Mobile Recharge: 300 रुपये वाला मोबाइल रिचार्ज 150 का, बिना डेटा वाले नए सस्ते रिचार्ज प्लान लाने की तैयारी – mobile recharge plan without data may be cheaper upto 70 percent trai presented draft good new jio airtel vi users


Mobile Recharge May Cheaper: बिना मोबाइल डेटा वाले नए सस्ते रिचार्ज प्लान्स लाने के लिए ट्राई ने एक ड्राफ्ट पेश किया है। इस पर सहमति बनती है और नियम लागू होते हैं तो 50 से 70 फीसदी तक कम कीमत में बिना डेटा वाले नए रिचार्ज आ सकते हैं। इनमें सिर्फ वॉयस और SMS की सुविधा होगी, जबकि अलग-अलग वैलिडिटी के विकल्प मिलेंगे। उदाहरण के लिए- अगर डेटा के साथ कोई रिचार्ज 300 रुपये का है तो वह बिना डेटा के 150 में मिल सकता है। 

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image credit : alamy
देश में बिना डेटा वाले नए सस्ते मोबाइल रिचार्ज प्लान्स लाए जा सकते हैं। ये प्लान, मोबाइल डेटा वाले प्लान्स से 50 से 70 फीसदी तक सस्ते होंगे। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ट्राई ने लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्राई ने ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया ड्राफ्ट जारी किया है। ट्राई ने इस पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। ड्राफ्ट फाइनल होता है तो बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान्स अलग-अलग वैलिडिटी के साथ आ सकते हैं। अनुमान है कि अगर कोई रिचार्ज डेटा के साथ 300 रुपये का है तो वह सिर्फ कॉलिंंग और SMS सुविधाओं के साथ 150 रुपये का मिल सकता है।

मोबाइल रिचार्ज कराने वालों की परेशानी?

मोबाइल रिचार्ज कराने वालों की परेशानी?

दैनिक भास्कर अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समय में मोबाइल कंपनियां सीमित अवधि के लिए ही कॉल और एसएमएस वाले पैक देती हैं। जिन ग्राहकों को लंबी वैलिडिटी वाले रिचार्ज की जरूरत होती है, उन्हें मजबूरी में डेटा प्लान लेने पड़ते हैं।

  • उदाहरण के लिए- अगर किसी के घर वाईफाई कनेक्शन है और उसे मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है। उस ग्राहक की लंबी वैलिडिटी पाने के लिए ऐसा रिचार्ज चुनना पड़ता है जिसमें डेटा भी होता है, क्योंकि बिना डेटा वाले रिचार्ज में वैलिडिटी लंबी नहीं मिलती।

ट्राई का नया प्रस्ताव क्या है?

ट्राई का नया प्रस्ताव क्या है?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्राई का प्रस्ताव है कि मोबाइल कंपनियां जो प्लान डेटा वैलिडिटी वाले लाती हैं। जैसे- 7, 28, 56, 84 दिनों का प्लान। वही प्लान सिर्फ कॉल या एसएमएस के लिए भी लाए जाएं। यानी जिन लोगों को डेटा नहीं चाहिए, उनके लिए कंपनी के पास वॉयस और एसएमएस प्लान अलग-अलग वैलिडिटी में हों।

ट्राई के प्रस्ताव का फायदा

ट्राई के प्रस्ताव का फायदा

ट्राई के प्रस्ताव पर बात बन जाती है तो लोगों को सस्ते मोबाइल रिचार्ज प्लान्स कई सारे विकल्पों में मिल सकते हैं। दरअसल, किसी भी मोबाइल प्लान में 50 से 70 फीसदी खर्च डेटा का होता है। जिन लोगों को डेटा चाहिए ही नहीं, उनके लिए यह खर्च सीधे कम हो जाएगा यानी उन्हें सस्ते में मोबाइल रिचार्ज मिलेंगे। अगर कोई रिचार्ज 300 रुपये का है तो वह 150 रुपये तक मिल जाएगा बिना मोबाइल डेटा के।

कंपनियां ही तय करेंगी रिचार्ज की कीमत

कंपनियां ही तय करेंगी रिचार्ज की कीमत

हालांकि इस ड्राफ्ट में स्पष्ट है कि मोबाइल रिचार्ज की कीमत टेलिकॉम कंपनियां यानी जियो, एयरटेल और वोडा- आइडिया ही तय करेंगी। नियम बनने के बाद कंपनियों को रिचार्ज प्लान लाने के लिए समय दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि बिना डेटा वाले सस्ते रिचार्ज प्लान्स के आने से कंपनियों के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ेगा और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

