पर आउट न होकर अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन करतीं।
83 रन पर 5 विकेट खोए
पांच विकेट पर 200 का आंकड़ा पार कर चुकी भारतीय टीम ने अपने अंतिम पांच विकेट 83 रन बनाने में गंवा दिए। एक समय लग रहा था कि भारत पहले दिन खेल समाप्त होने तक बल्लेबाजी करेगा। लेकिन सोफी एक्लेस्टोन (68 रन देकर तीन विकेट) सहित लारेन फिलर, इस्सी वोंग और मेडी विलियर्स ने दो-दो विकेट लेकर ऐसा होने नहीं दिया।
दीप्ति शर्मा लगाया अर्धशतक
इससे पहले स्मृति मंधाना ने सिर्फ 108 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाते हुए दर्शकों को टेस्ट मैच नहीं बल्कि टी-20 जैसा अनुभव दिया। हालांकि कप्तान हरमनप्रीत ने अपनी 58 रन की पारी में 121 गेंद खेलते हुए धैर्य का परिचय दिया। वहीं दीप्ति शर्मा ने 87 गेंद की अपनी पारी में तेजी से रन बटोरते हुए भारत को इस लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की।
इंग्लैंड को लगा पहला झटका
इसके बाद पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 1 विकेट खोकर 21 रन बना लिए हैं। क्रांति गौड़ ने भारत को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने टैमी ब्यूमोंट को LBW आउट किया। दिन का खेल खत्म होने तक माया बाउचर 17 और हीथर नाइट 1 रन बनाकर नाबाद हैं।