Trump Address LIVE: ‘चीन ने चुराया 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों का डेटा’, ट्रंप ने FBI-CIA पर भी उठाए सवाल – Donald Trump Prime Time Speech Live 2020 Election Joe Biden Republicans Democrats ntc mnrd


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश के नाम संबोधन दे रहे हैं. अपने भाषण में वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, चुनाव, विदेश नीति और अन्य अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख रहे हैं. ट्रंप के इस संबोधन से जुड़ी हर बड़ी घोषणा, बयान और अहम अपडेट आप इस लाइव पेज पर सबसे पहले पढ़ सकते हैं.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन पर तमाम अपडेट के लिए पेज रिफ्रेश करें

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार जनवरी 2020 से जून 2026 तक की खुफिया रिपोर्टें सार्वजनिक कर रही है, जो अमेरिकी लोकतंत्र पर मंडरा रहे साइबर खतरे को उजागर करती हैं. ट्रंप ने दावा किया कि CIA को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार से जुड़ी कथित साजिश का जिक्र है. उनके मुताबिक, इसमें डिजिटल तरीके से वोटों की संख्या बदलने की ऐसी तकनीकों का उल्लेख था, जिन्हें गहन ऑडिट के बाद भी पकड़ना मुश्किल होता.

– ट्रंप ने कहा कि यह जानकारी बताती है कि अमेरिकी चुनावी व्यवस्था को भविष्य में किसी भी तरह की हैकिंग या छेड़छाड़ से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि अब जारी किए जा रहे दस्तावेजों का चौथा हिस्सा चुनावी धांधली के कथित सबूतों से जुड़ा है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और कुछ गैर-राज्य समूह अमेरिकी चुनावी ढांचे को निशाना बनाने और उसमें सेंध लगाने की क्षमता रखते हैं. ट्रंप ने कहा कि मतदाता पंजीकरण डेटाबेस, पोल बुक और चुनाव से जुड़ी आधिकारिक वेबसाइटें सबसे अधिक संवेदनशील हैं और इन तक पहुंच बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 से जून 2026 तक की खुफिया रिपोर्टें सार्वजनिक की जा रही हैं, जिन्हें उन्होंने अमेरिकी लोकतंत्र के खिलाफ बड़ा साइबर खतरा बताया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि CIA को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटों में कथित हेरफेर की एक साजिश का जिक्र है. हालांकि, ट्रंप के इन दावों और कथित खुफिया दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा जारी किए जा रहे दस्तावेज यह साबित करते हैं कि वर्षों तक अमेरिकी जनता से चुनावी व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर झूठ बोला गया. ट्रंप के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें और मतगणना प्रणाली बेहद कमजोर हैं और इन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सकता है, जबकि सरकार के भीतर मौजूद अधिकारी इस बात से पहले से वाकिफ थे. उन्होंने कहा कि आज सार्वजनिक की जा रही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गोपनीय रिपोर्टों में यह आकलन किया गया है कि रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया समेत कई विदेशी देश और गैर-राज्य समूह अमेरिकी चुनावी ढांचे को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं. हालांकि, ट्रंप के इन दावों और कथित खुफिया दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि FBI के एक अधिकारी ने खुद को “शैडो गवर्नमेंट” का हिस्सा बताते हुए चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी खुफिया जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने की बात कही थी. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में ऐसे ‘बर्न बैग्स’ मिले, जिनमें बराक ओबामा प्रशासन के समय नष्ट किए जाने वाले दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट नहीं किया गया.

– ट्रंप ने कहा कि इन दस्तावेजों में चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं. उन्होंने Office of the Director of National Intelligence (ODNI), न्याय विभाग (DOJ), FBI और CIA को निर्देश दिया है कि वे जांच करें कि चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी अहम जानकारी क्यों छिपाई गई, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें और जरूरत पड़ने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करें. हालांकि, ट्रंप के इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि चीन की सरकार ने उनके खिलाफ खबरें लिखने वाले अमेरिकी पत्रकारों को अधिक नकारात्मक लेख लिखने के लिए पैसे देने की कोशिश की, ताकि वह अगला चुनाव हार जाएं. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा चीन पर भारी टैरिफ लगाने और सैन्य ताकत बढ़ाने की वजह से बीजिंग उन्हें सत्ता से बाहर करना चाहता था. उन्होंने CIA की कथित रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि FBI को 2020 में ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें चीन द्वारा जो बाइडेन के पक्ष में फर्जी वैध मतपत्र तैयार कराने की कोशिश का जिक्र था, लेकिन यह जानकारी दबा दी गई.

– ट्रंप के मुताबिक, CIA और NSA की कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों को राष्ट्रपति की दैनिक ब्रीफिंग से बाहर रखा गया और FBI के एक अधिकारी ने खुद को “शैडो गवर्नमेंट” चलाने वाला बताते हुए चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी खुफिया जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने की बात कही थी. हालांकि, ट्रंप के इन दावों और कथित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि 2020 चुनाव में कथित चीनी हस्तक्षेप की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने राष्ट्रपति, कांग्रेस और अमेरिकी जनता से यह जानकारी छिपाई. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने लगातार 2020 के चुनाव को अमेरिका के इतिहास का सबसे सुरक्षित चुनाव बताया, जबकि उनके मुताबिक चुनावी सुरक्षा में बड़ी सेंध लग चुकी थी.

