Gujarat Contractual Jobs,PM मोदी के गुजरात में कॉन्ट्रैक्ट वाली जॉब्स में आरक्षण की तैयारी, सरकार ने उठाया पहला कदम, जानें सबकुछ – gujarat govt weighs quota for state contractual jobs for sc st and obc social justice education depts asked to examine matter know all – Ahmedabad News


Gujarat Contracts Jobs Quota News: गुजरात सरकार ने लंबे विचार-विमर्श के बाद सरकार की कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरियों में आरक्षित वर्ग के सीटें सुरक्षित करने की दिशा में पहला कदम उठाया है। अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ी तो कॉन्ट्रैक्ट वाली सरकारी जॉब्स में आरक्षण के हिसाब से भर्ती की जाएगी।

हाइलाइट्स

  • गुजरात सरकार कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरियों में आरक्षण देने पर कर रही विचार
  • सामाजिक न्याय और शिक्षा विभागों से मामले की जांच करने को कहा गया
  • इस कदम से सरकारी विभागों में भर्ती के तरीकों में होगा बड़ा बदलाव
Quota in Contract jobs in gujarat
सरकार की कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरियों में आरक्षण को लेकर पहल।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
अहमदाबाद: गुजरात में अगर सबकुछ ठीक रहा तो कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरियों में आरक्षण लागू हो सकता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली राज्य सरकार के स्तर पर बड़ी हचलल सामने आई है। इसमें कहा गया है कि गुजरात सरकार कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाली नियुक्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ देने की संभावना पर विचार कर रही है। इस कदम से सरकारी विभागों में भर्ती के तरीकों में बड़ा बदलाव आ सकता है।

सरकार ने अर्जियों पर उठाया कदम

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्ताव तब आया है जब राज्य को अलग-अलग जगहों से कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाली भर्तियों में आरक्षण लागू करने की मांग वाली अर्जियां मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ऐसी नीति की संभावना का आकलन कर रही है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ सालों में कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती लगातार बढ़ी है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री प्रद्युमन सिंह जडेजा के पास शिक्षा विभाग भी है। उन्होंने गुरुवार को सामाजिक न्याय और शिक्षा विभागों के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे की समीक्षा के लिए बैठक की।

डाटा इकट्‌ठा करने का दिया निर्देश

बैठक के दौरान अधिकारियों को सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या का डेटा इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया। चर्चा से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि चूंकि कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की कुल संख्या के बारे में कोई डेटा आसानी से उपलब्ध नहीं है, इसलिए मंत्री ने जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। गुजरात में एक अनुमान के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट पर तीन लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। यह संख्या इससे भी ज़्यादा हो सकती है। राज्य सरकार में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्तियां आम हो गई हैं, खासकर क्लास III और IV के पदों के लिए।

अभी कॉन्ट्रैक्ट जॉब में नहीं है कोटा

इतना ही नहीं अब डॉक्टर और नर्स जैसे खास पदों पर भी कॉन्ट्रैक्ट-आधारित भर्ती के जरिए नियुक्तियां की जा रही हैं। राज्य सचिवालय में भी कई पदों पर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों पर कर्मचारी रखे जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती अभी दो तरीकों से होती है। कुछ मामलों में विभाग सीधे नियुक्तियां करते हैं, जबकि अन्य मामलों में भर्ती की प्रक्रिया प्राइवेट एजेंसियों को सौंप दी जाती है। आम सरकारी भर्ती के उलट अभी कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाली भर्तियों में SC, ST और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।

एजेंसियों को लागू करना पड़ेगा आरक्षण

टीओआई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि सरकार कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी तो दे ही रही है। ऐसे में यह देखना सही रहेगा कि क्या ऐसी भर्तियों में भी आरक्षण लागू किया जा सकता है। जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें से एक है कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों की भर्ती करने वाली एजेंसियों के लिए जारी टेंडर में आरक्षण से जुड़ी शर्तें शामिल करना। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी शर्त के तहत एजेंसियों को भर्ती करते समय आरक्षण के नियमों का पालन करना पड़ सकता है।

अभी देशभर में क्या स्थिति

सरकारी विभागों और एजेंसियों के माध्यम से की जाने वाली आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित भर्तियों में कर्नाटक राज्य ने सबसे पहले स्पष्ट नियम और कानूनी संशोधन लागू किया है। गुजरात ने अब आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में अभी इस पर विचार चल रहा है। बाकी राज्यों की स्थिति अभी इस मुद्दे पर बहुत साफ नहीं है। गुजरात में आदिवासी समुदाय की काफी आबादी है। इतना ही नहीं ओबीसी 50 फीसदी से अधिक हैं।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।

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