Snake Murder Mystery: पहले कार से कुचला तो हेलमेट ने बचाई जान, फिर 20 दिन बाद रचा जहरीले सांप वाला प्लान – Meerut Snake Murder Mystery First attempt hit by car helmet saved his life after 20 day plot venomous snake plan lclg


मेरठ के चर्चित ‘Snake Murder’ केस में नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने इस सनसनीखेज हत्याकांड की कहानी को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस के मुताबिक, जहरीले सांप से डंसवाकर अतुल पंवार की हत्या पहली कोशिश नहीं थी. इससे करीब 20 दिन पहले भी उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी. आरोप है कि स्कूल ड्राइवर तुषार ने अर्टिगा कार से अतुल को टक्कर मारकर मारने की कोशिश की, लेकिन हेलमेट ने उनकी जान बचा ली. जब पहली साजिश नाकाम हो गई तो कथित तौर पर मौत का तरीका बदल दिया गया. पुलिस का दावा है कि इसके बाद दूध में नींद की गोलियां देने और फिर जहरीले सांप से डंसवाकर हत्या की पूरी साजिश रची गई.

मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी दामिनी, उसके कथित प्रेमी और स्कूल ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे प्रेम संबंध और करीब 20 लाख रुपये की बीमा राशि बड़ा कारण थी. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले सड़क हादसे के जरिए अतुल की जान लेने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद कथित तौर पर एक ऐसा तरीका चुना, जिससे मौत सामान्य हादसा लगे.

पहली साजिश सड़क पर रची गई थी

पुलिस जांच के अनुसार, करीब 20 दिन पहले अतुल पंवार अपनी बाइक से जा रहे थे. इसी दौरान तुषार ने कथित तौर पर अर्टिगा कार से उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था. टक्कर काफी जोरदार थी, लेकिन अतुल ने हेलमेट पहन रखा था. यही हेलमेट उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी ढाल बन गया और वह गंभीर हादसे के बावजूद बच गए. पहली कोशिश नाकाम होने से आरोपियों की योजना पर पानी फिर गया. पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के बाद अतुल ने पत्नी दामिनी से कहा था कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए. लेकिन दामिनी ने कथित तौर पर यह कहकर उन्हें मना कर दिया कि गाड़ी का नंबर नहीं पता है, इसलिए शिकायत करने से कोई फायदा नहीं होगा. पुलिस का मानना है कि अगर उसी समय शिकायत दर्ज हो जाती, तो जांच की दिशा अलग हो सकती थी. लेकिन मामला वहीं दब गया और आरोपियों को दूसरी योजना तैयार करने का मौका मिल गया.

फिर बदल दिया गया मौत का तरीका

कार से हत्या की कथित कोशिश असफल होने के बाद आरोपियों ने योजना बदल दी. पुलिस के मुताबिक, इस बार ऐसा तरीका चुना गया, जिससे किसी को हत्या का शक न हो. आरोप है कि गुरुवार रात अतुल को दूध में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां दी गईं. जब वह गहरी नींद में चले गए तो जहरीले सांप को उनके बिस्तर और चादर के अंदर छोड़ दिया गया. गहरी नींद में होने के कारण वह खुद को बचा नहीं सके और सांप के डसने से उनकी मौत हो गई. शुक्रवार सुबह दामिनी पति को लेकर अस्पताल पहुंची और बताया कि उन्हें सांप ने काट लिया है. डॉक्टरों ने अतुल को मृत घोषित कर दिया. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बिस्तर में सांप भी मिला. पहली नजर में यह मामला सांप के काटने से हुई मौत का लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं. सांप का व्यवहार और पूरी कहानी पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध लगी. यहीं से जांच का रुख बदल गया.

मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा गवाह

पुलिस ने दामिनी और तुषार के मोबाइल फोन की जांच की. कॉल डिटेल, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल साक्ष्यों में दोनों के बीच लगातार बातचीत सामने आई. तुषार के मोबाइल से डिब्बे में बंद एक सांप की तस्वीर भी बरामद हुई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने बताया कि यह सांप दो सपेरों से खरीदा गया था. यही डिजिटल सबूत जांच का अहम आधार बना. पुलिस के मुताबिक, अतुल और दामिनी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था और दोनों मिलकर कृष्णा किड्स पब्लिक स्कूल का संचालन करते थे. इसी दौरान स्कूल के ड्राइवर तुषार से दामिनी की नजदीकियां बढ़ीं. जांच में यह भी सामने आया कि अतुल के नाम करीब 20 लाख रुपये का जीवन बीमा था. पुलिस का दावा है कि बीमा की रकम और प्रेम संबंध के चलते पूरी कथित साजिश रची गई. साजिश में शामिल दो अन्य लोगों को भी रकम देने का वादा किया गया था.

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि शुरुआती जांच में ही मामला संदिग्ध लगने लगा था. तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए. जांच में पहले कार से टक्कर मारने की कथित कोशिश और बाद में जहरीले सांप से हत्या की साजिश की जानकारी मिली. बरामद सांप और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को एफएसएल भेजा गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.

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