Indo-MIM IPO: लिस्टिंग गेन का लालच या SIP की लंबी रेस? निवेश से पहले ये जरूर पढ़ें
Indo-MIM के IPO में दांव लगाने का आखिरी मौका सोमवार, 27 जुलाई को है। अब निवेशकों को तय करना है कि वे लिस्टिंग गेन (Listing Pop) के लिए जाएंगे या फिर SIP के जरिए लंबी रेस के घोड़े बनेंगे। कंपनी ने ₹461–₹485 का प्राइस बैंड तय किया है और रिटेल निवेशकों के लिए 30 शेयरों का एक लॉट है। यानी आपको कम से कम ₹14,550 निवेश करने होंगे। ध्यान रहे, रिजेक्शन से बचने के लिए सोमवार शाम 5 बजे तक अपना UPI मैंडेट जरूर अप्रूव कर दें। T+3 शेड्यूल के हिसाब से इसकी लिस्टिंग बुधवार, 30 जुलाई को हो सकती है।
शनिवार शाम तक के आंकड़ों के मुताबिक, यह IPO कुल 3.07 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें रिटेल हिस्सा करीब 1.89 गुना भरा है। अगर यही रफ्तार रही, तो रिटेल कैटेगरी में अलॉटमेंट मिलने की संभावना लगभग 50 फीसदी है। हालांकि, सोमवार को आखिरी दिन भीड़ बढ़ी तो ये चांस कम हो सकते हैं। पहले दिन यह 1.13 गुना भरा था। एक जरूरी बात—मैंडेट जल्दी अप्रूव करें क्योंकि एक्सचेंज मंगलवार (T+1) सुबह 9:30 बजे से पहले थर्ड-पार्टी चेक करते हैं।

IPO vs SIP: लिस्टिंग गेन, GMP के संकेत और टैक्स की मार
ग्रे-मार्केट में 30-40% प्रीमियम की चर्चा है, लेकिन यह अनौपचारिक और काफी अस्थिर होता है। T+3 टाइमलाइन की वजह से मुनाफा जल्दी मिल सकता है, लेकिन वह उतनी ही तेजी से गायब भी हो सकता है। टैक्स की बात करें तो लिस्टेड इक्विटी पर शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट पर 20% टैक्स लगता है। वहीं, एक साल से ज्यादा होल्ड करने पर 1.25 लाख रुपये से ऊपर के मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना होगा।
IPO vs SIP: 3-5 साल की कंपाउंडिंग और FD की हकीकत
SIP के जरिए निवेश करने पर अलग-अलग मार्केट साइकिल में औसत कीमत (Average price) का फायदा मिलता है। लेकिन अक्सर इसकी तुलना बैंक FD से की जाती है। फिलहाल बड़े बैंकों में पॉपुलर टेन्योर के लिए ब्याज दरें 6.25% से 6.9% के बीच हैं। याद रखें, FD के ब्याज पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इक्विटी से अपनी उम्मीदों को परखने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें।
| Bank | Popular tenure example | Public rate (July 2026) |
|---|---|---|
| Axis Bank | 1 year | 6.25% |
| HDFC Bank | ≈5 years | 6.90% |
| Bank of Baroda | 555 days (scheme) | 6.75% |
IPO vs SIP: किसे इससे बचना चाहिए? रिस्क के हिसाब से बेहतर विकल्प
अगर आपका लक्ष्य तीन साल से कम का है या आप बाजार की गिरावट नहीं झेल सकते, तो इस IPO से दूर रहें। सुरक्षित निवेश चाहने वाले लोग बड़े बैंकों की FD या लिक्विड और शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड चुन सकते हैं। मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशक इंडेक्स फंड या डायवर्सिफाइड फंड में SIP के साथ थोड़ा डेट बफर रख सकते हैं। वहीं, एग्रेसिव निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 5% से कम हिस्सा IPO में लगा सकते हैं, बशर्ते उनकी कोर SIP चलती रहे। अगर आपकी प्लानिंग इजाजत देती है, तो सोमवार शाम 5 बजे से पहले ही फैसला लें।