UPI पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज? दुकानदार की मनमानी रोकने के लिए जानें अपने अधिकार
देशभर में दुकानों और स्टोर्स पर UPI से पेमेंट करने पर ग्राहकों से एक्स्ट्रा चार्ज (सरचार्ज) वसूलने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोग हैरान और परेशान हैं। लेकिन नियम क्या कहता है? बैंक से सीधे व्यापारी को किए जाने वाले UPI पेमेंट पर ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जा सकता। जनवरी 2020 से ही BHIM-UPI पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य (Zero) है। NPCI के प्रमुख दिलीप एस्बे ने भी साफ किया था, “किसी भी बैंक खाते से पेमेंट करने पर ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त है।”
कानून और सरचार्ज से जुड़ा नियम बहुत सीधा है। दुकानदार क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन से पेमेंट पर पारदर्शी और पहले से बताई गई ‘कन्वीनियंस फी’ (सुविधा शुल्क) तो ले सकते हैं, लेकिन क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद अचानक कोई छुपा हुआ ‘UPI चार्ज’ नहीं जोड़ सकते। बैंक अकाउंट से सीधे होने वाला UPI पेमेंट ग्राहकों के लिए पूरी तरह फ्री है। वहीं, ‘वॉलेट-ऑन-यूपीआई’ पर लगने वाला इंटरचेंज शुल्क भी मर्चेंट यानी व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं।

UPI सरचार्ज और MDR नियम: कब और क्या लागू होता है?
बैंक अकाउंट से व्यापारी को UPI: ग्राहकों के लिए कोई फीस नहीं लगती, क्योंकि सरकार के प्रोत्साहन (Incentives) से इस इकोसिस्टम को सब्सिडी मिलती है। वॉलेट से UPI पेमेंट: तय कैटेगरी के व्यापारियों पर 1.1% तक इंटरचेंज शुल्क लगता है, जिसका बोझ व्यापारी या इकोसिस्टम उठाता है, ग्राहक नहीं। RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI: इस पर MDR और इंटरचेंज के नियम क्रेडिट कार्ड वाले ही लागू होते हैं। कन्वीनियंस फी: अगर पेमेंट करने से पहले ही फीस के बारे में स्पष्ट बता दिया जाए, तो ही इसकी अनुमति है।
अपने अधिकार जानें: गलत UPI सरचार्ज वसूला जाए तो तुरंत ऐसे करें शिकायत
पेमेंट करने से पहले हमेशा कुल बिल की जानकारी मांगें और पक्का बिल (इन्वॉयस) लेने पर जोर दें। बिना बताए जोड़े गए एक्स्ट्रा चार्ज देने से साफ मना करें; इसकी जगह कार्ड, कैश या सीधे बैंक-UPI का विकल्प चुनें। अगर कोई गलत चार्ज ले, तो ऐप या अपने बैंक से संपर्क करें और NPCI के पोर्टल पर UPI की शिकायत दर्ज कराएं। आप ‘डिजीसाथी’ के नंबर 14431, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) 1915 या RBI के CMS पोर्टल की मदद भी ले सकते हैं। नीचे दी गई तालिका से समझें कि सिर्फ 1% अतिरिक्त शुल्क बचाकर आप लंबी अवधि में कितनी बड़ी बचत कर सकते हैं।
UPI सरचार्ज बनाम FD रिटर्न: छोटी-छोटी बचत से बनता है बड़ा फंड
| अवधि (FD 7% वार्षिक) | ₹10 की बचत का मूल्य | ₹1,000 की बचत का मूल्य |
|---|---|---|
| 5 साल | ₹14 | ₹1,403 |
| 10 साल | ₹20 | ₹1,967 |
| 15 साल | ₹28 | ₹2,759 |
प्रश्न: क्या दुकानदार UPI पर एक्स्ट्रा फीस ले सकता है? उत्तर: बैंक-UPI पर बिल्कुल नहीं। प्रश्न: वॉलेट-UPI पर क्या नियम है? उत्तर: इस पर लगने वाला इंटरचेंज चार्ज व्यापारी पर लगता है, ग्राहक पर नहीं। क्या करें? बिल में चेक करें कि कोई कन्वीनियंस फी तो नहीं जोड़ी गई है। गलत लगे तो मना करें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। Do’s: पेमेंट से पहले कुल कीमत पूछें; Don’ts: बिना स्पष्ट जानकारी के कोई भी UPI फीस न दें।
त्योहारों के सीजन में भीड़भाड़ और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स के कारण अक्सर ऐसा भ्रम फैलता है। बस एक ही थंब रूल याद रखें—बैंक-टू-बैंक UPI पेमेंट ग्राहकों के लिए पूरी तरह फ्री है। बिना बताए लगाए गए चार्जेस का तुरंत विरोध करें, बिल या रसीद की फोटो लें और एक्स्ट्रा चार्ज हटाने को कहें। अगर दुकानदार न माने, तो बिना देरी किए ऊपर बताए गए तरीकों से शिकायत दर्ज कराएं। आपकी थोड़ी सी सतर्कता न सिर्फ आपके पैसे बचाएगी, बल्कि फर्जी वसूली करने वालों पर भी लगाम लगाएगी।