Gaya News: -सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का आरोप -29,600 वेतन भी लिया,
Gaya News: फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के दम पर राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, गया में नौकरी हासिल करने के आरोप में विष्णुपद थाने की पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपित पूर्व अतिथि प्रयोगशाला सहायक रौशन कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी संस्थान में नौकरी लेने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने और जालसाजी करने का आरोप है। इस मामले में विष्णुपद थाना कांड संख्या-279/26 दर्ज है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित रौशन कुमार, पिता अजय कुमार, बारा गांव, थाना महकार, गया का रहने वाला है। उसके खिलाफ राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य हिरण कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी。
प्राचार्य की शिकायत
प्राचार्य ने शिकायत में बताया कि रौशन कुमार ने अतिथि प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियुक्ति के समय अपने शैक्षणिक व अन्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। उसके आधार पर उसे नियुक्त किया गया था। बाद में पक्षपात से जुड़े एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद अगस्त 2025 में प्रशासनिक कारणों से उसकी सेवा समाप्त कर दी गई।
दस्तावेजों की जांच
सेवा समाप्ति के बाद दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि नियुक्ति के समय प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेख फर्जी और कूटरचित प्रतीत हो रहे हैं। आरोप है कि आरोपित ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी संस्थान में नौकरी हासिल की और सरकारी खजाने से वेतन भी लिया।
सरकारी धन का दुरुपयोग
एफआईआर के अनुसार, कार्यकाल के दौरान रौशन कुमार के खाते में सरकारी मद से 29,600 वेतन के रूप में भेजे गए। कॉलेज प्रशासन ने फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद कई बार मौखिक रूप से राशि सरकारी खाते में वापस जमा कराने को कहा, लेकिन आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
कानूनी कार्रवाई की मांग
प्राचार्य ने इसे सरकारी नौकरी में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया और साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच की प्रगति
इस मामले में विष्णुपद थानाध्यक्ष परमनांद कर्ण ने बताया कि आगे की जांच जारी है। फर्जी प्रमाण-पत्रों के स्रोत, उन्हें तैयार करने वाले लोगों और इस पूरे फर्जीवाड़े में अन्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
✦रौशन कुमार पर क्या आरोप हैं?−
रौशन कुमार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी संस्थान में नौकरी लेने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने और जालसाजी करने का आरोप है।
✦अप्रैल 2025 में रौशन कुमार की सेवा क्यों समाप्त हुई?+
✦कॉलेज प्रशासन ने फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर क्या किया?+