प्रेम त्रिपाठी

लेखक के बारे मेंप्रेम त्रिपाठीप्रेम त्र‍िपाठी, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। वह टेक-ऑटो टीम को लीड कर रहे हैं। टेक्‍नोलॉजी, गैजेट्स, आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस और ड‍िफेंस टेक के क्षेत्र को कवर करते हुए इन्‍हें पत्रकारिता में 15 साल हो गए हैं। प्रेम ने भारत के स्‍मार्टफोन मार्केट को नोकिया से सैमसंग और चीनी कंपनियों के दबदबे से ऐपल की बढ़ती लोकप्रि‍यता में बदलते हुए देखा है। इन्‍होंने टेलिकॉम पत्रकारिता का वह दौर देखा है जब 2G और 3G मोबाइल नेटवर्क पर मिलने वाला 2GB डेटा पूरे महीने चलाना पड़ता है। यही वजह है कि जब पाठकों को 5G नेटवर्क या 6G पर हो रही रिसर्च की खबरें देनी होती हैं, प्रेम की खबरों में उनका अनुभव स्‍पष्‍ट तौर पर झलकता है। ‘सैटेलाइट इंटरनेट’ और ‘डायरेक्‍ट टु ड‍िवाइस कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी’ जैसे विषयों को आसान भाषा में समझाना इन्‍हें आता है।
गैजेट रिव्‍यूज लिखते हुए प्रेम को लंबा समय हो गया है। शुरुआती विंडोज से लेकर एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन और आईफोन्‍स का इन्‍होंने गहराई से र‍िव्‍यू किया है। लैपटॉप-पीसी से लेकर स्‍मार्ट टीवी और वियरेबल्‍स को भी जमकर परखा और टटोला है।
प्रेम, टेक-टेलिकॉम इंडस्‍ट्री के एक्‍सपर्ट्स का डिटेल इंटरव्‍यू करते हैं। वह कई वर्षों से लॉन्‍च इवेंट्स को ऑन ग्राउंड कवर कर रहे है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) को उसके पहले एडिशन (साल 2017) से कवर करते हुए आए हैं, जिससे भारत की टेक्‍नोलॉजी इंडस्‍ट्री में हो रहे बड़े बदलावों को समझने में इन्‍हें व‍िशेषज्ञता हासिल हुई है।
हाल के वर्षों में प्रेम ने आर्टिफ‍िशिल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर अपनी लेखनी को मजबूत किया है। वह AI टूल्‍स को इस्‍तेमाल करके उनके बारे में पाठकों को बताते हैं। AI के क्षेत्र में होने वाले हर प्रमुख बदलाव को रीडर्स तक आसान भाषा में समझाते हैं।
टेक्‍नोलॉजी किस तरह से लोगों का जीवन आसान बना सकती है, इस विचार के साथ प्रेम, नवभारत टाइम्‍स के पाठकों को सिंपल हाउटु (HowTo), ट‍िप्‍स एंड ट्रिक्‍स (Tips & Tricks) भी बताते हैं। किसी भी हैक को वह पहले खुद आजमाते हैं और वेरिफाई करते हैं। यही प्रैक्‍ट‍िस वह डेली टेक-गैजेट न्‍यूज के साथ भी करते हैं। न्‍यूज को वेरिफाई करना, फैक्‍ट्स क्रॉस चेक करना, एड‍िशनल इनपुट जुटाना, रिसर्च और आंकड़े जोड़कर वह किसी भी खबर को अपने पाठकों के लिए व‍िस्‍तृत रूप से तैयार करते हैं।
प्रेम के पास प्रिंट मीडिया और ड‍िजिटल मीड‍ि‍या का शानदार अनुभव है। नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में आने से पहले वह नवंबर 2021 से जनवरी 2025 तक प्रतिष्‍ठ‍ित टेक-गैजेट वेबसाइट, Gadgets360 (NDTV वेंचर्स) में कार्यरत थे। वहां इन्‍होंने गैजेट्स, टेक, एआई, डिफेंस टेक और साइंस पर विस्‍तृत कवरेज दिया और गैजेट रिव्‍यूज ल‍िखे। प्रेम ने साल 2011 में हिन्‍दुस्‍तान हिंदी से अपना कर‍ियर शुरू किया था। 2013 में अमर उजाला और 2017 में नवभारत टाइम्‍स अखबार में सेवाएं दीं। रिपोर्टिंग और डेस्‍क दोनों में इन्‍होंने काम किया है। अमर उजाला के लिए ‘केदारनाथ आपदा 2013’ को कवर क‍िया है। इनकी लिखी क‍िताब ‘है गौ’ को अमर उजाला फाउंडेशन ने प्रकाशित किया था। प्रेम त्र‍िपाठी ने 2008 में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से बैचलर ऑफ साइंस (Bsc) की पढ़ाई पूरी की थी। इनके पास माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से मास कम्‍युनिकेशन में मास्‍टर ऑफ आर्ट्स (MA) की डिग्री है।
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