UPSC IAS Success Story: दिल्ली की रहने वाली ‘जैन सिस्टर्स’ अंकिता और वैशाली एक साथ पली-बढ़ी, स्कूलिंग, इंजीनियरिंग और फिर एक साथ IAS ऑफिसर बनीं। अंकिता ने यूपीएससी में रैंक-3 और वैशाली ने रैंक-21 हासिल की थी। दोनों बहनों की कहानी सालों की मेहनत, त्याग और खुद पर अटूट विश्वास की है। जो देश की अनगिनत बेटियों की के लिए प्रेरणा से कम नहीं है।

साधारण परिवार, असाधारण सपने
अंकिता और वैशाली दोनों बहनें दिल्ली की रहने वाली हैं। दोनों की परवरिश और स्कूलिंग दिल्ली में हुई है। लेकिन उनकी जड़े राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी हैं। उनके पिता ग्रामीण परिवेश के साधारण परिवार से थे। लेकिन दोनों बेटियों के सपने साधारण नहीं थे। उन्होंने अपनी काबिलियत से साबित किया कि अगर बेटियों को मौका दिया जाए तो वे क्या कुछ नहीं कर सकती हैं।
बड़े भाई की वजह से जैन सिस्टर्स ने चुनी इंजीनियरिंग
स्कूल के दिनों से अंकिता और वैशाली दोनों ब्राइट स्टूडेंट्स रही हैं। स्कूल में अंकिता के 90% तक मार्क्स आते थे, उस समय यह बड़ी बात मानी जाती थी। स्कूलिंग के बाद, दोनों जैन सिस्टर्स ने दिल्ली टेक्निकल इंस्टीट्यूट (DTU) इस इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
अंकिता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार उनके बड़े भाई ने एक कोडिंग के बारे में बताया था, जहां से उन्हें इंजीनियर में जाने की प्रेरणा मिली। वहीं वैशाली ने डीटीयू से बीटेक करने के बाद, आईआई दिल्ली से एमटेक की डिग्री गोल्ड मेडल के साथ हासिल की।
16 लाख सैलरी वाली जॉब छोड़कर उठाईं यूपीएससी की किताबें
डीटीयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद, अंकिता को एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी मिल गई थी। कंपनी में उनका सैलरी पैकेज 16 लाख रुपये सालाना था। लेकिन उनका मन कहीं और बसता था। साल 2014 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। उन्होंने GATE एग्जाम में रैंक-1 लाकर परिवार का भरोसा जीता। उस दौरान वैशाली ने इंजीनियरिंग के दौरान ही यूपीएसस की तैयारी शुरू कर दी थी। जॉब छोड़ने के बाद अंकिता ने भी यूपीएससी की तैयारी शुरू दी।
UPSC में असफलता, DRDO का ऑफर ठुकराना और उम्मीद
साल 2017 में अंकिता ने यूपीएससी एग्जाम दिया। लेकिन प्रीलिम्स में ही असफल हो गईं। इसी दौरान उन्होंने DRDO की नौकरी का ऑफर भी ठुकरा दिया था। क्योंकि उनका पूरा फोकस यूपीएससी पर था। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ टाइम बाद उन्होंने डीआरडीओ में साइंटिस्ट की नौकरी की और साथ में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करती रहीं।
IPS पति के नोट्स पढ़कर अंकिता के साथ बहन वैशाली भी बनीं IAS
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की अंकिता जैन और आगरा के अभिनव जैन एक-दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे। इंजीनियरिंग के बाद दोनों ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। साल 2019 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके अभिनव त्यागी IPS बने थे। उन्होंने अपने बनाए नोट्स अंकिता के साथ शेयर किए और वैशाली ने भी बड़ी बहन के साथ उन्हीं नोट्स से यूपीएससी की तैयारी की।
दूसरे अटेम्प्ट में अंकिता ने 270वीं रैंक हासिल की। लेकिन आईएएस ऑफिसर बनने का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने इंडियन अकाउंट सर्विस जॉइन की, पर प्रिपरेशन नहीं छोड़ी। तीसरी कोशिश में भी निराशा हाथ लगी। चौथे प्रयास में उन्होंने (अंकिता जैन) को ऑल इंडिया रैंक-3 और वैशाली को 21वीं रैंक मिली। अंकिता और अभिनव ने जुलाई 2021 में शादी की। इसके ठीक दो महीने बाद सितंबर 2021 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज 2020 का रिजल्ट आया।
(All Photos Credit: Insta/ankitajain_ias)
