Canada TFWP: कनाडा में जॉब ढूंढ रहे भारतीयों के लिए यहां के नियमों को जानना जरूरी है। कनाडाई सरकार लगातार नियमों में बदलाव कर रही है, जिससे विदेशी वर्कर्स के लिए नौकरी करना मुश्किल हो रहा है। इसका असर भारतीयों पर भी पड़ रहा है।

Canada Work Rules 2024: भारतीय छात्रों के लिए ऑफ-कैंपस 24 घंटे काम, नए वीज़ा लिमिट्स और इंटेक कट्स लागू
दरअसल, पिछले कुछ सालों से स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी और कम वेतन को लेकर उठे सवालों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। कनाडा में भारतीयों समेत विदेशी वर्कर्स के लिए जॉब का सबसे आसान रास्ता TFWP प्रोग्राम ही रहा है, जिसके जरिए कनाडाई कंपनियां आसानी से उनकी हायरिंग करती आई है। लंबे वक्त से ये प्रोग्राम सरकार के निशाने पर रहा है और अब इसमें बदलाव का ऐलान कर दिया गया है, जो चिंता की बात है।
न्यूनतम वेतन सीमा में बढ़ोतरी
कनाडा सरकार ने TFWP प्रोग्राम के तहत तय सैलरी की लिमिट को बढ़ा दिया है। ये नियम उन कंपनियों पर लागू होंगे, जो उच्च बेरोजगारी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। आसान भाषा में कहें तो उच्च बेरोजगारी वाले क्षेत्रों की कंपनियां तभी भारतीयों समेत विदेशी वर्कर्स को हायर कर पाएंगी, जब वे सरकार के जरिए तय की गई सैलरी ऑफर करेंगी। अब उन क्षेत्रों में किसी भी ऐसी नौकरी के लिए TFWP वर्क परमिट जारी या रिन्यू नहीं किया जाएगा, जिसका वेतन तय सीमा से कम है।
- विभिन्न प्रांतों में नई न्यूनतम सैलरी सीमा इस प्रकार है:
- ऑन्टारियो: $36.92 प्रति घंटा
- ब्रिटिश कोलंबिया: $38.40 प्रति घंटा
- अल्बर्टा: $37.50 प्रति घंटा
- क्यूबेक: $36.00 प्रति घंटा
- मैनिटोबा: $31.33 प्रति घंटा
- सस्केचेवान: $34.62 प्रति घंटा
यह नियम उन सभी प्रमुख शहरों में लागू है, जहां बेरोजगारी दर 6% या उससे अधिक है, जैसे कि टोरंटो, वैंकूवर, कैलगरी, मॉन्ट्रियल आदि। इसका मतलब है कि अगर आप इन शहरों में नौकरी करना चाहते हैं, तो फिर आपको तय लिमिट वाली सैलरी हासिल करनी होगी।
कम सैलरी वाली नौकरियों पर सख्त पाबंदियां
अगर कोई कंपनी तय लिमिट से कम सैलरी वाली नौकरी के लिए किसी विदेशी वर्कर को जॉब देना चाहती है, तो उसे कड़े नियमों का पालन करना होगा। एक वर्क लोकेशन पर TFWP के तहत काम करने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 10% से ज्यादा नहीं हो सकती है। कंपनियों को नौकरी का विज्ञापन अब 4 सप्ताह के बजाय कम से कम 8 सप्ताह तक चलाना होगा। कम सैलरी वाली कैटेगरी के तहत काम पर रखे जाने वाले वर्कर्स को कंपनी द्वारा आवास और आने-जाने का खर्चा भी देना होगा।
भारतीयों के लिए इसका क्या मतलब है?
भारतीय वर्कर्स के लिए अब कनाडा में सिर्फ वही जॉब ऑफर्स सुरक्षित हैं, जो लोकल मार्केट के अच्छी सैलरी लिमिट के अनुकूल हैं। जिन नौकरियों में कम सैलरी ऑफर की जा रही है, उसके लिए वीजा पाना अब बहुत कठिन हो चुका है। TFWP के लिए तय कुल कोटे में भारी गिरावट हुई है। इस वजह से अब सिर्फ वही भारतीय पेशेवर आसानी से जा पाएंगे जिनके पास ज्यादा अच्छी स्किल होगी।
