Lawrence Bishnoi Network,नारकोटिक्स नेक्सस का इंटरनेशनल खेल एक्सपोज, लॉरेंस गैंग का मेंबर फ्रांस में अरेस्ट – international narcotics nexus exposed lawrence gang member arrested in france – Crime News


कनाडा के इमिग्रेशन और रिफ्यूजी ट्रिब्यूनल ने एक और गैंग सदस्य, जशनदीप सिंह को देश से बाहर भेजने का आदेश दिया है। उस पर आरोप है कि उसने कनाडा के सरे (Surrey) में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियार को छिपाने में मदद की थी।

Lawrence Gang
लॉरेंस गैंग
नई दिल्ली: लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क के सदस्य गरिंदर देव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है। देव पर आरोप है कि उसने अमेरिका में कोकीन और हेरोइन की भारी खेप पहुंचाने की साजिश रची थी। अब उसे कनाडा प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इसी दौरान कनाडा के इमिग्रेशन और रिफ्यूजी ट्रिब्यूनल ने एक और गैंग सदस्य, जशनदीप सिंह को देश से बाहर भेजने का आदेश दिया है। उस पर आरोप है कि उसने कनाडा के सरे (Surrey) में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियार को छिपाने में मदद की थी।

भारत में होने वाली गिरफ्तारियां शामिल

कई देशों में की गई इस बड़ी कार्रवाई का संबंध ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ नाम की एक व्यापक ग्लोबल लॉ-एनफोर्समेंट पहल से है। इसके चलते अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने लॉरेंस और अन्य मुख्य ऑपरेटिव्स के खिलाफ विस्तृत आरोप-पत्र (indictments) दाखिल किए थे। सूत्रों का कहना है कि इस समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिनमें भारत में होने वाली गिरफ्तारियां भी शामिल हैं।

कोकीन और हेरोइन की खेप जब्त

यूएस DOJ के आरोप-पत्र के अनुसार लॉरेंस के ट्रांसअटलांटिक आपराधिक नेटवर्क के लिए वित्तीय कामकाज संभालने में देव ने अहम भूमिका निभाई। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उसने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश रची और दक्षिणी कैलिफोर्निया से पूर्वी अमेरिका तक अवैध ड्रग्स की ढुलाई का इंतजाम किया। इस नेटवर्क को जून 2025 में तब बड़ा झटका लगा, जब अमेरिकी एजेंसियों ने इस सिंडिकेट से जुड़ी लगभग 100 किलोग्राम कोकीन और एक किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी खेप जब्त की।

जबरन वसूली डराने-धमकाने की साजिश

नॉर्थ अमेरिका में लॉरेंस गैंग को एक और झटका लगा, क्योंकि कनाडा के इमिग्रेशन और रिफ्यूजी बोर्ड ने जशनदीप सिंह को देश से बाहर भेजने का आदेश दिया। यह मामला सीधे तौर पर भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की मशहूर हस्तियों से जबरन वसूली और उन्हें डराने-धमकाने की साजिश से जुड़ा है, जिसमें खास तौर पर सरे (Surrey) में हुई गोलीबारी की घटना शामिल है।

सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा

जांच एजेंसियों ने यह पता लगाया कि सिंह ने ‘ड्राइव-बाय शूटिंग’ में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाकर सिंडिकेट की मदद की थी। हालांकि, अदालत में अभी तक औपचारिक आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं, लेकिन आव्रजन अधिकारियों ने फैसला सुनाया कि उनकी मौजूदगी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है। 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा आए सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और भारत

यह गिरोह के एक अन्य सदस्य अर्शदीप सिंह के हालिया निर्वासन के बाद है। ये तीव्र परिचालन विकास ऑपरेशन हार्डबॉल की बढ़ती प्रभावकारिता को रेखांकित करते हैं, जिसका उद्देश्य पश्चिम में सक्रिय भारतीय संगठित अपराध सिंडिकेट द्वारा उपयोग किए जाने वाले बुनियादी ढांचे, वित्तीय पाइपलाइनों और सुरक्षित आश्रयों को नष्ट करना है। यह ऑपरेशन अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और भारत में एजेंसियों के बीच वास्तविक समय की खुफिया जानकारी साझा करने पर निर्भर करता है, जो वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और हिंसक अपराधों में लॉरेंस गिरोह के विस्तार के प्रति शून्य-सहिष्णुता दृष्टिकोण को दर्शाता है।

20 साल की सजा सुनाई गई

एक और घटनाक्रम में ओंटारियो के ब्रैम्पटन के रहने वाले भारतीय मूल के 63 वर्षीय व्यक्ति गुरअमृत सिद्धू को अमेरिकी फेडरल जेल में 20 साल की सजा सुनाई गई है। उन्हें सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड होने का दोषी पाया गया। इस नेटवर्क के जरिए एक महीने में सैकड़ों किलोग्राम मेथामफेटामाइन और कोकीन (जिसकी कीमत 17 मिलियन डॉलर तक थी) की अमेरिका से कनाडा तस्करी की जाती थी।

अक्षय श्रीवास्तव

लेखक के बारे मेंअक्षय श्रीवास्तवअक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मार्च 2025 में उन्होंने टाइम्स समूह का डिजिटल विंग नवभारत टाइम्स (NBT Digital) ज्वाइन किया। यहां अक्षय न्यूज टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ दिल्ली और अपराध से जुड़े समाचारों का संपादन और क्यूरेशन करते हैं। समय-समय पर वह फील्ड रिपोर्टिंग में भी उतरते हैं। अक्षय ग्राउंड पर जाकर खबरों के पीछे छिपी कहानी को निकालने में रुचि रखते हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के अनुभव में अक्षय ने रिपोर्टिंग के साथ-साथ डेस्क पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अक्षय ने साल 2019 और 2024 की राजनीति के निर्णायक लोकसभा चुनाव भी कवर किए हैं।

करियर के दौरान अक्षय ने प्रिंट मीडिया में एक लंबी पारी खत्म कर साल 2018 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा। यहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता का शुरुआती काम सीखा। इसके बाद वह दैनिक भास्कर के डिजिटल सेक्शन में काम करने लगे। यहां उन्होंने जीके सेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। आज तक में कार्य के दौरान अक्षय ने कनमैलियों पर एक एक्सक्लूसिव स्टोरी की, जो चर्चा का विषय रही। नवभारत टाइम्स में वह कफ सिरप पीकर अपने बच्चे गंवाने वाले परिवारों तक पहुंचे और उनका दर्द जाना।

पत्रकारिता का अनुभव
अक्षय का पत्रकारिता करियर हिंदी अखबार दैनिक नव भारत भोपाल के साथ साल 2013 में बतौर ट्रेनी शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से प्रकाशित राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर में 2014 से 2016 तक उप-संपादक के रूप में कार्य किया। 2016 से 2018 तक अक्षय ने दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र में बतौर उप-संपादक काम किया। साल 2018 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद जनवरी 2022 में AajTak डिजिटल के साथ जुड़े और मार्च 2015 तक होम पेज पर अपनी सेवाएं दीं।

अक्षय ने एशिया के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान वह कई प्रतियोगताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।और पढ़ें