ज्यादा सैलरी होगी, तभी मिलेगी कनाडा में जॉब की इजाजत, सरकार लेकर आई भारतीय वर्कर्स के लिए नया नियम – canada increases wage thresholds for tfwp work permit impact on indian workers


Canada TFWP: कनाडा में जॉब ढूंढ रहे भारतीयों के लिए यहां के नियमों को जानना जरूरी है। कनाडाई सरकार लगातार नियमों में बदलाव कर रही है, जिससे विदेशी वर्कर्स के लिए नौकरी करना मुश्किल हो रहा है। इसका असर भारतीयों पर भी पड़ रहा है।

कनाडा का झंडा (फोटो- Pexels)
कनाडा का झंडा (फोटो- Pexels)
Canada Work Permit Rules: कनाडा जॉब के लिए भारतीयों के बीच एक पॉपुलर देश है, जहां पर बड़ी संख्या में लोग काम कर रहे हैं। अगर आप भी कनाडा में नौकरी करने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर आपको यहां हुए एक बड़े बदलाव के बारे में मालूम होना चाहिए। कनाडा की सरकार ने ‘टेंपरेरी फॉरेन वर्कर प्रोग्राम’ (TFWP) के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। इसमें सैलरी से जुड़े प्रावधान बदले गए हैं और नई सैलरी लिमिट तय कर दी गई है।

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दरअसल, पिछले कुछ सालों से स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी और कम वेतन को लेकर उठे सवालों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। कनाडा में भारतीयों समेत विदेशी वर्कर्स के लिए जॉब का सबसे आसान रास्ता TFWP प्रोग्राम ही रहा है, जिसके जरिए कनाडाई कंपनियां आसानी से उनकी हायरिंग करती आई है। लंबे वक्त से ये प्रोग्राम सरकार के निशाने पर रहा है और अब इसमें बदलाव का ऐलान कर दिया गया है, जो चिंता की बात है।

न्यूनतम वेतन सीमा में बढ़ोतरी

कनाडा सरकार ने TFWP प्रोग्राम के तहत तय सैलरी की लिमिट को बढ़ा दिया है। ये नियम उन कंपनियों पर लागू होंगे, जो उच्च बेरोजगारी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। आसान भाषा में कहें तो उच्च बेरोजगारी वाले क्षेत्रों की कंपनियां तभी भारतीयों समेत विदेशी वर्कर्स को हायर कर पाएंगी, जब वे सरकार के जरिए तय की गई सैलरी ऑफर करेंगी। अब उन क्षेत्रों में किसी भी ऐसी नौकरी के लिए TFWP वर्क परमिट जारी या रिन्यू नहीं किया जाएगा, जिसका वेतन तय सीमा से कम है।

  • विभिन्न प्रांतों में नई न्यूनतम सैलरी सीमा इस प्रकार है:
  • ऑन्टारियो: $36.92 प्रति घंटा
  • ब्रिटिश कोलंबिया: $38.40 प्रति घंटा
  • अल्बर्टा: $37.50 प्रति घंटा
  • क्यूबेक: $36.00 प्रति घंटा
  • मैनिटोबा: $31.33 प्रति घंटा
  • सस्केचेवान: $34.62 प्रति घंटा

यह नियम उन सभी प्रमुख शहरों में लागू है, जहां बेरोजगारी दर 6% या उससे अधिक है, जैसे कि टोरंटो, वैंकूवर, कैलगरी, मॉन्ट्रियल आदि। इसका मतलब है कि अगर आप इन शहरों में नौकरी करना चाहते हैं, तो फिर आपको तय लिमिट वाली सैलरी हासिल करनी होगी।

कम सैलरी वाली नौकरियों पर सख्त पाबंदियां

अगर कोई कंपनी तय लिमिट से कम सैलरी वाली नौकरी के लिए किसी विदेशी वर्कर को जॉब देना चाहती है, तो उसे कड़े नियमों का पालन करना होगा। एक वर्क लोकेशन पर TFWP के तहत काम करने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 10% से ज्यादा नहीं हो सकती है। कंपनियों को नौकरी का विज्ञापन अब 4 सप्ताह के बजाय कम से कम 8 सप्ताह तक चलाना होगा। कम सैलरी वाली कैटेगरी के तहत काम पर रखे जाने वाले वर्कर्स को कंपनी द्वारा आवास और आने-जाने का खर्चा भी देना होगा।

भारतीयों के लिए इसका क्या मतलब है?

भारतीय वर्कर्स के लिए अब कनाडा में सिर्फ वही जॉब ऑफर्स सुरक्षित हैं, जो लोकल मार्केट के अच्छी सैलरी लिमिट के अनुकूल हैं। जिन नौकरियों में कम सैलरी ऑफर की जा रही है, उसके लिए वीजा पाना अब बहुत कठिन हो चुका है। TFWP के लिए तय कुल कोटे में भारी गिरावट हुई है। इस वजह से अब सिर्फ वही भारतीय पेशेवर आसानी से जा पाएंगे जिनके पास ज्यादा अच्छी स्किल होगी।

अनवर अंसारी

लेखक के बारे मेंअनवर अंसारीअनवर अंसारी, नवभारत टाइम्स डिजिटल में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। वह पिछले एक साल से विदेश में पढ़ाई, नौकरी, फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन और वीजा संबंधी खबरें कवर कर रहे हैं। इससे पहले अनवर ने अमर उजाला, टीवी9 भारतवर्ष और एबीपी न्यूज जैसे संस्थानों में काम किया है। वे नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज पर काम कर चुके हैं। देश-विदेश से जुड़ी घटनाओं पर लिखने के अलावा उन्हें डिफेंस और नॉलेज स्टोरीज लिखने का भी अनुभव है। अनवर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है।और पढ़ें