Biharsharif News: स्टार्टअप इंडिया : सरकारी योजना ने बदली सोच, नौकरी तलाशने की बजाय रोजगार देने लगे युवा, Biharsharif Hindi News


Biharsharif News: स्टार्टअप इंडिया योजना ने नालंदा में युवाओं की सोच बदली है। अब युवा रोजगार तलाशने के बजाय खुद के कार्य शुरू कर रहे हैं। 100 आधुनिक मशीनों के साथ एक रेडीमेड कपड़ा निर्माण इकाई ने 65-70 परिवारों को रोजगार दिया है। ओंकार शर्मा के नेतृत्व में, स्थानीय लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

Biharsharif News: स्टार्टअप इंडिया : सरकारी योजना ने बदली सोच, नौकरी तलाशने की बजाय रोजगार देने लगे युवा दिल्ली-पंजाब जाने वाले हाथ अब नालंदा में पाने लगे रोजगार 100 आधुनिक मशीनों से 65-70 परिवारों की ओंकार ने बदली जिंदगीघर के पास मिला काम तो थमा पलायन, परिवार के बीच रहकर कमा रहे कारीगर नालंदा में बने कपड़ों की कई जिलों में हो रही आपूर्ति, धीरे-धीरे बढ़ रही मांग फोटो : टेक्सटाइल : कखड़ा-मंडाछ गांव में रेडीमेड कपड़ा बनाते कारीगर। बिहारशरीफ, एक संवाददाता प्रणय कुमार। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में रोजगार की तलाश में जाने वाले नालंदा के हाथ अब अपने ही जिले में कपड़े तैयार कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार

कखड़ा-मंडाछ गांव के पास करीब 100 आधुनिक मशीनों से संचालित रेडीमेड कपड़ा निर्माण इकाई ने 65 से 70 परिवारों के लिए रोजगार का जरिया तैयार किया है। पीएमईजीपी के तहत बैंक लोन लेकर शुरू की गयी इस इकाई ने न केवल स्थानीय लोगों को काम दिया, बल्कि दूसरे युवाओं के लिए भी स्वरोजगार की राह दिखाई है। बिहारशरीफ के पटेल नगर निवासी ओंकार शर्मा ने रेडीमेड कपड़ा निर्माण इकाई शुरू की है। शुरुआत में उनका मकसद खुद के लिए रोजगार खड़ा करना था। मेहनत और कारोबार बढ़ने के साथ इकाई का विस्तार होता गया और स्थानीय लोगों को भी काम मिलने लगा। आज यहां 65-70 कारीगर और कामगार रोजगार पा रहे हैं।

उत्पादन की विस्तार

करीब 100 मशीनों पर तैयार हो रहे कपड़े : इकाई में करीब 100 आधुनिक मशीनें लगी हैं। इनपर शर्ट्स, टी-शर्ट, पैंट, कैपरी और लेगिंग्स समेत कई तरह के रेडीमेड कपड़े तैयार किये जा रहे हैं। कपड़ों की गुणवत्ता और डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मांग बढ़ने के साथ यहां तैयार कपड़ों की आपूर्ति नालंदा के अलावा बिहार के कई अन्य जिलों में भी होने लगी है।

कारोबार बढ़ाने का इरादा

काम बढ़ा तो और लोगों को जोड़ेंगे : ओंकार शर्मा का कहना है कि स्थानीय लोगों को रोजगार देना उनकी प्राथमिकता है। कारोबार बढ़ने के साथ और लोगों को काम से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि युवाओं को सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो वे अपने जिले में ही रोजगार खड़ा कर सकते हैं।

युवाओं में उद्यमिता का भरोसा

अधिकारी बोले : योजना से युवाओं में बढ़ा उद्यम का भरोसा: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जिले के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के माध्यम से युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए वित्तीय सहयोग मिलता है। ओंकार शर्मा जैसे युवा इससे आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक इच्छुक युवा योजना का लाभ लेकर अपनी इकाई स्थापित करें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और दूसरे राज्यों में पलायन भी कम होगा। धनजी कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग विभाग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालंदा में रोजगार का कौन सा स्रोत शुरू किया गया है?

नालंदा में रेडीमेड कपड़ा निर्माण इकाई शुरू की गई है।

कितने परिवारों को रोजगार मिला है?+

इस इकाई में कितनी मशीनें लगी हैं?+

युवाओं को किस सरकारी योजना से लाभ मिला है?+



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