SSC Secretary news: कौन हैं SSC सचिव सतीश टीजे? अब 6 महीने बढ़ा कार्यकाल, फरवरी 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी


SSC Secretary Satish T J: स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) में सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात सतीश टीजे का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल को 31 अगस्त 2026 से आगे बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 तक करने की मंजूरी दी है. सतीश टीजे भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के 2010 बैच के अधिकारी हैं और लंबे समय से SSC में परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

SSC Secretary Satish TJ,Satish TJ SSC Secretary एसएससी के सेक्रेटरी सतीश टीजे का कार्यकाल बढा.

कौन हैं सतीश टीजे?

सतीश टीजे भारतीय रक्षा लेखा सेवा (Indian Defense Accounts Service-IDAS)के 2010 बैच के अधिकारी हैं. वर्तमान में वह कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission-SSC)में सेक्रेटरी कम कंट्रोलर ऑफ एग्‍जामिनेशन (Secretary-cum-Controller of Examination)यानी सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत हैं. SSC देश में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है.ऐसे में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी आयोग के कामकाज में बेहद अहम मानी जाती है.सतीश टीजे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत SSC में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.अब उनके कार्यकाल को छह महीने और बढ़ाने का फैसला किया गया है जिसके बाद वह फरवरी 2027 तक इस जिम्मेदारी में बने रहेंगे.

फरवरी 2027 तक बढ़ा कार्यकाल

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC)ने सतीश टीजे के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल को छह महीने बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. उनका मौजूदा कार्यकाल अगस्त 2026 के अंत में पूरा होना था. अब इसे आगे बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 तक कर दिया गया है.ACC की मंजूरी के बाद वह SSC में सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक के रूप में फरवरी 2027 तक काम करेंगे. इस दौरान आयोग की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां उनके कार्यक्षेत्र में रहेंगी.

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कब शुरू हुई केंद्रीय प्रतिनियुक्ति?

सतीश टीजे की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति 1 सितंबर 2021 से शुरू हुई थी. बाद में SSC में उनकी जिम्मेदारी और पद के स्तर में बदलाव भी हुआ. SSC में उनके पद को आगे चलकर निदेशक स्तर के पद के रूप में नामित किया गया यानी SSC में उनका कार्यकाल केवल परीक्षा संचालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय के साथ उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी बढ़ती गई.

SSC में परीक्षा नियंत्रक की क्या होती है भूमिका?

SSC देश की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती एजेंसियों में से एक है. आयोग के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में अलग-अलग पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं.
सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक के पद पर रहते हुए सतीश टीजे आयोग के परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कामकाज का हिस्सा हैं. SSC की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया,उससे जुड़े प्रशासनिक समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाना इस पद की अहम जिम्मेदारियों में शामिल है.

पहले डिप्टी सेक्रेटरी स्तर पर था पद

सतीश टीजे जब SSC में सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक के पद पर आए थे तब यह पद डिप्‍टी सेक्रेटरी यानी उप सचिव स्तर का था. बाद में उनके पद को डायरेक्‍टर यानी निदेशक स्तर के रूप में नामित किया गया.6 फरवरी 2025 को जारी DoPT यानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेश के अनुसार सक्षम प्राधिकारी ने सतीश टीजे के पद को डिप्टी सेक्रेटरी स्तर से निदेशक स्तर पर पुनर्नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.यह बदलाव उनके कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी किया गया था.

पांच साल तक निदेशक स्तर का कार्यकाल

DoPT के आदेश के मुताबिक उनके पद का निदेशक स्तर पर पुनर्नामकरण 31 अगस्त 2028 तक मान्य रहने की बात कही गई थी. इसके तहत केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत निदेशक स्तर पर कुल पांच साल का कार्यकाल पूरा होने की व्यवस्था बताई गई थी हालांकि अब ACC ने उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है इसलिए फिलहाल SSC में उनकी सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी फरवरी 2027 तक जारी रहेगी.

SSC के लिए क्यों अहम है यह जिम्मेदारी?

SSC हर साल लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है.SSC CGL, SSC CHSL, SSC MTS, SSC GD Constable, SSC CPO जैसी परीक्षाओं में देशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं.परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समय पर आयोजन और परिणाम से जुड़ी व्यवस्थाओं का महत्व काफी ज्यादा है.ऐसे में सचिव-सह-परीक्षा नियंत्रक का पद आयोग के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण माना जाता है.सतीश टीजे के कार्यकाल को छह महीने बढ़ाने के फैसले का मतलब है कि वह अब 28 फरवरी 2027 तक SSC में इस जिम्मेदारी को संभालते रहेंगे.



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