EV खरीदने वालों के लिए गुड न्यूज: आसानी से मिलेगा लोन; क्या है सरकार का पूरा प्लान?


जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसे और प्रोत्साहित करने के लिए इसके लोन को और आसान बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

कुछ साल पहले नीति आयोग ने ईवी लोन को प्राथमिक सेक्टर के कर्ज में शामिल करने की सिफारिश की थी, लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया।

EV लोन को प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल करने पर विचार

ईवी से जुड़े औद्योगिक संगठन लगातार इसकी मांग करते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नियामक स्तर पर इस दिशा में गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही ईवी लोन को प्राथमिक सेक्टर में शामिल किया जा सकता है। अभी कई बैंक इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए पेट्रोल-डीजल वाली कार की तुलना में कम दर पर लोन दे रहे हैं।

कमर्शियल EV के लिए लोन प्रक्रिया होगी सरल

हालांकि, इलेक्ट्रिक टैक्सी, बस और ट्रक की खरीदारी के लिए बैंकों से आसानी से लोन नहीं मिल पाता है। इलेक्ट्रिक रिक्शा और इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदने के लिए ग्राहकों को एनबीएफसी का रुख करना पड़ता है।

बैंकों की ओर से स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वह इन्हें लोन देने से क्यों बच रहे हैं। दूसरी तरफ, सभी राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने को लेकर भी नए सिरे से कोशिश की जा रही है।

देश में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोर

भारी उद्योग मंत्रालय इस दिशा में राज्यों के संपर्क में है। अभी देश में सार्वजनिक इस्तेमाल वाले 29,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशन हैं और इनमें से 70 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन देश के 10 राज्यों में हैं।

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सबसे अधिक कर्नाटक में 5,700 तो महाराष्ट्र में 3,700, दिल्ली में 1,900 तो तमिलनाडु में 1,800 चार्जिंग स्टेशन है। उत्तर प्रदेश में 1,500 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन है।

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