अग्निवीरों को इन नौकरियों में 10% आरक्षण देगी छत्तीसगढ़ सरकार, जानिए कैसे मिलेगा फायदा


रायपुर: छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को श्रेणी तीन की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने इस आशय का निर्णय बुधवार को किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिपरिषद की हुई बैठक में किसानों के लिए खाद सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक प्रभावी कदम उठाया गया है।

किसानों को खाद सुनिश्चित करने की पहल

छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्रीमंडलीय उप-समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह समिति खरीफ एवं रबी मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन देगी।

छत्तीसगढ़ सरकार की उप-समिति कौन-कौन?

उप-समिति में उप-मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री को सदस्य नामित किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप-समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी और उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से जुड़े विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी।

अग्निवीरों को आरक्षण के लिए आएगा नियम

मंत्रिपरिषद ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम 2026’ बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इससे राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान सुनिश्चित हो सकेगा।

इन अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण

मुख्यमंत्री ने 26 जुलाई, 2024 को विधानसभा में अग्निवीरों को हित में इसकी घोषणा की थी, जिसके अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो। राज्य सरकार के अनुसार, इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।



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