अंकित श्रीवास्तव | जौनपुर21 मिनट पहले
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जौनपुर में सोमवार को नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय सांकेतिक उपवास और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। ‘मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी’ संस्था के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, राजनीतिक दलों के सदस्यों, छात्रों और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदीप मिश्रा ने देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और नीट परीक्षा में हुई पेपर लीक की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई धांधली ने करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय किया है, जिसके कारण कई विद्यार्थियों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और निराशा का सामना करना पड़ा है।

समाजवादी पार्टी (सपा) नेता रत्नाकर चौबे ने इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की। चौबे ने पेपर लीक के मानसिक दबाव के कारण जान गंवाने वाले 20 पीड़ित बच्चों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सोनम वांगचुक की मांगों को सरकार द्वारा तुरंत स्वीकार करने की अपील भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने इस ‘महाघोटाले’ के मुख्य आरोपियों पर देशद्रोह के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा देने की मांग की।
