NEET पेपर लीक में बहुत बड़ी कार्रवाई, NTA के 47 अधिकारियों की नौकरी गई, कुछ पर कानूनी-कार्रवाई भी होगी: सूत्र


नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले में सरकार ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को उनकी नौकरी से हटा दिया है। न्यूज चैनल आज तक की संवाददाता ने बताया है कि अब इन 47 लोगों को सरकार के किसी भी विभाग में नौकरी नहीं दी जाएगी, वो हमेशा के लिए सरकारी नौकरी से निकाल दिए गए हैं।

बर्खास्त कुछ कर्मियों पर कानूनी-कार्रवाई भी होगी: सूत्र

खबर ये भी है कि सरकार ने नौकरी से निष्कासित इन 47 में से कुछ कर्मियों पर कानूनी-कार्रवाई भी करेगी। संभवतः ये वैसे लोग हैं जिनकी पेपर लीक में संलिप्तता भी हो सकती है। बाकी बर्खास्त लोगों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती होगी, इसलिए उन पर कानूनी-कार्रवाई नहीं होगी। असली बात क्या है, यह आने वाले वक्त में ही पता चलेगा।

NTA की सफाई में जुटी सरकार

मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए नीट का आयोजन एनटीए के जिम्मे है। नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही नवंबर 2017 में एनटीए का गठन किया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को निष्पक्ष, कदाचार मुक्त और तय समय सीमा के अधीन सुनिश्चित करना था। लेकिन कई बार पेपर लीक के मामले, परीक्षाएं टलने आदि की घटनाओं ने इन उद्देश्यों पर पानी फेर दिया।

NTA पर कब-कब लगे दाग?

वर्ष 2021: जेईई मेन परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगा। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हुआ। सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़े के मामले सामने आए।

वर्ष 2024: नीट यूजी परीक्षा में ग्रेस मार्क्स का विवाद हुआ। रिकॉर्ड अंक और बड़े पैमाने पर कथित पेपर लीक के कारण देशव्यापी प्रदर्शन हुए। इसी वर्ष पारदर्शिता की कमी के चलते यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा भी रद्द करनी पड़ी और सीयूईटी (CUET) में भी प्रशासनिक गड़बड़ियां हुईं।

वर्ष 2026: 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण 12 मई को पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिसे बाद में 21 जून को दोबारा कराया गया। इसके विरोध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर धरना चल रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी प्रधान के इस्तीफे पर अड़ियल रुख अपना लिया है।

प्रधानमंत्री बोले- पेपर लीक कोई सामान्य विषय नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की आधी रात एक वीडियो मेसेज जारी कर कहा कि पेपर लीक का विषय सामान्य नहीं है क्योंकि इससे लाखों छात्र-छात्राएं और उनके परिजन प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही पेपर लीक के मामले में कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए मौजूदा कानून को भी बदला जाएगा।

मौजूदा कानून में होंगे कड़े प्रावधान

पीएम मोदी लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन विधेयक लाकर कड़े प्रावधान करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सोमवार से संसद का सत्र दोबारा शुरू होगा तो विधेयक को दोनों सदनों से पास करवाने की कोशिश की जाएगी। विधेयक में परीक्षा में धोखाधड़ी और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई जैसे कड़े प्रावधान लाए जाएंगे। ताकि मामले को तीन महीने के अंदर रफा-दफा किया जा सके।

नीट पेपर लीक में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई?

ध्यान रहे कि नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही मोदी सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटाकर उनका तबादला कर दिया है। विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, राजस्थान कैडर के आईएएस अफसर नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है। केंद्र सरकार ने टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग का नया सचिव बनाया है। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई एनटीए के 47 अफसरों की बर्खास्तगी ही है।



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