ITR फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक: 31 जुलाई से पहले ये गलतियां सुधारें और जुर्माना बचाएं
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए अब सिर्फ नौ दिन बचे हैं, इसलिए टैक्सपेयर्स को जल्दबाजी करनी होगी। वित्त वर्ष (FY) 2025-26 के लिए डेडलाइन 31 जुलाई को खत्म हो रही है। पहली बार रिटर्न फाइल करने वालों के लिए यह समय बहुत अहम है ताकि वे पेनाल्टी और कानूनी पचड़ों से बच सकें। अगर आप यह तारीख चूक जाते हैं, तो इससे न केवल आर्थिक तनाव बढ़ेगा बल्कि रिफंड पर मिलने वाले ब्याज का भी नुकसान होगा।
रिटर्न भरने की शुरुआत ITR-1, ITR-2 या ITR-3 में से सही फॉर्म चुनने के साथ होती है। आपको अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) का फॉर्म 26AS के साथ सावधानी से मिलान करना चाहिए। अपने रिकॉर्ड में टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) की किसी भी गड़बड़ी को अच्छी तरह चेक कर लें। अक्सर इन कमियों की वजह से ही रिफंड में देरी होती है या इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस आ जाता है।

सही ITR का चुनाव और लेट-फीस के जाल से बचाव
एक बार जब आपका टैक्स कैलकुलेट हो जाए, तो तुरंत पेमेंट के लिए नेटबैंकिंग या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करें। रिफंड की प्रक्रिया तेज करने के लिए अपने बैंक अकाउंट को हमेशा प्री-वैलिडेट करके रखें। याद रखें कि अब कानून के मुताबिक फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है। इस स्टेप को छोड़ने पर आपका रिटर्न इनवैलिड हो जाएगा और आपको भारी लेट फीस भरनी पड़ सकती है।
सेक्शन 234F के तहत देरी से फाइलिंग करने पर पांच हजार रुपये तक की लेट फीस लगती है। इसके अलावा, बकाया टैक्स राशि पर हर महीने ब्याज भी वसूला जाता है। इसे देखते हुए, आज के समय में किसी भी फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न की तुलना में समय पर टैक्स फाइल करना कहीं ज्यादा फायदेमंद है। नीचे दी गई टेबल दिखाती है कि लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए टैक्स की बचत क्यों मायने रखती है।
| निवेश का प्रकार | 5 साल का रिटर्न | 10 साल का रिटर्न | 15 साल का रिटर्न |
|---|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट | 7.0% | 7.2% | 7.5% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड | 7.1% | 7.1% | 7.1% |
| इक्विटी म्यूचुअल फंड | 14.5% | 15.2% | 16.0% |
ITR ई-वेरिफिकेशन और रिफंड के लिए आखिरी कदम
सुनिश्चित करें कि आप कैपिटल गेन्स और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के सबूत पूरी ईमानदारी से घोषित करें। म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट में छोटी सी गलती भी ऑटोमेटेड टैक्स नोटिस का कारण बन सकती है। 31 जुलाई से पहले अपनी फाइलिंग पूरी करने से आपको मानसिक शांति और वित्तीय सुरक्षा मिलती है। पोर्टल पर होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए आखिरी घंटों का इंतजार बिल्कुल न करें।