RML अस्पताल में संदिग्ध ऑक्सिटोसिन का खेल, 3000 में से 125 इंजेक्शन गायब, जांच में जुटा ड्रग विभाग – rml hospital suspected oxytocin injection case 125 injections missing investigation ongoing


दिल्ली के आरएमएल (RML) अस्पताल में संदिग्ध ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई में से 125 इंजेक्शनों के गायब होने पर ड्रग कंट्रोल विभाग ने जांच तेज कर दी है।

oxytocin injections
नई दिल्लीः आरएमएल अस्पताल में संदिग्ध ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन मिलने के मामले की जांच जारी है। ड्रग कंट्रोल विभाग के अनुसार, अमृतसर से ऑक्सिटोसिन की 3000 एम्प्यूल सप्लाई की गई थीं, लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर स्टोर में 2875 एम्प्यूल ही मिलीं। इनमें से 200 एम्प्यूल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि 2675 एम्प्यूल जब्त कर ली गई हैं। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि 125 इंजेक्शन कहां इस्तेमाल हुए? ड्रग कंट्रोल विभाग हर बिंदु पर मामले की जांच कर रहा है।

क्या था मामला

दस्तावेजों के मुताबिक, 17 जून को ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने आरएमएल के इंजेक्टेबल ड्रग्स यूनिट का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान स्टोर में संदिग्ध बैच के 2875 ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन मिले। इनमें से जांच के लिए 200 इंजेक्शन के नमूने लिए गए जबकि शेष 2675 इंजेक्शन मौके पर ही जब्त कर लिए गए। ड्रग कंट्रोल विभाग ने जब्त किए गए इंजेक्शनों को दो थर्माकोल बॉक्स में सीलबंद किया।

सील के बावजूद उठ रहे ये सवाल

बॉक्स-ए में 1350 वायल और बॉक्स-बी में 1325 वायल रखे गए। दोनों बॉक्स को विभाग की ‘RKK’ सील से सील किया गया और आरएमएल में मौजूद फार्मासिस्ट और ड्रग इंस्पेक्टर ने गवाहों की मौजूदगी में उस पर हस्ताक्षर भी किए। लेकिन इसी बीच सवाल उठ रहा है कि सप्लाई किए गए कुल एम्प्यूल में से 125 एम्प्यूल कहां इस्तेमाल किए गए।

किन जगहों पर भेजे गए थे नकली इंजेक्शन

बताया जा रहा है कि ये इंजेक्शन पंजाब के अमृतसर से सप्लाई किए गए थे। इसी सप्लायर की ओर से राजस्थान के कोटा स्थित एक सरकारी अस्पताल में भी खेप भेजी गई थी, जहां डिलिवरी के बाद पांच महिलाओं की मौत का मामला सामने आया है।

रूम टेंपरेचर पर रखे गए थे इंजेक्शन

उधर, ड्रग कंट्रोल विभाग ने 8 जुलाई को पटपड़गज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक दवा फर्म से 31,700 ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन भी जब्त किए है। जांच में पता चला कि यह स्टॉक उत्तर प्रदेश के बरेली की एक फर्म से खरीदा गया था, लेकिन इसे निर्धारित 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बजाय सामान्य कमरे के तापमान पर रखा गया था।

अमृतसर से 3000 इंजेक्शन आए थे, मिले 2875

इंजेक्शन की खपत पर भी चल रही जांच, जब्त किए गए ऑक्सिटोसिन के 200 सैपल की हो रही जांच
यूपी के बरेली से आई थी पटपड़गंज में जब्त हुई ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की खेप

अभिषेक गौतम

लेखक के बारे मेंअभिषेक गौतमअभिषेक गौतम दिल्ली में क्राइम बीट देखते हैं। उन्होंने एनसीआर और लखनऊ में स्वास्थ्य व नगर निगम की बीट पर काम किया है। उन्होंने भिखारियों की जिंदगी पर एक स्टिंग किया था जिसमे वो खुद भिखारी बनकर एक हफ्ते तक लखनऊ की सड़कों पर घूमे थे। इस स्टोरी के लिए उन्हें साल 2018 के कर्पूर चंद्र कुलिश इंटरनेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म से सम्मानित भी किया गया था।और पढ़ें