Success Story: 16 लाख वाली जॉब छोड़कर की थी UPSC की तैयारी, IPS पति ने बनाए नोट्स, एक साथ IAS बनीं दोनों बहनें – upsc success stroy of ias ankita jain and ias vaishali jain both prepared same notes of ips abhinav tyagi


UPSC IAS Success Story: दिल्ली की रहने वाली ‘जैन सिस्टर्स’ अंकिता और वैशाली एक साथ पली-बढ़ी, स्कूलिंग, इंजीनियरिंग और फिर एक साथ IAS ऑफिसर बनीं। अंकिता ने यूपीएससी में रैंक-3 और वैशाली ने रैंक-21 हासिल की थी। दोनों बहनों की कहानी सालों की मेहनत, त्याग और खुद पर अटूट विश्वास की है। जो देश की अनगिनत बेटियों की के लिए प्रेरणा से कम नहीं है।

IAS Ankita Jain and IAS Vaishali
बाईं ओर आईएएस वैशाली जैन और दाईं ओर आईएएस अंकिता जैन की तस्वीर। (फोटो सोर्स- Insta/ankitajain_ias)
IAS Success Story: अगर आपका इरादा पक्का है और कठिन परिश्रम करना जानते हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। एक साथ IAS ऑफिसर बनीं दिल्ली की दो बहनों अंकिता जैन और वैशाली जैन की सक्सेस स्टोरी इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। दोनों आईएएस अफसर बहनों की जर्नी केवल यूपीएससी टॉप करने की तक सीमित नहीं है, बल्कि अटूट हौसले, संघर्ष और लगातार अपने सपने का पीछा करने वाला सफर है।

साधारण परिवार, असाधारण सपने

साधारण परिवार, असाधारण सपने

अंकिता और वैशाली दोनों बहनें दिल्ली की रहने वाली हैं। दोनों की परवरिश और स्कूलिंग दिल्ली में हुई है। लेकिन उनकी जड़े राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी हैं। उनके पिता ग्रामीण परिवेश के साधारण परिवार से थे। लेकिन दोनों बेटियों के सपने साधारण नहीं थे। उन्होंने अपनी काबिलियत से साबित किया कि अगर बेटियों को मौका दिया जाए तो वे क्या कुछ नहीं कर सकती हैं।

बड़े भाई की वजह से जैन सिस्टर्स ने चुनी इंजीनियरिंग

बड़े भाई की वजह से जैन सिस्टर्स ने चुनी इंजीनियरिंग

स्कूल के दिनों से अंकिता और वैशाली दोनों ब्राइट स्टूडेंट्स रही हैं। स्कूल में अंकिता के 90% तक मार्क्स आते थे, उस समय यह बड़ी बात मानी जाती थी। स्कूलिंग के बाद, दोनों जैन सिस्टर्स ने दिल्ली टेक्निकल इंस्टीट्यूट (DTU) इस इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

अंकिता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार उनके बड़े भाई ने एक कोडिंग के बारे में बताया था, जहां से उन्हें इंजीनियर में जाने की प्रेरणा मिली। वहीं वैशाली ने डीटीयू से बीटेक करने के बाद, आईआई दिल्ली से एमटेक की डिग्री गोल्ड मेडल के साथ हासिल की।

16 लाख सैलरी वाली जॉब छोड़कर उठाईं यूपीएससी की किताबें

16 लाख सैलरी वाली जॉब छोड़कर उठाईं यूपीएससी की किताबें

डीटीयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद, अंकिता को एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी मिल गई थी। कंपनी में उनका सैलरी पैकेज 16 लाख रुपये सालाना था। लेकिन उनका मन कहीं और बसता था। साल 2014 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। उन्होंने GATE एग्जाम में रैंक-1 लाकर परिवार का भरोसा जीता। उस दौरान वैशाली ने इंजीनियरिंग के दौरान ही यूपीएसस की तैयारी शुरू कर दी थी। जॉब छोड़ने के बाद अंकिता ने भी यूपीएससी की तैयारी शुरू दी।

UPSC में असफलता, DRDO का ऑफर ठुकराना और उम्मीद

UPSC में असफलता, DRDO का ऑफर ठुकराना और उम्मीद

साल 2017 में अंकिता ने यूपीएससी एग्जाम दिया। लेकिन प्रीलिम्स में ही असफल हो गईं। इसी दौरान उन्होंने DRDO की नौकरी का ऑफर भी ठुकरा दिया था। क्योंकि उनका पूरा फोकस यूपीएससी पर था। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ टाइम बाद उन्होंने डीआरडीओ में साइंटिस्ट की नौकरी की और साथ में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करती रहीं।

IPS पति के नोट्स पढ़कर अंकिता के साथ बहन वैशाली भी बनीं IAS

IPS पति के नोट्स पढ़कर अंकिता के साथ बहन वैशाली भी बनीं IAS

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की अंकिता जैन और आगरा के अभिनव जैन एक-दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे। इंजीनियरिंग के बाद दोनों ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। साल 2019 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके अभिनव त्यागी IPS बने थे। उन्होंने अपने बनाए नोट्स अंकिता के साथ शेयर किए और वैशाली ने भी बड़ी बहन के साथ उन्हीं नोट्स से यूपीएससी की तैयारी की।

दूसरे अटेम्प्ट में अंकिता ने 270वीं रैंक हासिल की। लेकिन आईएएस ऑफिसर बनने का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने इंडियन अकाउंट सर्विस जॉइन की, पर प्रिपरेशन नहीं छोड़ी। तीसरी कोशिश में भी निराशा हाथ लगी। चौथे प्रयास में उन्होंने (अंकिता जैन) को ऑल इंडिया रैंक-3 और वैशाली को 21वीं रैंक मिली। अंकिता और अभिनव ने जुलाई 2021 में शादी की। इसके ठीक दो महीने बाद सितंबर 2021 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज 2020 का रिजल्ट आया।

(All Photos Credit: Insta/ankitajain_ias)

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें