Success Story of a Software Engineer: दिल्ली-NCR के रहने वाले दीर्घ कटारिया आज दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने से वे 850 बार फेल हुए हैं। 13 इंटरव्यू देने के बाद भी उनके हाथ में कोई अच्छी नौकरी नहीं थी। फिर भी उनके कदम डगमगाए नहीं, बल्कि उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और जॉब मार्केट की डिमांड के हिसाब से नए स्किल्स सीखे।

शुरू से पढ़ाई में अव्वल
दीर्घ कटारिया की स्कूलिंग दिल्ली-NCR के एक प्राइवेट स्कूल से ही है। वे शुरू से पढ़ाई में होशियार रहे हैं। स्कूलिंग एकेडमिक रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 91.4% के साथ 10वीं परीक्षा पास की थी। 12वीं साइंस स्ट्रीम से उन्होंने 89.4% नंबर प्राप्त किए थे। हालांकि, स्कूल के दिनों में स्पोर्ट्स में उनकी काफी रुचि थी। स्कूल लेवल पर होने अलग-अलग गेम्स में हिस्सा लेते थे।
इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना
स्कूल के दिनों में दीर्घ ने ठान लिया था कि उन्हें आगे इंजीनियरिंग में करियर बनाना है। 12वीं क्लास में अच्छे स्कोर की वजह से उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने साल 2024 में यहां से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग (CSE) में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद आगे पढ़ाई के लिए विदेश चले गए।
विदेश में पढ़ाई और संघर्ष
मई 2024 में इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद, दीर्घ ने विदेश में आगे की पढ़ाई और अच्छी नौकरी का सपना देखा। वे आयरलैंड चले और यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (UCD) में एमएससी में एडमिशन लिया। पढ़ाई के दौरान वे अलग से अपने स्किल्स को निखारने की कोशिश कर रहे थे और जॉब की तलाश शुरू हो गई थी। अगस्त 2025 में दीर्घ ने डेटा एंड कंप्यूटेशनल साइंस (MSc) की डिग्री हासिल की।
850 जॉब रिजेक्शन और 13 इंटरव्यू
यही वो दौर था जब न सिर्फ नौकरी, बल्कि विदेश में सरवाइव करने का संघर्ष चल रहा था। दीर्घ कहते हैं, ‘बिना सोए गुजरी रातें, तनाव और वो दिन जब मुझे अपने हर कदम पर शक होता था। यह दौर जॉब मार्केट के लिए सबसे बुरे समय में से एक था, साथ ही विदेशी देश में अकेले होने का डर और वीजा की परेशानियां भी थीं। सब कुछ मेरे खिलाफ था, आप जो भी सोच सकते हैं, वो सब।’ दीर्घ ने 850 आवेदन किए और 13 इंटरव्यू भी दिए। लेकिन हर बार निराशा हाथ लग रही थी। उस समय भी दीर्घ ने हार नहीं मानी। वे लगातार कोशिश करते रहे।
आज माइक्रोसॉफ्ट में मोटी सैलरी वाली जॉब
दीर्घ का सफर आसान नहीं था। करीब 1.5 साल लगे, लेकिन संघर्षों के बाद भारतीय इंजीनियर दीर्घ कटारिया का विदेश में अच्छी नौकरी का सपना सच हो गया। अप्रैल 2026 में उन्हें दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से जॉब ऑफर मिला। दीर्घ को Azure VNET Team में सॉफ्टवेयर इंजीनियर IC2 पद दिया गया। इस पद पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का अनुमानित सालाना सैलरी पैकेज 70 से 90 लाख रुपये हो सकता है।
छात्रों के लिए बड़ी सीख है दीर्घ की कहानी
दीर्घ कटारिया की जर्नी स्टूडेंट्स को बहुत कुछ सिखाती है, जो इस प्रकार है-
- निरंतरता और धैर्य: 850 आवेदन रिजेक्ट होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। वे लगातार कोशिश करते रहे और रिजेक्शन के बाद अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करते रहे।
- नए स्किल्स सीखे: कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भी उनके अंदर कुछ नया सीखने की ललक थी। जब नौकरी नहीं मिल रही थी, उन्होंने हार मानने के बजाय जॉब मार्केट की डिमांड वाले स्किल्स सीखे। उन्होंने, पायथन, C#, .NET, क्लाउड, SQL, DSA और ऑटोमेशन जैसे डिमांडिंग सिकल्स सीखे और साइड प्रोजेक्ट्स बनाए।
- सोशल मीडिया से दूरी: दीर्घ ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। वे कहते हैं, ‘सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी सिर्फ सफलता दिखाता है, उसके पीछे का संघर्ष नहीं।’
- असफलताओं को सीखने का जरिया बनाया: दीर्घ की कहानी बताती है कि अपनी असफलताओं का सिर्फ नेगेटिव साइड न देखें। रिजेक्शन और इंटरव्यू से अपनी कमियों को पहचानें और अगली बार बेहतर तैयारी के साथ उतरें।
दीर्घ कहते हैं, ‘मुझे साइड प्रोजेक्ट्स बनाना, कंटेंट बनाना और कभी-कभी ऐसी चीजों के बारे में गहराई से जानना पसंद है जिन्हें सीखने की शायद मुझे जरूरत नहीं थी, लेकिन मैंने फिर भी सीखा।’
(All Photos Credit: Insta/deerghkataria)
