Lucknow News: एलडीए में सरकारी नौकरी और टेंडर दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये ठगे, Lucknow Hindi News


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Lucknow News: एलडीए में नौकरी और सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर जालसाज मां बेटे ने एक करीबी युवक से 50 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ित ने शिकायत की तो वजीरगंज पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों ने पहले नौकरी का जाली नियुक्ति पत्र दिया और बाद में ठेकेदारी के नाम पर और पैसे मांगे।

Lucknow News: एलडीए में सरकारी नौकरी और टेंडर दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये ठगे

Lucknow News: एलडीए में नौकरी और सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर जालसाज मां बेटे ने एक करीबी युवक से 50 लाख रुपये की ठगी की। एलडीए कर्मी आरोपी महिला ने ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर जाली नियुक्ति पत्र दे दिया। पीड़ित ने विभाग जाकर जानकारी की तो फर्जीवाड़े का पता चला। रुपये वापस मांगने पर मुख्तार का करीबी बताकर धमकाया। पीड़ित ने प्रमुख सचिव गृह से शिकायत की तो वजीरगंज पुलिस ने आरोपी मां बेटे के खिलाफ एफआईआर लिखी है। ठाकुरगंज के बालागंज रज्जबगंज निवासी हमजा इस्लाम ने बताया कि वर्ष 2023 में वह इंटर का छात्र था। इसी दौरान एक रिश्तेदार के घर पर परिचित लालबाग जेसी बोस मार्ग डल्ब्यूआर अपार्टर्मेंट निवासी सुमायरा रब्बानी उर्फ परवीन और उनके बेटे अली अब्दुल्लाह से उसकी मुलाकात हुई थी। एलडीए कर्मचारी सुमायरा और आरोपी बेटे अली ने इंटर पास कर लेने के बाद उसे एलडीए में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। भरोसे में पीड़ित ने 17 अक्तूबर 2023 को आरोपी अली के खाते में 10 लाख रुपये डाले। रुपये मिलने के बाद सुमायरा ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलते ही वह उसे दे देगी.

एलडीए में टेंडर दिलाने के नाम पर 40 लाख लिये

कुछ दिन बाद आरोपी सुमायरा ने हमजा से कहा कि ठेकेदारी का पंजीकरण करा लो। एलडीए में कई बड़े टेंडर जारी हुए हैं। जब तक नौकरी नहीं मिलती, तब तक ठेकेदारी करते रहना। जैसे ही नियुक्ति पत्र मिल जाए तो दोनों काम साथ में कर लेना। हमजा उनके झांसे में आ गया। आरोप है कि टेंडर का झांसे में आकर उसने आरोपी के मांगने पर अपना मकान बेचकर फरवरी 2024 में मौलवीगंज निवासी दानिश के घर पर 40 लाख रुपये नकद सुमायरा व अली को दिए। कई माह बीतने पर भी कोई काम नहीं हुआ। इस पर पीड़ित ने रुपये वापस मांगे। सुमायरा ने अगस्त 2024 में उसे एलडीए में नौकरी का नियुक्ति पत्र थमा दिया। कहा कि जब बोलेंगे तब यह नियुक्ति पत्र लेकर एलडीए जाना और नियुक्ति प्राप्त कर लेना। साथ ही पंजीकरण कराकर ठेका भी मिल जाएगा। काफी समय बीतने के बाद भी मां बेटे ने कोई जवाब नहीं दिया। पीड़ित ने एलडीए जाकर छानबीन की। पता चला कि नियुक्त पत्र फर्जी था.

रुपये मांगने पर टालमटोल, मुख्तार का करीबी बताकर धमकाया

नौकरी और ठेका न मिलने पर पीड़ित ने संपर्क कर अपने 50 लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। पीड़ित ने घर पहुंचकर रुपये मांगे तो आरोपियों ने गालियां देकर खुद को मुख्तार अंसारी का करीबी बताते हुए धमकाया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने प्रमुख सचिव गृह से मुलाकात कर शिकायत की। शुरुआती जांच में आरोप सही मिलने पर वजीरगंज पुलिस ने सुमायरा रब्बानी उर्फ परवीन व अली अब्दुल्लाह के खिलाफ जाली दस्तावेज के आधार पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश आदि की रिपोर्ट दर्ज कराई। वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

सामान्य प्रश्न

इस धोखाधड़ी में पीड़ित ने कुल कितने पैसे गंवाए?

पीड़ित ने इस धोखाधड़ी में कुल 50 लाख रुपये गंवाए।

क्या आरोपियों ने पीड़ित को नौकरी का जाली नियुक्ति पत्र दिया था?+

पीड़ित ने अपनी शिकायत किससे की थी?+



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