– ट्रंप ने दावा किया कि जारी दस्तावेजों में मौजूद CIA की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के मध्य में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की नीति अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति के विरोधियों का समर्थन कर उनके वोट कम करने, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने या दोबारा चुने जाने से रोकने की थी. ट्रंप ने इसे अपनी पहली सरकार और 2020 के चुनाव अभियान को कमजोर करने की साजिश बताया. हालांकि, ट्रंप के इन दावों और कथित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को 2020 में ही पता चल गया था कि चीन ने 18 राज्यों के करोड़ों मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन डेटा को खरीद लिया, चुरा लिया या हैक कर लिया है. ट्रंप के मुताबिक, इस कथित सुरक्षा चूक की जानकारी राष्ट्रपति, कांग्रेस और अमेरिकी जनता से छिपाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने खतरे की चेतावनी देने के बजाय मामले को दबा दिया और लगातार यह कहते रहे कि 2020 का चुनाव अमेरिका के इतिहास का सबसे सुरक्षित चुनाव था. ट्रंप ने कहा कि चुनावी सुरक्षा में हुई इस कथित बड़ी सेंध को छिपाना खुद इस घटना से भी ज्यादा गंभीर मामला है. हालांकि, ट्रंप के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार चुनावी व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज आज रात से सार्वजनिक कर रही है, जिन्हें व्हाइट हाउस की Government Transparency Task Force और President’s Intelligence Advisory Board ने तैयार किया है. ट्रंप ने दावा किया कि इन दस्तावेजों का उद्देश्य चुनावों पर भरोसा कमजोर करना नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी कमियों को उजागर कर उन्हें दूर करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 के चुनावी चक्र के दौरान चीन ने करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का संवेदनशील डेटा अवैध रूप से हासिल किया, जिसमें नाम, पता, फोन नंबर और राजनीतिक पसंद जैसी जानकारियां शामिल थीं.

– ट्रंप के मुताबिक यह अमेरिकी चुनावी सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व खतरा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि जारी दस्तावेजों से पता चलता है कि चीन ने इस डेटा के इस्तेमाल के लिए विशेष इकाई बनाई थी. इसके अलावा ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कुछ अधिकारियों और तथाकथित ‘डीप स्टेट’ से जुड़े लोगों ने चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप की जानकारी को दबाने और इसकी गंभीरता को छिपाने की कोशिश की, ताकि राष्ट्रपति और अमेरिकी जनता तक पूरी सच्चाई न पहुंच सके. हालांकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चुनावी व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने का मकसद चुनावों पर लोगों का भरोसा कमजोर करना नहीं, बल्कि कमियों को सामने लाकर उन्हें जल्द दूर करना है. ट्रंप ने दावा किया कि इन दस्तावेजों में पांच बड़े मुद्दों का खुलासा किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 के चुनावी चक्र के दौरान चीन ने अमेरिकी चुनावी डेटा में इतिहास की सबसे बड़ी सेंध लगाई और अवैध रूप से करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डेटा हासिल कर लिया. ट्रंप के मुताबिक इस डेटा में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक दल की पसंद समेत अन्य संवेदनशील जानकारियां शामिल थीं.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार आज रात से चुनावी व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक कर रही है. ट्रंप के मुताबिक, इन दस्तावेजों को व्हाइट हाउस की Government Transparency Task Force और राष्ट्रपति के Intelligence Advisory Board ने तैयार किया है, जबकि शीर्ष अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों ने भी इनकी समीक्षा कर उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि की है. ट्रंप ने लोगों से इन दस्तावेजों को व्हाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद देखने की अपील की और दावा किया कि इनमें अमेरिकी चुनावी व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारियां मौजूद हैं.

– ‘अमेरिका वापस पटरी पर है’: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के सामने अभी भी निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है.

चुनावी व्यवस्था पर सवाल: ट्रंप ने कहा कि किसी भी महान देश के लिए चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा होना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनावी व्यवस्था इस कसौटी पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती.

खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक करने का ऐलान: ट्रंप ने घोषणा की कि वह चुनावी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कथित गंभीर कमजोरियों का खुलासा करने वाले महत्वपूर्ण खुफिया दस्तावेजों को तत्काल डीक्लासिफाई कर सार्वजनिक कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में चुनावी प्रणाली से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य हैं.

– सीमा सुरक्षा पर बड़ा दावा: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सीमाएं अब देश के इतिहास में सबसे सुरक्षित हैं. उनके मुताबिक पिछले 14 महीनों में एक भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया.

– अपराध में रिकॉर्ड गिरावट का दावा: ट्रंप ने कहा कि पूरे देश में अपराध तेजी से घट रहा है और हत्या की दर 125 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.

– सैन्य ताकत पर जोर: ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी सेना में रिकॉर्ड निवेश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत और शक्तिशाली सैन्य ताकत है, जिसकी नींव उनके पहले कार्यकाल में रखी गई थी.

– अर्थव्यवस्था पर दावा: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में इतिहास का सबसे ज्यादा निवेश हो रहा है. उनके मुताबिक रोजगार रिकॉर्ड स्तर पर है और महंगाई में छह साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की गई है.

– टैक्स राहत का ऐलान: ट्रंप ने कहा कि उनके “Big Beautiful Bill” के तहत टिप्स, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी आय पर टैक्स में राहत दी गई है. साथ ही अमेरिका में बनी कार खरीदने पर लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती और कारोबारों के लिए 100% एक्सपेंसिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं.

– दवा और हेल्थकेयर पर बड़ा दावा: ट्रंप ने कहा कि उनकी “Most Favored Nation” नीति की वजह से प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें 70% से 90% तक घटी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की लागत भी कम होगी. उन्होंने यह भी कहा कि “Trump Accounts” के जरिए अमेरिका के हर बच्चे को टैक्स-फ्री निवेश खाता उपलब्ध कराया गया है.

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