Karur Stampede Victims Job,तमिलनाडु CM विजय को तगड़ा झटका, मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश किया रद्द – madras high court cancelled cm vijay job order to karur stampede victims big blow to tvk government decision know all – Chennai News


Tamil Nadu Karur Victims Job Row: तमिलनाडु के सीएम थलपति विजय को करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी देने के मामले में झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार के आदेश को रद्द करते हुए नियुक्ति पर रोक लगा दी है। थलपति विजय ने 10 जुलाई को 31 पीड़ितों को नियुक्ति पत्र खुद अपने हाथों से सौंपे थे।

Madras High Court cancelled Vijay job Order For Karur Stampede Victims
करूर भगदड़ के पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश हाईकोर्ट ने किया खारिज।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को सीएम बनने के बाद पहला बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जा रही थी। जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. शक्तिवेल की डिवीजन बेंच ने यह आदेश उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया, जिनमें राज्य सरकार को पीड़ितों के परिवारों को नियुक्ति आदेश जारी करने से रोकने की मांग की गई थी। इसी महीने की 10 जुलाई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे थे। इस मौके पर विजय भावुक हो गए थे। तब डीएमके ने सवाल उठाए थे।

हाईकोर्ट ने पहले भी लगाई थी शर्त

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 10 जुलाई को करूर में तमिलनाडु सरकार के एक कार्यक्रम की अनुमति दी थी, जिसमें मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पीड़ितों के परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने वाले थे। हालांकि कोर्ट ने शर्त रखी थी कि ये नौकरियां केवल अस्थायी होंगी और न्यायिक समीक्षा के अधीन होंगी। कोर्ट ने कहा कि वह महीने के अंत तक मुख्य मामलों पर सुनवाई करना चाहता है, ताकि जिन लोगों को नौकरी की पेशकश की गई है, उन्हें पहली सैलरी मिलने से पहले ही इस पर फैसला हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच

करूर भगदड़ की घटना 27 सितंबर, 2025 को ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) प्रमुख और अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान हुई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। रैली में भारी भीड़ उमड़ने और भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मृतकों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले की जांच राज्य पुलिस (एसआईटी) से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई जांच में भीड़-प्रबंधन और पार्टी आयोजकों की भूमिका जैसे पहलू शामिल हैं।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें