Success Story: 850 बार फेल, 13 इंटरव्यू… आज विदेश में मिल रही मोटी सैलरी, हर स्टूडेंट के लिए सीख है कहानी – success story of a software engineer after 850 job rejections and 13 interviews got handsome salary in microsoft


Success Story of a Software Engineer: दिल्ली-NCR के रहने वाले दीर्घ कटारिया आज दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने से वे 850 बार फेल हुए हैं। 13 इंटरव्यू देने के बाद भी उनके हाथ में कोई अच्छी नौकरी नहीं थी। फिर भी उनके कदम डगमगाए नहीं, बल्कि उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और जॉब मार्केट की डिमांड के हिसाब से नए स्किल्स सीखे।

software engineer deergh kataria
माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीर्घ कटारिया की तस्वीर (फोटो सोर्स- Insta/deerghkataria)
Success Story of Engineer: ‘चाहे कुछ भी हो जाए, कभी हार मत मानो!’ यह कहना है दीर्घ कटारिया का। जिन्होंने सिर्फ एक अच्छी नौकरी पाने का सपना देखा था। स्कूल से कॉलेज तक एकेडमिक रिकॉर्ड में भी कोई कमी नहीं थी। लेकिन जब जॉब मार्केट में उतरा तो अलग दुनिया देखने को मिली। अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के लिए 850 बार आवेदन किया, 13 इंटरव्यू भी दिए, हर बार निराशा हाथ लगी। आज दीर्घ की सक्सेस स्टोरी बहुत से युवाओं को मोटिवेट कर रही है।

शुरू से पढ़ाई में अव्वल

शुरू से पढ़ाई में अव्वल

दीर्घ कटारिया की स्कूलिंग दिल्ली-NCR के एक प्राइवेट स्कूल से ही है। वे शुरू से पढ़ाई में होशियार रहे हैं। स्कूलिंग एकेडमिक रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 91.4% के साथ 10वीं परीक्षा पास की थी। 12वीं साइंस स्ट्रीम से उन्होंने 89.4% नंबर प्राप्त किए थे। हालांकि, स्कूल के दिनों में स्पोर्ट्स में उनकी काफी रुचि थी। स्कूल लेवल पर होने अलग-अलग गेम्स में हिस्सा लेते थे।

इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना

इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना

स्कूल के दिनों में दीर्घ ने ठान लिया था कि उन्हें आगे इंजीनियरिंग में करियर बनाना है। 12वीं क्लास में अच्छे स्कोर की वजह से उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने साल 2024 में यहां से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग (CSE) में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद आगे पढ़ाई के लिए विदेश चले गए।

विदेश में पढ़ाई और संघर्ष

विदेश में पढ़ाई और संघर्ष

मई 2024 में इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद, दीर्घ ने विदेश में आगे की पढ़ाई और अच्छी नौकरी का सपना देखा। वे आयरलैंड चले और यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (UCD) में एमएससी में एडमिशन लिया। पढ़ाई के दौरान वे अलग से अपने स्किल्स को निखारने की कोशिश कर रहे थे और जॉब की तलाश शुरू हो गई थी। अगस्त 2025 में दीर्घ ने डेटा एंड कंप्यूटेशनल साइंस (MSc) की डिग्री हासिल की।

850 जॉब रिजेक्शन और 13 इंटरव्यू

850 जॉब रिजेक्शन और 13 इंटरव्यू

यही वो दौर था जब न सिर्फ नौकरी, बल्कि विदेश में सरवाइव करने का संघर्ष चल रहा था। दीर्घ कहते हैं, ‘बिना सोए गुजरी रातें, तनाव और वो दिन जब मुझे अपने हर कदम पर शक होता था। यह दौर जॉब मार्केट के लिए सबसे बुरे समय में से एक था, साथ ही विदेशी देश में अकेले होने का डर और वीजा की परेशानियां भी थीं। सब कुछ मेरे खिलाफ था, आप जो भी सोच सकते हैं, वो सब।’ दीर्घ ने 850 आवेदन किए और 13 इंटरव्यू भी दिए। लेकिन हर बार निराशा हाथ लग रही थी। उस समय भी दीर्घ ने हार नहीं मानी। वे लगातार कोशिश करते रहे।

आज माइक्रोसॉफ्ट में मोटी सैलरी वाली जॉब

आज माइक्रोसॉफ्ट में मोटी सैलरी वाली जॉब

दीर्घ का सफर आसान नहीं था। करीब 1.5 साल लगे, लेकिन संघर्षों के बाद भारतीय इंजीनियर दीर्घ कटारिया का विदेश में अच्छी नौकरी का सपना सच हो गया। अप्रैल 2026 में उन्हें दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से जॉब ऑफर मिला। दीर्घ को Azure VNET Team में सॉफ्टवेयर इंजीनियर IC2 पद दिया गया। इस पद पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का अनुमानित सालाना सैलरी पैकेज 70 से 90 लाख रुपये हो सकता है।

छात्रों के लिए बड़ी सीख है दीर्घ की कहानी

छात्रों के लिए बड़ी सीख है दीर्घ की कहानी

दीर्घ कटारिया की जर्नी स्टूडेंट्स को बहुत कुछ सिखाती है, जो इस प्रकार है-

  • निरंतरता और धैर्य: 850 आवेदन रिजेक्ट होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। वे लगातार कोशिश करते रहे और रिजेक्शन के बाद अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करते रहे।
  • नए स्किल्स सीखे: कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भी उनके अंदर कुछ नया सीखने की ललक थी। जब नौकरी नहीं मिल रही थी, उन्होंने हार मानने के बजाय जॉब मार्केट की डिमांड वाले स्किल्स सीखे। उन्होंने, पायथन, C#, .NET, क्लाउड, SQL, DSA और ऑटोमेशन जैसे डिमांडिंग सिकल्स सीखे और साइड प्रोजेक्ट्स बनाए।
  • सोशल मीडिया से दूरी: दीर्घ ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। वे कहते हैं, ‘सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी सिर्फ सफलता दिखाता है, उसके पीछे का संघर्ष नहीं।’
  • असफलताओं को सीखने का जरिया बनाया: दीर्घ की कहानी बताती है कि अपनी असफलताओं का सिर्फ नेगेटिव साइड न देखें। रिजेक्शन और इंटरव्यू से अपनी कमियों को पहचानें और अगली बार बेहतर तैयारी के साथ उतरें।

दीर्घ कहते हैं, ‘मुझे साइड प्रोजेक्ट्स बनाना, कंटेंट बनाना और कभी-कभी ऐसी चीजों के बारे में गहराई से जानना पसंद है जिन्हें सीखने की शायद मुझे जरूरत नहीं थी, लेकिन मैंने फिर भी सीखा।’
(All Photos Credit: Insta/deerghkataria)

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें