Shimla News:फर्जी प्रमाण पत्र पर हासिल कर ली सरकारी नौकरी, अब जाना होगा जेल – Secured A Government Job Using A Fake Certificate; Now Faces Jail



Secured a government job using a fake certificate; now faces jail.



अदालत से जमानत याचिका खारिज, दसवीं के फर्जी प्रमाणपत्र पर आरोपी बन गया था डाक सेवक


आरोपी ने जिस बोर्ड का दिया प्रमाणपत्र, उसका छात्र ही नहीं रहा

संवाद न्यूज एजेंसी

शिमला। दसवीं के फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल करने के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। नौकरी के लिए आरोपी ने जिस बोर्ड का प्रमाणपत्र दिया था, आरोपी उस बोर्ड का छात्र ही नहीं था।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सी बी आई कोर्ट) शिमला, डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी विक्रम पिछले ढाई साल से पुलिस जांच से बचकर फरार चल रहा था। यह मामला 11 अगस्त 2023 को थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास नेगी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हरियाणा निवासी आरोपी विक्रम और सोनू ने उत्तर प्रदेश के बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एग्जामिनेशन के दसवीं के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर 7 अक्तूबर 2020 को भारतीय डाक विभाग में नौकरी प्राप्त की थी। शुरुआत में सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र सही पाए गए थे जिसके बाद उन्हें 3 अप्रैल 2021 को नियुक्ति दी थी। हालांकि बाद में दोबारा सत्यापन करवाने पर दोनों प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे।

आरोपी ने जांच में शामिल होने के बजाय अपने निवास स्थान से फरार रहना उचित समझा जिससे यह साबित होता है कि वह पिछले ढाई साल से पुलिस से बच रहा था। संबंधित बोर्ड से पुष्टि होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी कभी उस बोर्ड का छात्र नहीं रहा और उसने फर्जी दस्तावेज के बल पर नौकरी का सीधा लाभ उठाया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने अदालत से सही तथ्य छिपाए हैं और वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए उसे अग्रिम जमानत का विवेकशील लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए आरोपी को तुरंत जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।



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