Paper Leak | Education Minister


Last Updated:

Paper Leak Government Action In Rajasthan : राजस्थान में पेपर लीक पर सरकार ने कार्रवाई का ब्योरा दिया. ढाई साल में 383 भर्ती परीक्षाएं हुईं, 163 FIR दर्ज, 569 गिरफ्तार. 188 लोक सेवकों की सेवाएं समाप्त की गईं. सरकार ने यह भी बताया कि फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. अब तक 188 लोक सेवकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं.

569 गिरफ्तार, 188 की सेवाएं समाप्त; पेपर लीक पर राजस्थान सरकार का पूरा ब्योराZoom

पेपर लीक पर राजस्थान सरकार ने ढाई साल में क्या किया, जानें ब्योरा

जयपुर. राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है. युवाओं के विरोध-प्रदर्शन और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने अपनी ओर से अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्योरा जारी किया है. सरकार का कहना है कि पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सिर्फ दावों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पिछले ढाई साल में कई बड़े कदम उठाए गए हैं. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया, गिरफ्तारियों और रद्द की गई नियुक्तियों से जुड़े आंकड़े भी सार्वजनिक किए हैं.

सरकार के अनुसार पिछले ढाई साल में प्रदेश में 383 भर्ती परीक्षाएं कराई गई हैं. इन परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सत्यापन व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त किया गया है. सरकार का दावा है कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ.

क्या बताते हैं आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक पेपर लीक से जुड़े मामलों में अब तक 163 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इन मामलों में 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसआई भर्ती परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को लेकर भी बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 71 सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा गया है. जांच के दौरान आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया गया.

फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों का क्या
सरकार ने यह भी बताया कि फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. अब तक 188 लोक सेवकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं. इसके अलावा 135 शारीरिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश रद्द किए गए हैं. 454 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है. ओएमआर शीट में गड़बड़ी, डमी अभ्यर्थियों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने के मामलों में भी कार्रवाई की गई है.

भर्ती प्रक्रिया पर युवाओ का कैसा है रुख
भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार का कहना है कि पिछले ढाई साल में 1.78 लाख से ज्यादा सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं. करीब एक लाख भर्तियां अभी प्रक्रियाधीन हैं. इसके अलावा 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है. सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने से युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है और पेपर लीक माफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.

जब चुनाव में पेपर लीक बना था सबसे बड़ा मुद्दा
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पेपर लीक का मुद्दा प्रमुख चुनावी विषयों में शामिल था. उस समय भाजपा ने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था. सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. सरकार का कहना है कि शुरुआत से ही उसकी नीति पेपर लीक के मामलों में जीरो टॉलरेंस की रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.

About the Author

authorimg

Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…

और पढ़ें



Leave a Comment